भारतीय तेज गेंदबाजों में आक्रामकता नहीं : घावरी
नई दिल्ली। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले क्रिकेट टेस्ट में भारतीय गेंदबाजों के प्रदर्शन को ‘दिशाहीन’ करार देते हुए पूर्व तेज गेंदबाज करसन घावरी ने कहा है कि मेजबान गेंदबाजों में आक्रामकता का अभाव है और इशांत शर्मा तो सिर्फ ‘वन सीरिज वंडर’ साबित हुए हैं। पहले टेस्ट में सिर्फ छह विकेट चटका सके भारतीय गेंदबाज पूरी तरह प्रभावहीन साबित हुए। भारत को इस मैच में एक पारी और पांच रन से पराजय का सामना करना प़डा।
सत्तर के दशक में ३९ टेस्ट में १०९ विकेट ले चुके घावरी ने संवाददाताआें से कहा कि इसमें कोई शक नहीं कि हमारे गेंदबाजों में आक्रामकता नहीं है। लाइन और लैंग्थ का भी कोई ठिकाना नहीं है तो विकेट कैसे मिलेंगे। उन्होंने कहा कि नई गेंद संभालने वाले गेंदबाजों की जिम्मेदारी है कि वे बल्लेबाज को हर गेंद खेलने के लिये मजबूर करें, लेकिन हमारे गेंदबाज ऐसा नहीं कर पाये। मुझे लगता है कि वे अपनी ७० प्रतिशत ऊर्जा तो यूं ही बर्बाद कर देते हैं। दूसरी ओर डेल स्टेन को देखिये, उसने अपने प्रदर्शन से मैच का नक्शा बदल दिया।
शुरुआती दो विश्व कप खेल चुके घावरी ने खराब फार्म से जूझ रहे इशांत को आ़डे हाथों लेते हुए कहा कि इशांत ने अभी तक सिर्फ आस्ट्रेलिया में एक श्रृंखला में अच्छा प्रदर्शन किया है। उसमें वह चमक और लय नहीं दिखती,जो पदार्पण के समय थी। वह ‘वन सीरिज वंडर’ होकर रह गया है।
जहीर खान को मौजूदा भारतीय गेंदबाजों में सर्वश्रेष्ठ बताते हुए घावरी ने कहा कि उसे दूसरे छोर से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जहीर ने स्विंग, लाइन और लैंग्थ पर काबू करना सीख लिया है। वह इस समय भारत का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज है, लेकिन उसे दूसरे छोर से सहयोग नहीं मिला। उम्मीद है कि दूसरे मैच में श्रीसंत के आने से हालात बदलेंगे। उन्होंने कहा कि श्रीसंत के पास रफ्तार है और वह विकेट लेने का भी दम रखता है लिहाजा कोलकाता टेस्ट में धोनी को तीन तेज गेंदबाजों के साथ उतरना चाहिये।
घावरी ने भारतीय गेंदबाजों को टिप्स देते हुए कहा कि उन्हें बल्लेबाज को हर गेंद खेलने के लिये मजबूर करना होगा, तभी विकेट मिलेंगे। विकेट से दायेंबायें गेंद फेंकने का कोई फायदा नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि बल्लेबाजों को चाहिये कि स्टेन को ‘हौव्वा’ बनाने की बजाय उसकी काट तलाशें। पहले टेस्ट में पहली पारी में सात और दूसरी में तीन विकेट लेने वाले स्टेन ने कहर बरपाती गेंदबाजी की। घावरी ने कहा कि भारतीय बल्लेबाजों ने स्टेन से भी तेज गेंदबाजों को खेला है लिहाजा उसे हौव्वा नहीं बनाना चाहिये।
