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बीते वर्स की अतिरक्ष िवज्ञान की उपलिधया

Swatantra Vaartha  Sun, 17 Jan 2010, IST

last yearsबीते वर्स की अतिरक्ष िवज्ञान की उपलिधया

अतिरक्ष अवेषण की से वष २००९ काफी सफलता का वष रहा। विववियात अतरिक्ष दूरबीन हबल पेस टेलीकोप का अतरिक्ष में आखिरी सविसिंग मिशन बडी सफलता के साथ पूरा किया गया। वज्ञानिक महव की से भारत का चयान मिशन भी एक बडी उपलधि रही। अतराीय अतरिक्ष टेशन अफा का निमाण काय भी इस वष में काफी तेजी से चला तथा असेबली काया] से सबधित कुल १४ मानवयु आर मानवरहित उडाने इसके लिए सप हइ। खगोलिकी की से भी यह वष महवपूण रहा। हर्शेल अतरिक्ष ेक्षणशाला आर लक मिशन तथा केलर मिशन का मोचन इसी वष किया गया। भारत में अतरिक्ष कायकम को आगे बढाने के लिए पीएस एल वी मोचन राकेट की दो उडाने हइ तथा रियासेट, अनुसेट, ओसेनसट२ आर ६ विदेशी ननो उपगह मोचित किये गये।

विव में सचार यवथा को आर भी अधिक वितत करने के लिए इस वष अनेक सचार उपगह जसे इटलसट १४, इटलसट१५, यूटलसट डयू७, एशियासट५, हाटबड १० इयादि सचार उपगह अतरिक्ष में मोचित किये गये। कसिनी मिशन के ारा शनि गह के चमा में झीलों का पता किया गया। वष २०१० में पेस शटल रिटायर होने वाली ह तथा भावी अतरिक्ष अभियानों के लिए नासा ‘ओरियन’ अतरिक्षयान का विकास कर रहा ह जिसका मोचन एरीस १ मोचन राकेट के ारा किया जायेगा। इस सदभ में वष २००९ में एरीस १ एस राकेट की योगिक उडान सप हइ।

वष २००९ में अतरिक्ष में जाने वाले ययाेिं की सया कुल ४६ थी जिसमें ३ महिलाए तथा ४३ पुष थे। इनमें से ३७ पुष आर २ महिलाए अफा अतरिक्ष टेशन में गइ। ६ पुष आर एक महिला हबल अतरिक्ष दूरबीन के रिपेयर के लिए पेस शटल उडान एसटीएस१२५ के ारा अतरिक्ष में गये।

भारतीय अतरिक्ष कायकम

वष २००९ में इसरो (भारतीय अतरिक्ष अनुसधान सगठन) के दो महवपूण मोचन किये गये। इनका विवरण निन ह

क २० अपल २००९ को पीएसएलवी मोचन यान की पहवीं उडान के ारा सतीश धवन अतरिक्ष कें शार (एस डी एस सी शार), श्री हरिकोटा से दो उपगह रिसट२ आर अनुसट का मोचन किया गया। पीएसएलवी की इस उडान की सया थी पीएसएलवी सी१२ । रिसट२ एक राडार तिबिबन उपगह तिबिबन कर सकता ह। इसरो के लिए यह उपगह भूेक्षण, (विशेष कर बाढ के समय, तूफानों के दारान लडलाइड परिथिति आर आपदा बधन में) की से काफी उपयोगी ह। इस मिशन में एक ४० किगा भार का माइकोउपगह ‘अनुसट’ का भी मोचन किया। इस उपगह का निमाण आ विववािलय ने किया था। यह थम ायोगिक उपगह ह जिसे किसी भारतीय विव वािलय ने बनाया।

ख २३ सितबर २००९ को पीएसएलवी मोचन यान (उडान सया पीएसएलवीसी १५) के ारा भारत का ओसेनसट २ उपगह आर ६ विदेशी नेनो उपगहों का मोचन किया गया। ओसेनसट२ उपगह के तीनों नीतिभार समु रग मानीटर, विखरावमापी (कटेरोमीटर) आर वायुमडलीय अययन के लिए रेडियों अकूटेशन साउडर सफलतापूवक टेट किये गये आर अब वे महवपूण डाटा दान कर रहे ह।

