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हमें कमतर आंकने की भूल मत करो : हैरिस

Swatantra Vaartha  Sat, 13 Feb 2010, IST

हमें कमतर आंकने की भूल मत करो : हैरिस

कोलकाता नागपुर में खेले गए पहले टेस्ट में मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर सहित चार भारतीय बल्लेबाजों को आउट करने वाले दअफ्रीकी बायें हाथ के स्पिनर पाल हैरिस ने कहा है कि उनके देश को स्पिनरों को कमतर आंकने की भूल नहीं करना चाहिए। हैरिस ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका की सफलता में स्पिनरों का योगदान अहम रहा है तो फिर यह समझ में नहीं आता कि क्यों उनकी आलोचना की जाती है। उन्होंने कहा कि नागपुर के पहले टेस्ट में भी उन्होंने तीन विकेट लिये। इसके अलावा इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भी सेंचुरियन टेस्ट में उन्होंने पांच विकेट लिये हैं।

उन्होंने कहा कि टीम में स्पिनरों की भूमिका को सदैव कम करके देखा गया है जो कि उनके लिए किसी भी दृष्टि से अच्छा नहीं है। उन्होंने कहा कि स्पिनरों को अपना जौहर दिखाने का मौका भी कम मिला है। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ संपन्न टेस्ट सीरीज का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्हें तेज गेंदबाज की कीमत पर अंतिम टेस्ट से बाहर कर दिया गया।

नागपुर टेस्ट में भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी व सचिन तेंदुलकर का विकेट लेने के बारे में पूछे जाने पर हैरिस ने कहा कि उन्होंने दोनों ही को एक रणनीति के तहत आउट किया। उन्होंने कहा कि धोनी को आउट करने के लिये उन्होंने रफ का इस्तेमाल किया, जबकि सचिन को लगातार लेग स्टंप से बाहर गेंदें कर आउट किया।

हैरिस ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट में धैर्य की असली परीक्षा होती है और भारतीय बल्लेबाज इसमें फेल हो गए। उन्होंने कहा कि मैंने लेग स्टंप से लगातार बाहर गेंद फेंककर भारतीय बल्लेबाजों के धैर्य की परीक्षा ली, लेकिन विपक्षी बल्लेबाज लगातार विकेट गंवाते चले गए। उन्होंने कहा कि जब मैं गेंदबाजी करता हूं तो मेरा ध्यान बल्लेबाजों को रन बनाने से रोकना होता है, लेकिन इस दौरान मैं बल्लेबाजों के धैर्य की पूरी परीक्षा लेता हूं।उन्होंने कहा कि सामान्यतया वह ओवर द विकेट गेंदबाजी करना पसंद करते हैं और यदि विकेट में थ़ोडी उछाल हो तो यह उनके लिए सोने पर सुहागा जैसा होता है।

हैरिस ने नागपुर में भारतीय टीम की रणनीति की आलोचना करते हुए कहा कि जब तीन दिन तक किसी टीम को दबाव में बल्लेबाजी करना होता है, तो खिला़डयों को आक्रामक रुख अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता कि भारतीय खिला़डयों ने लेग स्टंप के बाहर की गेंदों पर अभ्यास किया था या नहीं। उन्होंने भारतीय पर उन्हें कमतर आंकने का भी आरोप लगाया।

मिकी आर्थर के कोच के पद से त्यागपत्र देने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि अक्सर ऐसी घटनाआें से टीम बिखर जाती है, लेकिन यहां पहली बार देखने को मिला कि टीम एकजुट होकर खेली और जीत हासिल करने में सफल रही।

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