ADVERTISEMENT

आपका वोट

क्या राहुल गांधी भ्रष्टाचार खत्म करेंगे?

  • सही
  • गलत
  • पता नहीं
और भी

फोटो दीर्घा

Share

नेगिटव बाते सोचकर अपना काफीडेंस लूज नहीं करती आयशा टािकया

swatantravaartha  Sun, 10 Jan 2010, IST

नेगिटव बाते सोचकर अपना काफीडेंस लूज नहीं करती आयशा टािकया

आयशा टािकया की बास आिफस वयू चाहे जो भी हो पर उनकी पसनलिटी में एक तरह की इनोसेंसी िदखती है , उनकी यूट माइल सहज ही सबको अटट करने वाली है ।

आफ कीन कसी है आयशा, यह जानने के िलए आइये हमने उनसे बातचीत करते हए पूछा कि आपकी नजर में सफलता के या मायने है ? जवाब में उहोंने कहा,‘ अपनी शता] पर काम करना ही मेरी नजर में असली सफलता है । काम के नाम पर म पसा कमाने की मशीन बनने में विवास नहीं रखती, बकि काम को एवाय करती ।’ इसके बाद हमने जानना चाहा कि उनकी जिंदगी का टनिग वाइट कानसा ह ? िजसके जवाब में वे बोलीं,‘ अपने वायफड से मेरी मुलाकात जो आज मेरे पति ह। उसके बाद ही मुझमें एक अछी लडकी बनने की इछा जागत हइ थी आर उसी ने मुझे एक अछी लडकी बनने में मदद की।’ इसके बाद हमने उनसे पूछा कि या आपके मन में कभी फरहान को खोने का डर आता ह ? तो उनका जवाब था,‘ नहीं। म नेगेटिव बातें सोचकर कभी अपना काफीडेंस लूज नहीं करती। ’

आयशा का काफीडेंस लेवल देखकर हमने उनसे अगला सवाल किया कि वे अपना आइडल किसे मानती ह ? तो वे बोलीं,‘ म किसी को भी अपना आइडल नहीं मानती। मने कइ लोगों से अछी बातों की ेरणा जर ली लेकिन किसी को भी अपना आदश नहीं माना।’ फिर हमने उनसे पूछा कि आप अपने अदर की किस कमी को दूर करना चाहेंगी ? तो उनका जवाब था,‘ म बहत शाट टेंपर ह, बहत जदी नाराज हो जाती ह।

मुझमें धय की भी बहत कमी ह। अपने अदर की इस कमी को दूर करना चाहगी।’ फिर हमने जानना चाहा कि वे सुबह उठकर सबसे पहले या करना पसद करती ह ?जिसके जवाब में उहोंने कहा कि,‘सुबहसुबह म योगायास करती ह। इससे मुझे मानसिक शाति मिलती ह।’ इसके बाद हमने उनसे पूछा कि उनकी नजर में खूबसूरती के मायने या ह ? तो वे बोलीं,‘ पहले खूबसूरती कुदरती होती थी, लेकिन आज खूबसूरती को सजरी आर कामेटिक के सहारे गढा जा सकता ह। जहा तक मेरी नजर में खूबसूरती के मायने ह तो वह तो देखने वालों की आखों में होती ह, तभी तो कोइ आपको बहत अछा लग जाता ह तो कोइ बहत बुरा।’ फिर हमने उनसे पूछा कि आपकी नजर में तकदीर अधिक पावरफुल ह या तदबीर ? तो जवाब में उहोंने कहा,‘ आफकोस तकदीर। योंकि तकदीर के बिना एक पाा भी नहीं हिल सकता। जब हमारी तकदीर में कुछ पाना लिखा होता ह, तभी हम तदबीर करते ह उस चीज को पाने के लिए।’ अत में हमने उनसे पूछा कि लाइफ को डेडिकेट करता कोइ साग जिसे आप बेहद पसद करती हों ? तो उहोंने कहा,‘जिंदगी इक सफर ह सुहाना, यहा कल या हो, िकसने जाना।

आपकी राय