च खोजी आरबिटर (एल आर ओ) का मोचन

च खोजी आरबिटर (एल आर ओ) नासा का एक रोबोटिक अतरिक्ष यान ह जिसका मोचन १० जून २००९ को अटलस त मोचन राकेट के ारा किया गया। वतमान में यह चमा से ५० किमी दूर इसकी धुवीय कक्षा (वह कक्षा जो चमा उारी आर दक्षिणी धुवों के ऊपर से गुजरती ह) में रहकर इसका मानचिण कर रहा ह। इस मिशन के साथ एक अय अतरिक्ष यान एलकास (यूनर केटर आजर्वेशन एड सेसिग सटेलाइट) भी मोचित किया गया। एलकास, मिशन का उेय चमा के थायी प से छाया में रहने वाले केटरों में जल बफ की उपथिति का पता करना था। इसके लिए एलकास अतरिक्ष यान से सेटार राकेट की उपरिटेज से च सतह को आघात दिया गया। इस आघात के फलवप च सतह से धूल का एक बवडर (लूम) उठा। इस लूम से ‘एलकास’ अतरिक्ष यान ने डाटा इका किया। च सतह पर यह आघात ९ अटूबर २००९ को सावकि समय ११३१ बजे किया गया।

एरीस १ एस राकेट का मोचन

वष २०१० में नासा अमेरिकी पेस शटल को रिटायर करने जा रहे ह तथा उसके थान पर अतरिक्ष में अतरिक्ष यायाेिं को ले जाने आर वापस लाने के लिए ‘ओरियन’ अतरिक्ष याी अतरिक्ष यान का विकास कर रहा ह। ‘ओरियन’ अतरिक्ष यान को अतरिक्ष में ले जाने के लिए एरीस १ मोचन राकेट का योग किया जायेगा। एरीस १एस एरीस १ कायकम की थम टेज ाेटोटाइप आर डिजाइन सकपना ह। एरीस १ कायकम अमेरिकी अतरिक्ष सथा नासा की भावी अतरिक्ष उडान का मोचन त ह। एरीस १एस राकेट का मोचन २८ अटूबर २००९ को किया गया।

एरीस १एस एरीस१ मोचन यान की भाति के मोचन यान की थम टेट उडान थी (इस उडान के ारा एरीस १ मोचन राकेट की वातविक उडान की भाति की परिथिति को सिमुलेट किया गया।

खगोलिकी के क्षे में

अतराीय खगोलिकी सघ ने वष २००९ को अतराीय खगोलिकी वष घोषित किया। इस तरह वष २००९ में वष १६०९ में महान खगोलशाी गलीलियो गली के ारा किये गये थम खगोलिकी ेक्षण की ४०० वीं वषगाठ मनाइ। वष २००९ में खगोलिकी के क्षे में निन काय सप हए

क हबल अतरिक्ष दूरबीन का आखिरी सविसिंग मिशन विव वियात हबल अतरिक्ष दूरबीन का अतरिक्ष में मोचन अल १९९० में पेस शटल डिकवरी के ारा किया गया था। गहरे अतरिक्ष के अयत मूयवान चि लेने वाली इस दूरबीन को ठीक करने के लिए पहले कइ बार सविसिंग मिशन भेजने पडे। इस बार इसके लिए आखिरी मिशन भेजा गया।

सविसिंग मिशन पेस शटल अटलाटीस के ारा ११ मइ २००९ से २४ मइ २००९ के बीच सप किया गया। ऐसी आशा ह कि आखिरी सविसिंग मिशन से यह दूरबीन बाड में आर भी अधिक गहराइ से देख सकेगी तथा बिगबग अवधि के समीप काल का अवलोकन कर सकेगी।

ख हर्शेल अतरिक्ष ेक्षणशाला का मोचन १४ मइ २००९ को योरपीय अतरिक्ष सथा की हर्शेल अतरिक्ष ेक्षणशाला का मोचन फेंच गुएना थित योरप के पेस पोट को से एरियन ५ इ सी ए मोचन राकेट के ारा किया गया। यह दूरबीन आकाश गगाआें के निमाण,टारों के निमाण तथा इसके अतरातारकीय मायम से इटर ऐशन का अययन करेगी। इसमें ३५ मीटर यास का दपण लगाया गया ह जो कि अब तक की मोचित सभी अतरिक्ष दूरबीनों में सबसे बडी दपण ह। यह थम अतरिक्ष दूरबीन ह जो दूरथ इफारेड से उप मिली मीटर तरग दय वाले पेटम का ेक्षण करेगी। इसको पवी से १५ लाख किमीदूर तीिय लेगरज बिदु पर थापित किया गया। हर्शेल दूरबीन के साथ एक अय उपगह ‘लक’ भी मोचित किया गया तथा इसे भी पवी से १५ लाख किमीदूर थापित किया गया। यह उपगह भी मूल प से एक दूरबीन ह जो १४००० मिलियन वष पहले का ेक्षण करेगा।

