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मैं नहीं मेरा काम बोलता है

Swatantra Vaartha  Sun, 22 Aug 2010, IST

मैं नहीं मेरा काम बोलता है

बॉलीवुड में आज भी ऐसे कलाकार हैं जो अच्छे से अच्छा काम करने में विश्वास करते हैं ना कि अपने काम का प्रचार करने में। इनका मानना होता है कि अच्छा काम खुद ही सफलता दिलवा देता है और उसके पीछे हमें भागने की कोई खास जरूरत नहीं होती। ऐसा माननेवाले कलाकारों में से एक है अजय देवगन। अजय की फिल्में जब रिलीज होती हैं तो वेे न इसका ज्यादा प्रचार करवाते हैं ना ही रिलीज से पहले मीडिया को अपना इंटरव्यू आदि देते हैं। वे साफतौर पर कहते हैं कि दर्शकों को उनका काम और फिल्म की कहानी पसंद आएगी तो ही फिल्म हिट होगी और फिल्म को हिट करवाने का कोई खास फार्मूला नहीं होता। फिल्म अच्छी होनी चाहिए बस।

अब तक अजय ने हर तरह के रोल किये हैं और वे किसी एक तरह के रोल करने में वैसे भी विश्वास नहीं करते क्योंकि फिर उसमें नया कुछ नहीं होता और वे अपने आपको दोहराना भी पसंद नहीं करते। उनका मानना है कि एक तरह के काम से इंसान जल्द ही ऊब जाता है और अगर नया होता रहे, हम खुद पर ही एक्सपरिमेंट करते रहें तो सब कुछ नया लगता है और हममें काम के प्रति उत्साह भी बना रहता है। उनकी पहली फिल्म ‘फूल और कांटे’ में उनका एक्शन रोल था और उसके बाद उन्होंने कई तरह के रोल किये। पर उन्हें खुद कभी लगता नहीं था कि वे कॉमेडी भी कर सकते हैं। ‘गोलमाल’ के लिए जब रोहित शेट्‌टी ने उनसे बात की तो वे एकदम सकपका गये क्योंकि उन्हें नहीं लगता था कि वे इस रोल को कर भी पाएंगे पर रोहित के विश्वास पर विश्वास करके उन्होंने वह रोल किया और उसके बाद क्या हुआ यह तो सभी जानते हैं। उन्हें उस रोल में काफी पसंद किया गया और ‘गोलमाल रिटर्न्स’ के बाद आज वे ‘गोलमाल ३’ की शूटिंग निपटा रहे हैं। ऐसा पहली बार हो रहा है कि किसी फिल्म का तीसरा पार्ट बन रहा है और अजय काफी उत्साहित है। वे कहते हैं , ‘गोलमाल’ के हिट होने से मेरे अंदर नया विश्वास आ गया कि मैं कॉमेडी भी कर सकता हूं और उसके बाद मैंने इस तरह के रोल करने शुरू कर दिये। मुझे ‘आल द बेस्ट’ में भी पसंद किया गया। बस इतना ही है कि मुझे सिचुएशनल कॉमेडी पसंद है सिर्फ वल्गर डायलॉग बोलकर, आडेतिरछे चेहरे बनाकर लोगों को हंसाना मुझे पसंद नहीं । कॉमेडी का भी एक क्लास होना चाहिए। यही सब सोचकर मैंने ‘अतिथि कब जाओगे’ भी की थी। वह भी हल्कीफुल्की कॉमेडी फिल्म थी जिसे लोगों ने पसंद किया।’

अजय अपने काम पर कभी इतराते नहीं और घमंड तो उन्हें छूकर भी नहीं गुजरता। वे कहते हैं कि हम कलाकार हैं और अपना काम कर रहे हैं अगर अच्छा काम करेंगे तो ही हमें पसंद किया जाएगा और हम यहां टिक पाएंगे, फिर अच्छे काम का घमंड कैसा क्योंकि काम तो अच्छा होना ही चाहिये। हां इतना जरूर है कि मैं अच्छा काम करके संतुष्ट होता हूं और अगर कुछ अच्छा न लगे तो मेरा ही मन मुझे कचोटता रहता है । मुझे यह कतई अच्छा नहीं लगता कि मैं खुद डंके की चोट पर लोगों को गिनवाऊं कि मैंने कितनी हिट फिल्में दी है। अगर मेरा काम उन फिल्मों में अच्छा होगा तो लोग खुद याद रखेंगे और वही मेरी उपलब्धि होगी। वैसे भी मैं नहीं मेरा काम बोलता है और यही होना भी चाहिये।

