ADVERTISEMENT

आपका वोट

क्या राहुल गांधी भ्रष्टाचार खत्म करेंगे?

  • सही
  • गलत
  • पता नहीं
और भी

फोटो दीर्घा

Share

मुझे सफलता पाने की कोइ जदी नहीं है

Swatantra Vaartha  Sun, 17 Jan 2010, IST

मुझे सफलता पाने की कोइ जदी नहीं है

जब नील नितिन मुकेश ने ‘जानी गार’ िफल्म से अपने िफल्म करियर की शुआत की थी तब हर कोइ उहें बीते दिनों के पाव गायक मुकेश के पोते आर नितिन मुकेश के बेटे के प में जानता था पर अब सिफ चार फिमों के बाद ही नील ने बालीवुड में अपनी पहचान बना ली ह आर साथ ही अपने अभिनय का लोहा भी मनवा लिया। आज आलम यह ह कि फिम ‘जेल’ के लाप होने का असर भी उनके करियर पर नहीं पड रहा आर आज उहें हर बडा बनर व निर्देशक साइन करने के लिए बेताब ह। जहा यशराज बनर ने उहें दीपिका पादुकोण के साथ अपनी फिम के लिए साइन किया ह वहीं अबासमतान भी अपनी अगली फिम में उहें लेना चाहते ह आर इसी कतार में केन घोष आर कुणाल कोहली भी नजर आते ह।

दूसरी ओर जहा सब लोग ‘जेल’ लाप मान रहे ह वहीं नील के अनुसार इसने आसत बिजनेस किया आर यह लो बजट की फिम थी इसलिए इसकी लागत निकल गयी तो इसे लाप कसे माना जा सकता ह। खर, फिम का हश्र चाहे जो हआ हो पर नील के अभिनय को इस फिम में जर पसद किया गया आर फिम इडटी के कइ दिगज कलाकारों ने उनकी जमकर तारीफ की, इसलिए ‘जेल’ का सफर नील के लिए तो अछा ही साबित हआ जो अब उहें नामी गिरामी निर्देशकों से मिलवाकर उनकी फिमें भी दिलवा रहा ह। अपनी पहली ही फिम ‘जानी गार’ में नील के अभिनय की काफी तारीफ हइ । फिम लीक से हटकर थी आर नील का रोल भी कम महवपूण नहीं था, पर नील ने खुद को साबित किया। उस साल उनका नामिनेशन नवोदित कलाकार के प में फिमफेयर पुरकारों में हआ भी पर बाजी मार ले गये ‘सावरिया’ यानी रणबीर कपूर। नील को बुरा तो लगा पर वे उसके बाद आर अछा काम करने के बारे में सोचने लगे। इसके बाद आइ ‘आ देखें जरा’ जिसके लाप होने से उहें ाेफेशनल तार पर काफी नुकसान हआ आर नइ फिमों के आफर भी कम ही आए। वसे भी फिम इडटी में आम तार पर माना ही जाता ह कि जो हिट ह वही फिट ह आर जिसकी फिमें न चले उसका मार्केट अपने आप ही डाउन हो जाता ह। फिर आइ उनकी तीसरी फिम ‘यूयाक’ जिसमे उनके साथ जान अबाहम आर कटरीना कफ थे। फिम हिट हइ आर इसके हिट होने का फायदा उनके हिसे में भी आया। दशकों के साथसाथ समीक्षकों ने भी उहे पसद किया आर इससे यादा एक कलाकार को आर चाहिये भी या। मधुर भडारकर की ‘जेल’ के लिए उहोंने काफी मेहनत की, रोल अछी तरह निभाया पर फिम बास आफिस पर चली नहीं लेकिन नील के हिसे में अपने काम की वाहवाही जर आ गयी। इसके बाद ही तो कइ निर्देशकों ने उहें साइन किया आर वे अपनी चार फिमों से यह तो साबित कर ही चुके थे कि वे अलगअलग तरह के किरदार भी आसानी से निभा सकते ह आर किसी एक तरह की छवि के गुलाम वे नहीं ह।

सवाल यह उठता ह कि जब रणबीर को ‘सावरिया’ के लिए फिमफेयर मिला तो उहें बुरा नहीं लगा ? आर या वे रणबीर के रहते खुद को असुरक्षित महसूस नहीं करते ? जिसके जवाब में वे कहते ह ,‘देखिये मने अपना काम किया आर रणबीर ने अपना। हो सकता ह उहोंने मुझसे अछा काम किया हो तभी तो उहें पुरकार मिला, रही बात असुरक्षित महसूस करने की तो इस दुनिया में हम अकेले नहीं ह काम करने वाले , यहा सबके साथ , भीड में रहकर खुद को साबित करना होता ह। अकेला इसान कहीं रह नहीं सकता तो साबित या करेगा । म आर रणबीर दोत ह वह मेरे छोटे भाइ जसा ह , हम दोनों के परिवारों में भी गहरी दोती ह , वह अपने हिसे का काम कर रहा ह आर म अपने हिसे का, इसलिए बुरा मानने आर असुरक्षित महसूस करने का तो सवाल ही पदा नहीं होता।’नील के घर में शु से फिमी माहाल रहा । दादाजी मुकेश आर पापा नितिन मुकेश ने गायकी में खुद को साबित किया पर नील का झान शु से ही अभिनय की ओर रहा आर उहोंने अपने बचपन में भी बाल कलाकार के प में फिमों में अभिनय किया तभी तो उहें कमरे के सामने किसी तरह की कोइ दित पेश नही आती। वे घर में फिमफेयर पुरकारों को बचपन से देखते आ रहे ह आर उसे खुद हासिल करने का उनका सपना रहा ह ,देखना ह कब पूरा होता ह।

‘जेल’ के बाद कइ लोगों ने उहें कइ तरह की राय दी , आलोचना की, कहा की उहें अपनी डायलाग डिलेवरी सुधारनी चाहिए, कीन ेसेंस पर यान देना चाहिए आदि जिसके जवाब में नील इतना ही कहते ह कि उहें आलोचकों से कोइ परेशानी या परहेज नहीं ह पर फिम के न चलने से यू ही कलाकार के काम में खोट निकालना, किसी तरह की जानकारी के बगर कुछ भी राय देना गलत ह। जो महाशय यह कहें कि डायलाग डिलेवरी सुधारनी चाहिए वह अगर इस काम का विशेषज्ञ हो तभी उसका हक बनता ह कुछ कहने का वरना यू ही कहने के नाम पर कुछ कह देना ठीक नहीं । खर नील की हर जगह इस रोल के लिए तारीफ हो रही ह इसलिए उहें ऐसे मुटठी भर लोगों से कोइ खास शिकायत भी नहीं ह। उनके अनुसार सिफ दो साल में चार फिमें करके अपने आपको बालीवुड में थापित कर लेना कोइ कम बात नहीं ह , आर ऐसा करके वे काफी खुश ह। वसे वे यह कहने से भी नहीं चूकते कि उनके सबसे बडे आलोचक उनके पिता नितिन मुकेश ही ह , पर वे उनकी आलोचना करके चुप नहीं हो जाते बकि उहें उनकी गलती बताते ह जिससे वे उसे दोबारा दोहराए नहीं।

आपकी राय