सहवाग व सचिन के शतक से भारत को ब़ढत
कोलकाता। वीरेंद्र सहवाग और सचिन तेंदुलकर ने अपनी शानदार फार्म जारी रखते हुए ईडन गार्डन्स पर भी शतक जमाये जिससे भारत ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ‘करो या मरो’ वाले दूसरे और अंतिम टेस्ट क्रिकेट मैच में आज यहां पहली पारी में ब़ढत बनायी।
सहवाग ने ४७ रन पर मिले जीवनदान का फायदा उठाकर १६५ रन बनाये, जबकि तेंदुलकर (१०६) ने अपना ४७वां शतक पूरा किया। इन दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिये २४९ रन की साझेदारी से भारत ने दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक पांच विकेट पर ३४२ रन बनाये हैं और उसने ४६ रन की ब़ढत हासिल कर ली है। दक्षिण अफ्रीका की टीम इससे पहले आज सुबह २९६ रन बनाकर आउट हुई।
भारत ने हालांकि दिन के अंतिम क्षणों में पांच रन के अंदर तीन विकेट गंवाकर मैच पर अपनी मजबूत पक़ड को कुछ ढीला किया, लेकिन ईडन गार्डन्स में कई बेहतरीन पारियां खेलने वाले वीवीएसलक्ष्मण अब भी नौ रन बनाकर क्रीज पर हैं। चोट के बाद वापसी करने वाले लक्ष्मण के साथ दूसरे छोर पर नाइटवाचमैन अमित मिश्रा एक रन पर खेल रहे हैं। नागपुर में पहला टेस्ट मैच पारी और छह रन से गंवाने के बाद भारत के लिये आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप में अपना नंबर एक का स्थान बरकरार रखने के लिये इस मैच में जीत या ड्रा चाहिए तथा आज जिस तरह से सहवाग और तेंदुलकर ने बल्लेबाजी की उससे दो टेस्ट मैचों की इस श्रृंखला में भारत टेस्ट रैंकिंग में दूसरे नंबर पर काबिज दक्षिण अफ्रीका पर पहली बार हावी दिखा।
सहवाग और तेंदुलकर ने नागपुर टेस्ट मैच में भी शतक जमाये थे, लेकिन वह भारत की हार टालने में असफल रहे थे। सहवाग ने फिर से डेल स्टेन एंड कंपनी की पूर्व नियोजित रणनीति की खिल्ली उ़डाने में कोई कसर नहीं छ़ोडी और कुल १७४ गेंद का सामना करके अपनी पारी में २३ चौके और दो छक्के लगाये। तेंदुलकर ने अपने कवर और स्ट्रेट ड्राइव का उत्कृष्ट नजारा पेश करके दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। उनकी २०६ गेंद की पारी में १२ चौके शामिल हैं।
सहवाग ने अपने सदाबहार अंदाज में भारत को तेज शुरूआत दिलायी। स्टेन ने श्रृंखला से पहले कहा था कि उन्होंने दिल्ली के इस विस्फोटक बल्लेबाज पर अंकुश लगाने के लिये खास रणनीति बनायी है, लेकिन इसी गेंदबाज पर उन्होंने लगातार तीन चौके ज़डकर अपने तेवर दिखाये और फिर मोर्ने मोर्कल के एक ओवर में भी तीन बार गेंद सीमा रेखा पार भेजी। उन्होंने वायने पार्नेल का स्वागत चौके और थर्ड मैन बाउंड्री पर छक्का लगाकर किया।
दूसरे छोर पर मोर्कल की उठती गेंद पर घायल होने के बावजूद गौतम गंभीर पूरे अधिकार से खेल रहे थे, लेकिन सहवाग के साथ गफलत में वह रन आउट हो गये। सहवाग ने उन्हें दूसरे रन के लिये बुलाया, लेकिन खुद वापस लौट गये। गंभीर बीच पिच में फंस गये और रन आउट होकर पैवेलियन लौटे। नये बल्लेबाज मुरली विजय ने भी मोर्कल की आफ स्टंप से बाहर जाती गेंद पर विकेटकीपर एबी डिविलियर्स को कैच थमाया। इससे सहवाग के बल्ले पर भी कुछ समय तक अंकुश लगा, जो तब २२ गेंद पर ४४ रन बनाकर सबसे तेज अर्द्धशतक के रिकार्ड के करीब थे। वह जब ४७ रन पर थे,तब मोर्कल की गेंद पर जेपी डुमिनी ने पहली स्लिप में उनका आसान कैच छ़ोडा। सहवाग को उनके निजी योग १२९ रन पर डिविलियर्स ने भी स्टंप करने का अवसर गंवाया, लेकिन दिल्ली के इस बल्लेबाज ने इससे पहले पार्नेल की गेंद पर प्वाइंट बाउंड्री पर चौका ज़डकर अपना १९वां टेस्ट शतक पूरा किया। इस बीच उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ १००० रन भी पूरे किये।
सचिन ने शुरू में सतर्कता बरती, लेकिन बाद में उन्होंने मोर्कल पर लगातार दो चौके ज़डकर अपने हाथ खोले। उन्होंने भी पार्नेल की गेंद पर चौका ज़डकर दअफ्रीका के खिलाफ पांचवां शतक और लगातार चौथे टेस्ट मैच में सैक़डा ज़डा। सहवाग और तेंदुलकर के चार रन के अंदर पैवेलियन लौट जाने से भारत के नये बल्लेबाज दबाव में आ गये जिसका दक्षिण अफ्रीका ने फायदा भी उठाया। सहवाग को आखिर में डुमिनी ने ही आउट किया, जिनकी आफ स्टंप से बाहर जाती गेंद पर ड्राइव करके उन्होंने शार्ट कवर पर एशवेल प्रिंस को कैच थमाया। सचिन लगातार दूसरे मैच में शतक पूरा करने के बाद पवेलियन लौटे। हैरिस की फ्लाइट लेती गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर स्लिप में जाक कैलिस के पास चली गयी। ग्रीम स्मिथ ने ऐसे समय पर स्टेन को गेंद थमायी, जिन्होंने नये बल्लेबाज एसबद्रीनाथ (१) को आफ कटर पर बोल्ड किया, जबकि लक्ष्मण भी हैरिस की गेंद पर आउट होतेहोते बचे। इस कलात्मक बल्लेबाज ने हालांकि सातवां रन पूरा करते हुए टेस्ट क्रिकेट में ७००० रन पूरे किये।
इससे पहले दक्षिण अफ्रीका ने सुबह नौ विकेट पर २६६ रन से आगे खेलना शुरू किया तथा अपने कल के स्कोर में ३० रन ज़ोडे। जहीर खान ने पार्नेल (१२) को आउट करके मैच में अपना चौथा विकेट हासिल किया। मोर्ने मोर्कल ११ रन बनाकर नाबाद रहे। दक्षिण अफ्रीका की इस अंतिम ज़ोडी ने ३५ रन की साझेदारी की।
