
सीरीज पर कजा करने के इरादे से उतरेगी टीम इंडिया
वालियर, २३ फरवरी (एजेंसिया) । जयपुर वनडे में मिली एक रन की रोमाचक जीत से उसाहित टीम इडिया यहा कटन पसिंह टेडियम में दक्षिण अफीका के खिलाफ वनडे सीरीज के दूसरे मच में बुधवार को सीरीज पर कजा करने आर एकदिवसीय रकिंग में अपना दूसरा थान बरकरार रखने के इरादे से मदान पर उतरेगी।
भारतीय टीम को यहा का मदान खूब भाता है। यह टीम इडिया के पसदीदा मदानों में से है, जहा टीम ने अपने ना में से सात मचों में जीत हासिल की ह। भारत को पिछली हार यहा १९९८ में कीनिया के खिलाफ मिली थी। इसके बाद टीम ने इस मदान पर यूजीलड,आटेलिया एव पाकितान जसी सशत टीमों को धूल चटाइ है। भारत आर दक्षिण अफीका के बीच इस मदान पर इससे पहले सिफ एक मच खेला गया ह,जिसमें मेजबान टीम ने ३८ रनों से जीत हासिल की थी। यह मच लगभग दो दशक पूव खेला गया था। इस मदान पर टीम इडिया का इतिहास अछा रहा है आर वतमान में वनडे मुकाबलों में टीम का दशन भी तारीफे काबिल है। ऐसे में मच में भारतीय टीम की जीत की आशा की जा सकती ह। वसे कतान महें सिंह धोनी की बिगेड भी चाहेगी कि होली से पूव किकेटेमियों को खुशी मनाने का एक आर माका दिया जाए।
वसे जीत हासिल करने के लिए टीम इडिया के धुरधरों को यहा रनों की होली खेलनी पडेगी। टीम की बलेबाजी का दारोमदार मुयप से सचिन तेंदुलकर आर कान धोनी पर होग। पीठ में दद की समया के कारण वीरें सहवाग के खेलने को लेकर थिति साफ नहीं है। उनके खेलने को लेकर फसला मच से पूव किया जाएगा। सचिन को यहा का मदान खूब भाता है। उहोंने इस मदान पर एक शतक एव दो अթशतक की मदद से कुल ३२९ रन बनाए है, जबकि कतान धोनी एव सहवाग ने पाकितान के खिलाफ पिछले मच में कमश: नाबाद ४५ एव ४३ रन बनाए थे। इसके अलावा दिनेश कातिक, सुरेश रना एव विराट कोहली भी हाल के दिनों में बढिया दशन कर रहे ह आर यहा भी उन पर सभी की नजर रहेगी। कातिक एव रना ने जयपुर वनडे में बढिया दशन कर अपने इरादे भी जतला दिए थे। यदि सहवाग यह मच नहीं खेले, तो तमिलनाडु के आलराउडर आर अविन को मिलने की सभावना ह योंकि पहले मच में जिस तरह से पिनरों की भूमिका रही थी उसे देखते हए कलाइ के पिनर अमित मिश्रा पर अविन को तरजीह दी जा सकती ह। यहा का ााउड भी छोटा है इस टि से भी अविन का पलडा भारी नजर आता है।
गेंदबाजी ारा शुआत में विकेट न ले पाना एव डेथ ओवरों में रन लुटाना अब भी टीम इडिया के लिए परेशानी का सबब बनी हइ ह। पिछले मच में वीण कुमार, रवीं जडेजा एव यूसुफ पठान को छोडकर बाकी गेंदबाज बढिया दशन नहीं कर पाए थे। जहीर की जगह शामिल किये गए श्रीसत एव दाीि के तेज गेंदबाज आशीष नेहरा तो खासे महगे रहे थे। इसके अलावा गेंदबाजों के लिए मेहमान टीम के निचले कम के बलेबाज परेशानी का कारण बने हए है। यह बात कोलकाता टेट के बाद जयपुर वनडे में भी देखने को मिली थी। सभव है कि तेज गेंदबाज सुदीप यागी एक बार फिर से अतिम एकादश में शामिल कर लिये जाए।
उधर दक्षिण अफीका के लिए शीषकम के बलेबाज परेशानी का सबब बने हए ह। टीम को अपने नियमित कतान ाीम मिथ की कमी पट प से खल रही है। लूटस बोसमन एव हशल गिस में से कोइ भी विकेट पर टिकने की हाित पहले वनडे में नहीं दिखा पाए। ऐसे में हाशिम अमला की वापसी हो सकती है, जबकि मयकम की कमान कतान जस कलिस,एबी डिविलियस एव अलविरो पीटरसन के हाथों में होगी।
कतान के प में कलिस को एक बार फिर अनिपरीक्षा देनी होगी। उहें साबित करना होगा कि वह सीरीज में वापसी कर सकते है। यदि कलिस यहा हार जाते ह,तो वह कतान के प में भारत के खिलाफ दूसरी वनडे सीरीज हारेंगे। इससे पूव २००७ में वह बेलफाट में तीन मचों की वनडे सीरीज में बढत लेने के बावजूद हार गये थे। गेंदबाजों की बात करें तो पिछले मच में कलिस के अलावा चास लेंगवेट ने अपने तीनों पल में बढिया गेंदबाजी की थी। डेल टेन विकेट न ले पाने के बावजूद भावी रहे। शीषकम के बलेबाजों के सामने कुछेक रन लुटाने के बाद टेन ने अतिम ओवरों में कसी हइ गेंदबाजी की थी। पिनरों में जोहान बोथा की जगह वान डेर मव को टीम में शामिल किया जा सकता ह या फिर सभव ह कि विकेट की ाति को देखकर एक तेज गेंदबाज को डाप कर दो पिनरों को शामिल किया जाए। पहले मच में दोनों टीमों ने बढिया क्षेरक्षण किया था।
वालियर का विकेट रनों से भरपूर ह। मदान के यूरेटर सहाबु का मानना ह कि यहा टास की भूमिका अहम नहीं होगी तथा ओस फटर भी परिणाम पर कुछ खास असर नहीं दिखा सकेगा। इस मदान पर पहली बार ३०० का कोर देखने को मिल सकता ह। इस मदान पर सवाधिक कोर (२८९) बनाने का रिकाड पाकितान के नाम ह,जो उसने १९९७ में श्रीलका के खिलाफ बनाया था।
टीम : भारत : महे सिंह धोनी (कतान), सचिन तेंदुलकर, वीरे सहवाग, विराट कोहली, दिनेश कातिक, सुरेश रना, रवी जडेजा, आरअविन, आशीष नेहरा, सुदीप यागी,वीण कुमार, अभिषेक नायर,यूसुफ पठान, अमित मिश्रा आर एसश्रीसत में से।
दअफीका :कलिस (कतान), अमला, लूटस बोसमन, जोहान बोथा, बुचर, डिविलियस, डुमिनी, गिस, चाल लेंगवेट, एबी मोकल, मोन मोकल, वेन पार्नेल, अलवीरो पीटरसन, डेल टेन, लोनवाबो टीसोसोबे,रोलोफ वान डेर मव ।
