नये रायपालोंकी िनयुकत्तीया
सरकार ने ५ नये रायपालों की नियु की ह आर तीन का थानातरण किया ह। इसके साथ ही धानमी कायालय में भी फेरबदल की किया शु हो गयी ह। राीय सुरक्षा सलाहकार एमकेनारायणन को पचिम बगाल का तथा उनके डेपुटी रहे शेखर दा को छाीसगढ का रायपाल बनाया गया ह। अय नियुयाेिं में सवाधिक उेखनीय पूव गहमी शिवराज पाटिल की ह, जिहें पजाब ात सापा गया । कागेस काय समिति की सदय उमिला सिंह को हिमाचल तथा सऊदी अरबिया में भारत के राजदूत रहे एमओएचफाक को झारखड के राजभवन में थापित किया गया।
तीन थानातरणों में सवाधिक उेखनीय इएसएल नरसिहन का ह, जो अब आध देश के पूणकालिक रायपाल होंगे। अभी तक उनके पास इस राय का अतिरि भार था, लेकिन अब उहें छाीसगढ से मु कर दिया गया ह आर वे अपना शेष कायकाल आध देश के राजभवन में पूरा करेंगे। झारखड के रायपाल केशकर नारायण को महारा भेज दिया गया ह आर हिमाचल देश की रायपाल भा राव को राजथान थानातरित कर दिया गया ह।
इन नियुयाेिं से जाहिर ह कि राजनीतिक तथा कानून यवथा की से मुकिल समझे जाने वाले रायाेें में सुरक्षा यवथा के अनुभवी शासकों को भेजा गया ह। पचिम बगाल में राीय सुरक्षा सलाहकार तथा इटेलीजेंस यूरो के पूव निदेशक एमकेनारायणन की नियु को इसी तरह देखा जा रहा ह। उनकी नियु से पचिम बगाल की मासवादी सरकार कतइ खुश नहीं ह। छाीसगढ में शेखर दाा को भी इसीलिए नियु किया गया ह। नरसिहन को तेलगाना आदोलन के नियण में अदा की गइ भूमिका के लिए छाीसगढ से हटाकर पूरे समय के लिए आध देश में थापित कर दिया गयाहै ।
अब अटकले यह लगाइ जा रही ह कि राीय सुरक्षा सलाहकार का पद किसे दिया जाएगा। इस पद पर नइ नियु के लिए ही नारायणन को रायपाल बनाकर पचिम बगाल भेजा गया। नारायणन को रायपाल बनने में चि नहीं थी, लेकिन बदली परिथितियों में उहें यह वीकार करना ही था। अनुमान ह उनके थान पर पूव विदेश सचिव शिवशकर मेनन की नियु की जा सकती ह। वसे नाम याम सरन का भी चल रहा ह,जो मासम में बदलाव समेलन में धानमी के विशेष दूत के प में शामिल थे। वसे इन दोनों में मेनन का पलडा भारी दिख रहा ह। एक तो वह चीन आर पाकितान दोनों देशों में भारत के राजदूत की तरह काम कर चुके ह जो भारत की सुरक्षा के सबसे बडे बाहरी खतरे समझे जाते हआर परमाणु समझाते के किया के दारान एनएसजी (यूलियर सलायर गुप) के ाय: सभी देशों के साथ सघन बातचीत में महवपूण भूमिका अदा कर चुके ह।
गहमी चिदबरम जिस तरह आतरिक सुरक्षा के मसलों को धानमी कायालय या राीय सुरक्षा सलाहकार के दायरे से बाहर निकालने में लगे ह, उसके अनुसार राीय सुरक्षा सलाहकार के पास केवल विदेश खतरों से सबधित मामले ही रह जाएगे। ऐसे अब इस पर विदेशी मामलों के विशेषज्ञ की ही अधिक आवयकता रह गइ ह, आर उस क्षे में शायद मेनन सबसे अछी भूमिका निभा सकते ह। ऐसी आशा की जा रही ह कि आगामी गणत दिवस के पहले इस पद पर भी नइ नियु हो जाएगी। लेकिन धानमी कायालय के झाडपोंछ का काय शायद इतने से ही पूरा नहीं होगा। धानमी को वातव में उसका नये सिरे से पुनगठन करना चाहिए, योंकि उसमें भारी जडता आ गइ ह। वतमान गठबधन सरकारों की थिति में धानमी कायालय को अयधिक सकिय आर सक्षम होना चाहिए, योंकि के सरकार के काम काज की काफी कुछ जिमेदारी उसके ऊपर निभर करती ह।