अजय और प्रकाश झा की दोस्ती तो चर्चित है ही तो यहां सवाल यह उठता है कि क्या अजय ने प्रकाश झा की हालिया रिलीज ‘राजनीति’ सिर्फ दोस्ती की वजह से तो नहीं की क्योंकि उसमें उनका रोल कोई खास ब़डा तो था नहीं ? जवाब में अजय कहते हैं ,‘ जी हां, मैंने राजनीति प्रकाश झा के कहने पर ही की और हम दोनों अच्छे दोस्त हैं। जब उन्हें लगा कि उस रोल को पर्दे पर मैं निभाऊं तो उन्हें ना कहने का तो सवाल ही नहीं उठता। मैंने फिल्म की और मुझे अपना रोल भी कन्विंसिग लगा। अब लोगों को मेरा रोल छोटा लगा तो मैं इतना ही कहना चाहूंगा कि हर फिल्म के हिसाब से रोल होता है और हर फिल्म ‘गंगाजल’ या ‘अपहरण’ तो नहीं होती कि मैं ही मैं नजर आऊं। वैसे भी रोल छोटाब़डा नहीं बल्कि अच्छा होना चाहिए, मैं सिर्फ अपने रोल के बारे में ही नहीं बल्कि पूरी फिल्म को ध्यान में रखकर सोचता हूं कि इस पूरी फिल्म में मेरा रोल क्या मायने रखता है।’ अब यहां सवाल यह उठता है कि फिल्म के प्रोमो में सिर्फ रणबीर कपूर और कैटरीना कैफ को ही दिखाया गया तो क्या उन्हें इस बात का बुरा नहीं लगा? जवाब में वे हंसकर कहते हैं ,‘देखिये म्युजिकल प्रोमो में गाना दिखाया जाता है जो उन दोनों पर ही फिल्माया गया। जब मुझ पर कोई गाना है ही नहीं तो कैसे दिखाते बाकी दूसरे प्रोमो में तो सबके साथ मुझे भी दिखाया गया। लोगों ने भी फिल्म को पसंद किया और यह सुपरहिट हुई तो अब यह सारी बातें करना बेमानी ही है।’

तो क्या झा की अगली फिल्म ‘आरक्षण’ में भी अजय होंगे तो इसके जवाब में अजय कहते हैं कि अभी कुछ पक्का नहीं हुआ है और अगर रोल मेरे लायक रहेगा तो मेरे न करने का सवाल ही कहां उठता है।

अजय की हालिया रिलीज ‘वन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई’ भी हिट हो गयी है और इसमें अजय ने डॉन की भूमिका निभायी है। ऐसे डॉन की जो अपने शहर से प्यार करता है और कोई भी काम प्यार से निकलवाने में ही विश्वास करता है । खूनखराबा उसे रास नहीं आता। इसमें उनके साथ इमरान हाशमी भी है । अजय का यह रोल भी पसंद किया जा रहा है।‘कंपनी’ के बाद फिर से इस तरह के रोल में उन्हें देखना काफी सुखद एहसास है।

ऐसा नहीं है कि कॉमेडी के चक्कर में अजय एक्शन को पूरी तरह भूल गये हों । हाल ही में उन्होंने प्रियदर्शन की एक्शन फिल्म ‘आक्रोश’ की शूटिंग निपटायी है और वे कहते हैं कि ‘कयामत’ के बाद इसमें मैंने एक्शन किया है और यह काफी अच्छी फिल्म है। जहां ‘गोलमाल ३’ कॉमेडी है तो ‘आक्रोश’ एक्शन फिल्म। तो अजय का हर तरह के रोल करने का सिलसिला बदस्तूर जारी है और वे खामोश तरीके से इंडस्ट्री में यूं ही अपनी उपस्थिति दर्ज कराते जा रहे हैं। देखना यह है कि आनेवाले समय में वे और क्या नया कर दिखाते हैं।

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