ग केलर मिशन नासा के केलर मिशन का डिजाइन अय टारों के इदगिद पवी की तरह के गहों की खोज के लिए किया गया ह। इसका मोचन ७ माच २००९ को किया गया। इस मिशन का जीवन काल ३५ वष का ह। इसमें एक फोटोमीटर लगा हआ ह जो १००,००० टारों की चमक (बाइटनेस) को मानीटर करेगा। इन ेक्षणों से ा डाटा का योग पीरियोडिक घटबढ (लचुएशन ) का विशेषण करने के लिए किया जायेगा जिससे अतिरि सार गहों (एटा सोलर लनेटस) का पता चलेगा।

घ कसिनी मिशन के ारा टाइटन चमा में पानी होने की पु

८ जुलाइ २००९ को कसिनी शनि गह मिशन (जिसका मोचन २००४ में किया गया था) के अतरिक्ष यान ने टाइटन चमा के झीलों से परावतित सूय के काश का एक लश फोटो लिया जिससे इस बात की पु होती ह कि टाइटन चमा में अनेक झीले ह। कसिनी अतरिक्ष यान से ा डाटा के विलेषण से यह भी पता चला ह कि टाइटन चमा के उारी गोलाթ में दक्षिणी गोलाթ की तुलना में अधिक झीलें ह।

च हशेल अतिरक्ष दूरबीन से लिया गया थम चि

इस चि में हर्शेल दूरबीन एक डाक लाउड के अत में देख रही ह जो एलाि कटेलेशन से १००० काश वष दूर ह। यह चि १६ दिसबर २००९ को लिया गया। हर्शेल अतरिक्ष दूरबीन का मोचन मइ २००९ में किया गया।

वष २००९ में अतरिक्ष विज्ञान के क्षे की विशि हतिया

१ दो अतरिक्ष पयटक २००९ में दो अतरिक्ष पयटक अतरिक्ष में गये तथा इनके नाम ह चास सिमोनी आर गाइ ललीबेटे। चास सिमोनी एक हगरीअमेरिकी कयूटर साटवेयर एजीयूटिव ह जो पहले माइकोसाट अलीकेशन गुप के मुख थे तथा वे अब अपनी निज की कपनी ‘इटरनेशनल साटवेयर’ का सचालन करते ह। अपना निजी खच उठाकर वे दो बार अतरिक्ष में जा चुके ह तथा अतरिक्ष में उनका गतय थल था अतराीय अतरिक्ष टेशन ‘अफा’। पहली बार वे ७ अल २००७ से २१ अल २००७ के बीच तथा दूसरी बार २६ माच २००९ से ८ अल २००९ के बीच अतराीय अतरिक्ष टेशन अफा में रहे। अब तक अतरिक्ष में ७ अतरिक्ष पयटक जा चुके ह लेकिन अतरिक्ष पयटकों में अकेले अतरिक्ष पयटक सिमोनी ह जो दो बार अतरिक्ष पयटन पर गये।

२००९ में अतरिक्ष पयटन पर जाने वाले य ह कनाडा वासी गाइ ललीबेटे जो एक फेंच कनाडियन यवसायी धमामा आर पोकर के खिलाडी ह। वे ३० सितबर २००९ से ११ अटूबर २००९ के बीच अफा अतरिक्ष टेशन में रहे।

२ नासा के नये शासक चास बोडेन : २३ मइ २००९ को अमेरिकी रापति ने नासा के नये शासक चास बोडेन के नाम की घोषणा की। १७ जुलाइ २००९ को बोडेन ने अपना नया पदभार सभाला। अमेरिकी ना सेना के सेवा निवा मेजर जनरल चास बोडेन पेस शटल उडानों एस टी एस६१ सी तथा एस टी एस ३१ में पायलट के प में तथा शटल उडानों एस टीएस४५ आर एस टी एस ६० में कमाडर के प में अतरिक्ष यााए कर चुके ह। उनका कुल अतरिक्ष वास २८ दिन ८ घटेे का रहा ह।

३ भारतीय अतरिक्ष अनुसधान सगठन (इसरो) के नये चेयरमन डाके राधाकणन ३१ अटूबर २००९ को इसरो के नये चेयरमन के राधाकणन ने अपना पदभार सभाला। इसके पहले डा राधाकणन इसरो के विकम साराभाइ अतरिक्ष कें के निर्देशक थे।

