
लक्षमण व धोनी के शतकों से भारत ने शिंकजा कसा
कोलकाता, । वीवीएसलमण का इडन गाडस के ति जगजाहिर ेम जारी रहने आर कतान महें सिंह धोनी के करारे शतक से भारत ने आज यहा पहली पारी में ३४७ रन की विशाल बढत हासिल करके दक्षिण अफीका के खिलाफ दूसरे टेट किकेट मच पर मजबूत शिकजा कस दिया। लमण ने नाबाद १४३ रन बनाये आर इडन गाडस पर चाथा शतक लगाकर इस मदान पर १००० रन भी पूरे किये। धोनी ने उनका पूरा साथ दिया आर नाबाद १३२ रन बनाकर सातवें विकेट के लिए अटूट २५९ रन की रिकाड साझेदारी की, जिससे भारत ने अपनी पहली पारी छह विकेट पर ६४३ रन पर समात घोषित करके ३४७ रन की बढत बनायी।
पहली पारी में २९६ रन बनाने वाले दक्षिण अफीका ने तीसरे दिन खराब रोशनी के कारण दस ओवर पहले खेल समात होने तक बिना किसी नुकसान के छह रन बनाये ह आर उसे पारी की हार से बचने के लिये अब भी ३४१ रन की दरकार ह। असल में मासम के मिजाज को देखकर ही धोनी ने पारी समात घोषित की आर इसके बाद दक्षिण अफीकी पारी में केवल पाच गेंद ही फेंकी जा सकी। तब कतान गीम मिथ पाच आर एविरो पीटरसन एक रन पर खेल रहे थे। भारत को आइसीसी टेट चपियनशिप में नबर एक पर बने रहने के लिए इस मच में जीत या डा चाहिए तथा कल वीरें सहवाग (१६५) आर सचिन तेंदुलकर (१०६) के बाद आज लमण आर धोनी ने जिस तरह से बलेबाजी करके शतक जमाये उससे भारत की नबर वन कुर्सी सुरक्षित दिख रही ह। यह दूसरा अवसर ह, जबकि भारत की तरफ से एक पारी में चार बलेबाजों ने शतक लगाये।
लमण आर धोनी को सुबह शु में सघष करना पडा, लेकिन इन दोनों ने दअफीका के लचर क्षेरक्षण का फायदा उठाकर अपने इस तिۧी के खिलाफ पहली बार सकडा पूरा किया। इन दोनों ने इस बीच सातवें विकेट की साझेदारी का नया भारतीय रिकाड भी बनाया। इससे पहले यह रिकाड रवि शाी आर सयद किरमानी के नाम पर था, जिहोंने इलड के खिलाफ १९८४ में मुबइ में २३५ रन जोडे थे। लमण ने अपनी पारी में २६० गेंद खेली तथा १६ चाके लगाये आर इस बीच इडन गाडस पर १००० रन पूरे करने वाले पहले बलेबाज बने। लमण की तरह धोनी ने भी द अफीका के खिलाफ पहला शतक जमाया। उहोंने १८७ गेंद की अपनी पारी में १२ चाके आर तीन छके लगाये।
दक्षिण अफीका की मशहर पेस बटरी को दिन भर भारतीय बलेबाजों से जूझना पडा आर उहोंने तीसरे दिन जो ७७ ओवर किये उनमें उहें केवल एक विकेट मिला। यह विकेट भी नाइटवाचमन अमित मिश्रा का था, जिहोंने सुबह लमण के साथ मिलकर भारत की पारी पाच विकेट पर ३४२ रन से आगे बढायी थी। मिश्रा ने ३८ गेंद पर २८ रन बनाकर लमण के साथ छठे विकेट के लिये ४८ रन की साझेदारी की। मिश्रा जब पाच रन पर थे तब लिप में जस कलिस ने उनका कच छोडा था। लमण ने दूसरे छोर से जहा नियति बलेबाजी की वहीं मिश्रा ने डेल टेन आर पाल हरिस को निशाना बनाया। ऐसे में गीम मिथ ने जद ही ८४वें ओवर के बाद नयी गेंद ले ली। मिश्रा को इसके बाद फिर से २५ रन के निजी योग पर जीवनदान मिला जब मिथ ने शाट एटा कवर पर उनका कच छोडा।
मिश्रा की पारी का अत मोर्ने मोकल ने अगले ओवर में किया, लेकिन इसका श्रेय कलिस को जाता ह जिहोंने दूसरी लिप में उछलकर अछा कच लपका। दक्षिण अफीका के गेंदबाज काफी हताश थे योंकि उसके क्षेरक्षक आगे भी अपेक्षाआें पर खरे नहीं उतरे। धोनी जब २३ रन पर थे तब कलिस उनका कच नहीं ले पाये थे,जबकि लमण को ४८ रन के निजी योग पर जेपी डुमिनी ने जीवनदान दिया। हदराबाद का यह कलामक बलेबाज इसके बाद लगातार सातवें मच में ५० से अधिक रन बनाने वाला पाचवा भारतीय बलेबाज बना। लमण ने २००१ में इसी मदान पर सारव गागुली की कतानी में आटेलिया के खिलाफ २८१ रन की ऐतिहासिक पारी खेली थी आर आज जब यह पूव कतान दशक दीघा में माजूद था, तब उहोंने धय आर कलामकता का एक आर जानदार नमूना पेश किया। उहोंने तीसरे स के शु में ही लिक शाट से एक रन लेकर अपना १५वा टेट शतक पूरा किया आर इसके बाद कुछ आकषक शाट लगाये। धोनी भी जब शतक के करीब थे, तब उहोंने सतकता बरती आर डुमिनी की गेंद पर पडल वीप से एक रन लेकर अपना चाथा टेट शतक लगाया। इसके बाद उहोंने इसी गेंदबाज पर लगातार दो छके लगाये। मिथ ने यह साझेदारी तोडने के लिये काफी कोशिशें की, लेकिन उनके सारे यास विफल रहे। उहोंने नइ गेंद से कलिस को भी आजमाया आर हरिस से ५० ओवर करवाये, लेकिन उनका कोइ जुआ नहीं चला। भारत के यदि चार बलेबाजों ने शतक जमाये तो दक्षिण अफीका के चार गेंदबाजों ने १०० से अधिक रन दिये, जिसमें हरिस ने १८२ रन दिये,जबकि मोर्ने मोकल (११५ रन पर दो) सबसे सफल गेंदबाज रहे।
