टीम चुनने में ही चयन समिति ने गलती की: मोरे
नई दिल्ली। दक्षिण अफ्रीका के हाथों पहले टेस्ट में हार के लिये आलोचकों की कोपभाजन बनी चयन समिति पर भ़डास निकालते हुए पूर्व चयनकर्ताआें ने कहा कि दिनेश कार्तिक को बाहर रखकर वृद्धिमान साहा को टीम में शामिल करना भारी भूल थी।
भारत को नागपुर में पहले मैच में एक पारी और छह रन से पराजय का सामना करना प़डा। राहुल द्रव़िड जब़डे की चोट के कारण मैच नहीं खेल रहे थे, जबकि घायल वीवीएस लक्ष्मण के कवर के तौर पर शामिल किये गए रोहित शर्मा भी ऐन मौके पर घायल हो गए। ऐसे में टीम में रिजर्व विकेटकीपर की जगह शामिल किये गए साहा को अंतिम एकादश में मौका दिया गया।
पूर्व मुख्य चयनकर्ता किरण मोरे ने कहा कि टीम चुनने में ही चयन समिति ने गलती की।
दिनेश कार्तिक को बाहर रखना भारी भूल थी, क्योंकि मध्यक्रम में अनुभवी बल्लेबाज की कमी साफ तौर पर खली। वहीं पूर्व क्रिकेटर और चयनकर्ता चंदू बोर्ड ने कहा कि घरेलू श्रृंखला में रिजर्व विकेटकीपर को टीम में शामिल करने की तुक समझ में नहीं आई। जरूरत प़डने पर कुछ घंटों में विकेटकीपर की व्यवस्था हो सकती थी। ऐसे में साहा का चयन अतार्किक था। उन्होंने कहा कि घायल योद्धाआें के साथ जंग नहीं ल़डी जाती। महेंद्र सिंह धोनी के पास कोई विकल्प ही नहीं बचे थे। चयनकर्ताआें ने लक्ष्मण को क्यों चुना जब उन्हें चोट लगी थी।
अनफिट खिला़डयों के चयन की गलती स्वीकार करते हुए मुख्य चयनकर्ता क्रिस श्रीकांत ने कल कहा था कि इससे उन्होंने सबक ले लिया है और अब उन खिला़डयों को कतई नहीं चुना जायेगा जो सौ फीसदी फिट ना हों। बोर्डे ने कहा कि चयनकर्ताआें ने परिस्थिति का सही आकलन नहीं किया और उन्हें अंदेशा भी नहीं था कि ऐसा हो जायेगा। हम जब टीम चुनते थे तो गेंदबाज का स्टैंडबाय गेंदबाज और बल्लेबाज का बल्लेबाज ही होता था। चयन समिति ने स्टैंडबाय खिल़ाडी सही नहीं चुने अन्यथा यह नौबत ही नहीं आती।
उन्होंने कहा कि घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले कई बल्लेबाज थे जिन्हें टीम में जगह दी जा सकती थी। उन्होंने कहा कि मैं हमेशा से रणजी क्रिकेट में अच्छा खेलने वाले खिला़डयों को मौका देने की पैरवी करता आया हूं। हमारे पास प्रतिभाशाली बल्लेबाजों की कोई कमी नहीं है। मोरे ने कहा कि बंगलादेश दौरे पर सीनियर खिला़डयों को लेकर जाना ही चूक थी, जबकि युवाआें को वहां आजमाया जा सकता था। उन्होंने कहा कि बंगलादेश दौरे पर अनुभवी खिला़डयों के साथ जाना और यहां इतनी अहम श्रृंखला अनुभवहीन खिला़डयों के साथ खेलना समझ से परे है। साहा अच्छा खिल़ाडी है लेकिन उसे गलत समय पर खेलने उतरना प़डा। उसे बंगलादेश दौरे पर ले जाया जा सकता था। इसी तरह कुछ सीनियर को उस श्रृंखला में आराम दिया जा सकता था।