अतरिक्ष में दसवीं सालगिरह

दो एसकिरण ेक्षणशालाआें ने अतरिक्ष में काय करते हए अपनी दसवीं सालगिरह मनाइ। यूरोपीय अतरिक्ष सथा की अतरिक्ष ेक्षणशाला ‘एस एम एम यूटन’ का मोचन १० दिसबर १९९९ को किया गया था । इसी कार नासा की चा एस किरण ेक्षणशाला (भारतीय अमरिकी भातिक शाी सुबामनियन चशेखर को समान देने के लिए यह नाम रखा गया) का मोचन २३ जुलाइ १९९९ को किया गया। दोनों ही अतरिक्ष ेक्षणशालाआें ने खगोलिकी पेक्षण को एक नया आयाम दिया तथा अब भी कायरत ह।

वष २००९ में मोचित विभि उपगह

१ सचार उपगह

क इटलसट १४: यह इटलसट सथा का उपगह ह जिसका मोचन २३ नवबर २००९ को अटलस ५ राकेट के ारा किया गया। इसे अतरिक्ष में ४५ पचिमी देशातर पर थापित किया गया। मोचन के समय भार ५६६३ किगा तथा इसका जीवन काल १६ वष ह। इसमें ४० सी बड आर २२ कबड आवा के टासपाडर ह। यह अमेरिकी , यूरोपीय आर अफीकी देशों में सचार यवथा थापित करेगा।

खइटलसट १५ इटलसट सथा के इस उपगह का मोचन ३० नवबर २००९ को स के बेकानूर कामोडोम से किया गया। इसमें २२ सकिय क बड आवा वाले टासपाडर ह।

गहाटबड १० यह उपगह हाटबड ८ आर हाटबड९ से मिलता जुलता ह तथा इसमें ६४ कबड टासपाडर ह। इसका मोचन १२ फरवरी २००९ को एरियन ५ इ सी ए राकेट के ारा किया गया। इसकी अतरिक्ष में थिति १३ डिगी पूव देशातर ह।

घ यूटलसट डयू ७ उपगह २४ नवबर २००९ को यूटलसट सथा का ‘डयू ७’ उपगह ाेटान एम बीज राकेट के ारा मोचित किया गया। उपगह का भार ५६ टन ह तथा इसमें ७० कबड टासपाडर ह।

च जसी सट १२ उपगह यह एक जापानी सचार उपगह ह जिसका मोचन २१ अगत २००९ को फेंच गुएना के को मोचन कें से एरियन ५ इसी ए राकेट के ारा किया गया। ४ टन भार के इस सचार उपगह की जीवन अवधि १५ वष की ह।

२ पयावरण उगह

क गोसट यह एक गीन हाउस भाव जनित गसों का पेक्षण करने वाला उपगह ह जिसका मोचन २३ जनवरी २००९ को जापानी राकेट एच२ ए २०२ के ारा किया गया। यह जापानी अतरिक्ष सथा का उपगह ह।

३ मासम विज्ञानी उपगह

क गोस ओ इसे गोस१४ उपगह भी कहते ह। इसका मोचन २७ जून २००९ को किया गया। गोस कायकम का चालन अमेरिकी सथा राीय समुी एव वायुमडलीय शासन (नोआ) के ारा किया जाता ह। ‘गोस ओ’ मासम विज्ञानी उपगह में तिबिबक,साउडर, सार एसकिरण तिबिबक एस, बड, एल बड, यू एच एफ सचार चनेल लगे हए ह। इस उपगह में लगा डाटा सचयन त पवी की सतह में लगे रेन गाज, भूकप मापी टाइड गाज, लवन त, जल पोत, वचालित मासम टेशनों से ा डाटा ा करके उहें पवी के कें को भेजता ह।

ख एस एम ओएस इसका पूरा नाम ह मदा आѩता एव समुी लवणता (वायल वायचर एड ओसेन सलिनिटी) उपगह जिसका मोचन २ नवबर २००९ को किया गया। इसका मोचन योरपीय अतरिक्ष सथा सथा के ‘लिविंग लनेट ाेगाम’ के अतगत किया गया। इसका पमुख उेय मासम आर जलवायु की माडेलिग के लिए दो जटिल परिवतनीय गुणकों मदा आदता आर समुीन लवणता का लोबल मापना करना ह।

४ नेविगेशन उगह

क जी पी एसआर एम ये उपगह नवटार जी पी एस उपगहों की तीिय पीढी की ततीय विकसित टेज ह। इसके अतगत दो उपगह मोचित किये गये (२४ माच आर १७ अगत २००९ को)।

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