राखियों की शापिंग का नया जरिया बना इंटरनेट
रक्षाबंधन का त्यौहार आने को है और खरीदारी के लिए वक्त नहीं है तो परेशान मत होइए इंटरनेट पर आपकी इस परेशानी का हल है, बस अपनी पसंद की राखी और तोहफे चुनिए और कंप्यूटर के चूहे का कान उमेठ दीजिए, आपकी मनचाही चीज आपके अपनों तक सही समय पर पहुंचा दी जाएगी।
इंटरनेट पर बहुत सी ऐसी वेबसाइट हैं, जो राखियों और उनके साथ तोहफों की भी सौगात दे रही हैं। इन वेबसाइटों पर जरूरत के हिसाब से ऑर्डर देकर आप घर बैठे अपने अपनों तक तोहफे पहुंचा सकते हैं। ऐसी ही एक वेबसाइट गोफेस्टिवल डॉट कॉम के प्रतिनिधि सुदेश मीरतंजानी ने ईमेल के माध्यम से बताया कि वेबसाइट से राखियों का व्यापार सबसे ज्यादा महानगरों में होता है। मीरतंजानी ने बताया कि महानगरों में लोगों के पास समय की कमी है। ऐसे बहुत से लोगों ने वेबसाइट पर राखियों का ऑर्डर दिया है। हमने टारगेट बनाया है कि हम राखी के दो दिन पहले तक ऑर्डर करने वाले सभी लोगों को राखियां और उनके उपहार पहुंचा दें।मीरतंजानी ने अपनी वेबसाइट पर राखियां, मिठाई के डिब्बे, पूजा की थालियां, चॉकलेट और ऐसे ही बहुत से उत्पाद ऑर्डर करने के लिए रखे हैं। वेबसाइट पर ऑर्डर देने के बाद इसके जवाबी ईमेल से उत्पाद घर पहुंचने की तारीख बताई जाती है। इन वेबसाइट पर किसी भी उत्पाद से ज़ुडे पृष्ठ पर क्लिक करने पर उसके साथ दिए जाने वाले सभी उपहारों की सूची दिखाई दे जाती है। ऐसी वेबसाइटों में कोरलहब डॉट कॉम, ईशॉप डॉट वेबइंडिया१२३ डॉट कॉम और माउथशट डॉट कॉम जैसी वेबसाइट प्रमुख हैं।
एक अन्य वेबसाइट गेटइजीशॉपिंग डॉट कॉम की संयोजक नीता कोल्हापुरे ने बताया कि उपभोक्ताआें की पसंद पर राखियों की डिजाइनिंग का भी प्रावधान किया गया है।
नीता के मुताबिक हमारा उद्देश्य ऐसे लोगों के बीच पहुंचने का है, जो भ़ीडभ़ाड से बचते हुए त्यौहार का मजा लेना चाहते हैं। कोई भी त्यौहार हो, लोग अब इंटरनेट से खरीदारी करने के विकल्प की ओर जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वेबसाइट पर दिखाई गई वस्तु घर न पहुंचाने पर पैसे वापस किए जाने का भी प्रावधान है। इसके अलावा लोग अपने हिसाब से राखियों का कलर चेंज कर सकते हैं और उन्हें डिजाइन भी कर सकते हैं।
इसके अलावा कई वेबसाइट्स ऐसी भी हैं, जिन पर ऑर्डर देकर अपने संबंधियों को सीधे भी राखी पहुंचाई जा सकती है। इसके लिए क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग या एटीएम कम डेबिट कार्ड से निर्धारित राशि चुकाई जा सकती है। इसके अलावा राखी पहुंचने पर भी नगद राशि का भुगतान किया जा सकता है।
