दूसरे वनडे में लगेगा रनों का अंबार : क्यूरेटर
ग्वालियर वीरेंद्र सहवाग जैसे आक्रामक बल्लेबाजों के लिये यह खुशखबरी हो सकती है कि कप्तान रूपसिंह स्टेडियम के क्यूरेटरों ने दक्षिण अफ्रीका और भारत के बीच बुधवार को यहां होने वाले दूसरे एक दिवसीय क्रिकेट मैच के लिये बल्लेबाजों की ऐशगाह पिच तैयार करने का वादा किया है। तीन मैचों की श्रृंखला में भारत १० से आगे है।
ग्वालियर डिवीजन क्रिकेट संघ के क्यूरेटर अजय सहस्त्रबुद्धे ने आज कहा कि दो साल पहले बिछाई गई पिच मैच में इस्तेमाल की जायेगी जिसे जांचा, परखा जा चुका है। सहस्त्रबुद्धे ने संवाददाताआें संवाददाताआें से कहा कि पिच मार्च २००८ में बिछाई गई थी और इस पर कई घरेलू मैच खेले जा चुके हैं। हमने यहां अंडर २२ मैचों , दलीप ट्राफी और विजय हजारे ट्राफी की मेजबानी की है। पिछले दो साल में यह पिच बल्लेबाजों की मददगार रही है। मध्य प्रदेश क्रिकेट संघ के मुख्य क्यूरेटर समंदर सिंह चौहान ने कहा कि इस पिच पर टास की उतनी अहमियत नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि हम कोशिश कर रहे हैं कि पिच पूरे १०० ओवर तक जस की तस बनी रहे। मुझे नहीं लगता कि टास इतना अहम होगा हालांकि दूसरी पारी में स्पिनरों को मदद मिल सकती है पर उतनी नहीं।
सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि तटीय इलाकों में दूसरी पारी में बल्लेबाजी कठिन होती है, लेकिन यहां मौसम अच्छा है लिहाजा टास उतना अहम नहीं होगा। क्यूरेटर ने कहा कि ओस की भूमिका भी महत्वपूर्ण नहीं होगी।
जीडीसीए के क्यूरेटर ने कहा कि हम एपीएसए ८० स्प्रे का इस्तेमाल करेंगे जो स्प्रे के बाद भी घास को सूखा रखती है। जयपुर में कल के मैच में यह प्रयोग कारगर रहा, लिहाजा हम इसे यहां भी प्रयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि हर कोई यहां चौके छक्के देखना चाहता है। कोई भी नहीं चाहता कि पारी ड़ेढ घंटे में सिमट जाये। वनडे क्रिकेट रनों का खेल है।
सहवाग की पीठ में सूजन
जयपुर। स्टार सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग की पीठ में सूजन आ गई है लेकिन इससे उनका दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ग्वालियर में दूसरे वनडे में खेलना संदिग्ध नहीं है। टीम के एक अधिकारी ने कहा कि सहवाग की पीठ में सूजन है और कल उनका स्कैन कराया गया, लेकिन यह इतनी गंभीर नहीं है ।
