तेंदुलकर ने दोहरा शतक भारतीयों को समर्पित किया
ग्वालियर। सचिन तेंदुलकर ने एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में इतिहास रचने के बाद अपने दोहरे शतक को भारतीय लोगों को समर्पित करते हुए खुलासा किया कि जब वह १७५ रन के पार पहुंच गये थे तब उन्हें लगा कि २०० रन के जादुई आंक़डे को छुआ जा सकता है।
सचिन ने आज दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे एकदिवसीय मैच में नाबाद २०० रन बनाये। वह वन डे में दोहरा शतक ज़डने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बने, जिससे भारत ने यह मैच १५३ रन के विशाल अंतर से जीता। उन्हें इस पारी के लिये मैन आफ द मैच चुना गया। सचिन ने मैच के बाद भारतीय क्रिकेट प्रेमियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मैं नहीं जानता कि इस उपलब्धि पर कैसे प्रतिक्रिया करूं। मैं इस दोहरे शतक को भारतीय जनता को समर्पित करता हूं, जो पिछले २० साल से मेरे उतार च़ढावों में हमेशा मेरा साथ देते रहे हैं। मैं उनके सहयोग को कभी नहीं भुला सकता। मास्टर ब्लास्टर ने इसके साथ ही खुलासा किया कि जब वह १७५ रन के पार पहुंच गये थे तभी उन्होंने दोहरा शतक ज़डने के बारे में सोचा, क्योंकि तब ४२ ओवर ही हुए थे।
उन्होंने कहा कि जब मैं १७५ रन के पार पहुंच गया और ४२वां ओवर चल रहा था तब मुझे लगा कि मैं दोहरे शतक तक पहुंच सकता हूं, लेकिन मैं इसी के बारे में नहीं सोच रहा था। जब मैं इसके बेहद करीब पहुंच गया तभी इस बारे में मैंने सोचना शुरू किया।
तेंदुलकर ने कहा कि वह अपनी क्रिकेट का पूरा लुत्फ उठा रहे हैं और उन्हें खुशी है कि उनकी पारी से टीम ने ब़डी जीत दर्ज की। उन्होंने कहा कि मैं अपने खेल का पूरा लुत्फ उठा रहा हूं और मैंने टीम के लिये जो सर्वश्रेष्ठ हो वही करने का प्रयास किया है।
बल्लेबाज के तौर पर मैंने कुछ गलत फैसले भी किये, लेकिन मैंने हमेशा टीम की भलाई के बारे में ही सोचा। तेंदुलकर ने कहा कि पचास ओवर तक बल्लेबाजी करना मेरी फिटनेस की अच्छी परीक्षा थी। पूरी पारी के दौरान मेरे शरीर ने पूरा साथ दिया। गेंद अच्छी तरह से बल्ले पर आ रही थी और मैंने अच्छे स्ट्रोक जमाये। इस स्टार बल्लेबाज ने इसके साथ कप्तान महेंद्र सिंह धोनी, दिनेश कार्तिक और यूसुफ पठान की भी तारीफ की जिन्होंने दूसरे छोर से उनका पूरा साथ दिया। उन्होंने कहा कि मेरा मानना था कि इस पिच पर ३४०३५० रन का स्कोर अच्छा रहेगा। उन्होंने कहा कि दिनेश कार्तिक, यूसुफ और धोनी ने बेहतरीन बल्लेबाजी की। यदि आप साझेदारी देखोगे तो प्रत्येक में ब़डे शाट खेले गये। यूसुफ ने लय बदली और धोनी ने अंत में शानदार बल्लेबाजी की। इसलिए मैंने एक रन लेकर धोनी को स्ट्राइक देने की कोशिश की क्योंकि वह तब अच्छे शाट जमा रहा था।
