नई दिल्ली। अगर सरकार ने विशेषज्ञ समूह की सिफारिशें मान लीं तो देश में सभी बड़ी व मझोली मैन्यूफैक्चरिंग कंपनियों का कास्ट आडिट [लागत लेखा अंकेक्षण] अनिवार्य हो जाएगा। इस समूह में तीन लेखा संस्थानों-भारतीय लेखाकार संस्थान [आईसीएआई], द इंस्टीट्यूट आफ कास्ट एंड वर्क्स एकाउंटेंट आफ इंडिया, व द इंस्टीट्यूट आफ कंपनी सेक्रटरीज आफ इंडिया के प्रतिनिधि शामिल हैं।
आईसीडब्ल्यूएआई के अध्यक्ष जी. वेंकटरमणन ने बताया कि समूह ने 50 करोड़ रुपये से ज्यादा कारोबार वाली सभी मैन्यूफैक्चरिंग कंपनियों को कास्ट आडिट के दायरे में लाने का सुझाव दिया है। रमणन विशेषज्ञ समूह के भी सदस्य हैं। फिलहाल कागज व चीनी समेत केवल 44 उत्पादों की मैन्यूफैक्चरिंग करने वाली कंपनियों के लिए ही यह आडिट कराना जरूरी है।
