क्या ईडन से जारी रहेगा लक्ष्मण का लव अफेयर ?
कोलकाता। दिन १४ फरवरी यानी वैलेनटाइन डे और कोलकाता ही नहीं भारत भर के क्रिकेट प्रेमियों की जुबान पर एक सवाल है कि क्या वीवीएसलक्ष्मण का ईडन गार्डन्स से लव अफेयर जारी रहेगा। चोट से उबरने के बादवापसी करने वाले लक्ष्मण के इस ईडन प्यार की भारतीय टीम को भी सख्त जरूरत है, जो दक्षिणअफ्रीका से पहला मैच गंवाकर यहां रविवार से शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट मैच में जीत दर्ज करके नंबर एक की कुर्सी कायम रखने के लिये बेताब है।
लक्ष्मण बंगलादेश में उंगली में चोट लगने के कारण नागपुर मैच में नहीं खेल पाये थे, जिसमें भारत पारी और छह रन से हार गया था, लेकिन अब वह उस मैदान पर वापसी करेंगे जिसमें उन्होंने कई ऐतिहासिक पारियां खेली हैं। भला आस्ट्रेलिया के खिलाफ २००१ की उनकी २८१ रन की पारी को कौन भाल सकता है, जिसके दम पर भारत फालोआन के बाद भी मैच जीत गया था। हैदराबाद के इस कलात्मक बल्लेबाज ने ईडन में अब तक आठ मैच की १३ पारियों में ८१६३ की औसत से सर्वाधिक ८९८ रन बनाये हैं, जिसमें तीन शतक भी शामिल हैं। यदि वह अगले मैच में १०२ रन बनाते हैं तो इस मैदान पर १००० टेस्ट रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज भी बन जाएंगे।
लक्ष्मण का ईडन प्रेम १९९८ से शुरू हो गया था जब उन्होंने आस्ट्रेलिया के खिलाफ पारी की शुरुआत करते हुए ९५ रन बनाये थे, लेकिन २००१ की ऐतिहासिक पारी तो उनका नाम इस मैदान से खास रूप में ज़ुड गया। तब भारतीय टीम आस्ट्रेलिया से मुंबई टेस्ट हारकर कोलकाता में फालोआन के लिये उतरी थी।
लक्ष्मण ने पहली पारी में छठे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए ५९ रन बनाये और कप्तान सौरव गांगुली ने दूसरी पारी में उन्हें उनके पसंदीदा तीसरे नंबर पर भेज दिया। लक्ष्मण ने २८१ रन की पारी खेलकर भारतीय क्रिकेट के इतिहास में नया अध्याय ज़ोड दिया। स्वयं लक्ष्मण का उस पारी के बारे में कहना है कि वह मेरे लिये खास पारी है क्योंकि मैंने यह पारी तब खेली, जबकि टीम को ब़डी पारी की जरूरत थी। लक्ष्मण पर उस पारी में कोई दबाव नहीं दिखा और उन्होंने अपनी कलाईयों की जादूगरी दिखाकर हजारों दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने तब भारत की तरफ से एक पारी में सर्वाधिक रन के सुनील गावस्कर (२३६) के रिकार्ड को त़ोडा।
गावस्कर ने तब लक्ष्मण बधाई देते हुए कहा था कि मेरी लक्ष्मण को बधाई। जिन मुश्किल परिस्थितियों में यह रिकार्ड बना उससे मैं बहुत खुश हूं। लक्ष्मण का यह रिकार्ड तो बाद में वीरेंद्र सहवाग ने त़ोड दिया, लेकिन इस हैदराबादी बल्लेबाज का ईडन प्रेम जारी रहा। इसके बाद जब वेस्टइंडीज की टीम २००२ भारत दौरे पर आयी तो लक्ष्मण ने कोलकाता में नाबाद १५२ रन की पारी खेली। भारतीय टीम तब भी संकट में थी, लेकिन लक्ष्मण की पारी से वह मैच ड्रा कराने में सफल रही।
पाकिस्तानी टीम के खिलाफ २००७ में लक्ष्मण ने फिर से ईडन पर सैक़डा ठोका। इस कलात्मक बल्लेबाज ने तब ११२ रन बनाये थे जिसमें उन्होंने अपने ड्राइव और फ्लिक का फिर से अद्भुत नजारा पेश किया था।
वर्तमान टीम में अन्य भारतीय बल्लेबाजों की बात करें तो सचिन तेंदुलकर ने इस मैदान पर नौ मैच की १६ पारियों में ४५५० की औसत से ६३७ रन बनाये हैं जिसमें एक शतक शामिल है। वीरेंद्र सहवाग ने यहां तीन मैच में ३९८३ की औसत से २३९ रन बनाये हैं लेकिन उन्हें यहां पहले शतक का इंतजार है।
जहां तक भारत का सवाल है तो उसने इस मैच पर अभी तक आठ मैच जीते हैं जबकि इतने मैच में ही उसे यहां हार का सामना करना प़डा। लेकिन पिछले दस साल से ईडन गार्डन्स पर भारतीय रिकार्ड शानदार रहा है। उसने २००० से यहां पांच टेस्ट मैच खेले हैं जिनमें से उसने तीन में जीत दर्ज की जबकि बाकी दो ड्रा रहे।
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच ईडन गार्डन्स पर अब तक दो मैच खेले गये हैं। इनमें से पहला मैच १९९६ में खेला गया था जिसे दक्षिण अफ्रीका ने रिकार्ड ३२९ रन से जीता था। यह वही मैच था, जिसमें गैरी कर्स्टन ने दोनों पारियों में शतक जमाया था, जो अब भारतीय कोच हैं। भारतीयों को निश्चित तौर पर उनके इस अनुभव का भी फायदा मिलेगा। इसके बाद ये दोनों टीमें २००४ में ईडन ग्रार्डन्स पर भ़िडी और इस बार भारत ने आठ विकेट से जीत दर्ज करके बदला चुकता कर दिया था। इस मैच में ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने दूसरी पारी में सात विकेट लिये थे। इस आफ स्पिनर ने ईडन पर अभी तक ३८ विकेट चटकाये हैं और लक्ष्मण की तरह उन्हें भी यह मैदान खूब रास आता है।