बहन मायावती के जमिदन का ज्शान
बहजन समाज पार्टी के सथापक काशीराम ने कभी मायावती को उार देश की रानी कहा था, कितु अब मायावती ने सि कर दिया ह कि वह उार देश की रानी ही नहीं, महारानी ह। अपने ५४वें जमदिवस (१५ जनवरी) के अवसर पर उहोंने ‘मुयमी महामाया गरीब आथिक मदद योजना’ की घोषणा की, २६००० विचाराधीन कदियों की रिहाइ का आदेश दिया तथा ७३१२ करोड की सडक, भवन, पुल आदि की २६४ परियोजनाआें का शिलायास व लोकापण किया। इस अवसर पर राजधानी लखनऊ नीली रोशनी में नहाया था। बिजली के नीले रग के १० लाख लटटू पूरे शहर में मायावती की कीति रोशन कर रहे थे। जिला मुयालयों पर भी उसव की धूम थी। मुयमी ने राजधानी में अरबी फारसी विववािलय तथा मानवाधिकार आयोग के भवन का शिलायास किया तो शहर के मुय बस टेशन कसरबाग के नये भवन तथा चिकिसा विववािलय के शतादी भवन का लोकापण किया। उनकी उपयु महामाया गरीब आथिक मदद योजना के अतगत किसी अय पेंशन योजना में न आने वाले येक गरीब, बेसहारा तथा कमजोर य को ३०० महीने की पेंशन दी जाएगी। इससे करीब ३० लाख लोग लाभावित हो सकते ह।
मायावती का जमदिन हमेशा ही चचा का विषय रहता ह। पिछले वष यह जबरिया वसूली के लिए चचित हआ था, तो इस वष राय को बाटे गये उपहारों के लिए। विपक्षी दल आलोचना कर रहे ह कि मायावती अपना जमदिन भी सरकारी खर्चे पर मना रही ह आर किसी महारानी की तरह सावजनिक धन का निजी धन की तरह यय कर रही ह। उनके आवास पर उसव की चकाचाध तथा खाने पीने की यवथा देखकर कोइ भी किसी शाही उसव का अनुमान लगा सकता था। इस अवसर पर उनके राजनीतिक सफरनामे (आमकथा) के ५वें खड का विमोचन भी हआ। ११०० पों का यह खड उनकी अपनी टिपणियों व समरणों का सकलन ह। बताया जाता ह कि वह डायरी की तरह तिदिन अपनी सोच आर अनुभूतियों को लिखती ह, जिसे पुतक प में कमिक काशन की श्रखला शु की गइ ह।
मायावती कुछ भी करें, उनके अनुयायी पूरी तरह उनके साथ ह। विपक्ष की आलोचना से उनकी श आर बढती ह। राय में बिजली का जसा भी सकट हो, लेकिन ‘बहनजी’ का अनुयायी लखनऊ की नीली रोशनी देखकर गदगद ह। उनका ‘सवजन हिताय, सवजन सुखाय’ का नारा भी उनके अनुयायियों को बहत भा रहा ह। उहें लगता ह कि अब हम गरीब सवणा] पर भी दया करके कुछ देने की थिति में ह। अभी ताजाताजा हए विधान परिषद चुनावों ने यह माणित कर दिया ह कि विपक्षी दलों के तमाम यनों के बावजूद भी राय की राजनीति पर मायावती की पकड आर मजबूत होती जा रही ह। फिर यों न वह इस तरह अपने जमदिन का जन मनाए।
