ब्रेट ली ने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा
सिडनी। दुनिया के सबसे तूफानी गेंदबाजों में शुमार आस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज ब्रेट ली ने पिछले १४ माह से चोटों की समस्या से जूझने के बाद आज टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की। यहां एससीजी में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा करते हुए आस्ट्रेलिया के चौथे सबसे सफल गेंदबाज ने कहा कि वह एकदिवसीय और २०२० पर ध्यान केंद्रित करने और अपने परिवार के साथ अधिक समय बिताने के लिए टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह रहे हैं।
ली ने कहा कि मुझे आस्ट्रेलिया की ओर से टेस्ट क्रिकेट खेलने का गर्व है। खेल के इस प्रारूप से संन्यास लेने के मेरे फैसले का कारण यह है कि मैं अपने शरीर को चुस्त रख सकूं और खेल के अन्य प्रारूपों में देश का प्रतिनिधित्व जारी रख सकूं।उन्होंने कहा कि मेरे लिए यह अंत नहीं है। यह क्रिकेट और जीवनशैली की पसंद है।
ली ने कहा कि उनके कैरियर का अहम पल १९९९ में भारत के खिलाफ मेलबर्न में सदागोपन रमेश को बोल्ड करके पहला विकेट हासिल करना था।ली ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बावजूद पांच दिन मैचों को सर्वोच्च प्रारूप करार दिया और युवा गेंदबाजों को अपनी सारी ऊर्जा छोटे प्रारूपों पर ही केंद्रित नहीं करने की सलाह दी। उन्होंने का कि बेशक एकदिवसीय और २०२० के विशेषज्ञ गेंदबाज हैं, लेकिन मेरे लिए टेस्ट क्रिकेट सर्वोच्च है। २०२० में भाग्य काफी अहम होता है, एकदिवसीय में कुछ कौशल और कुछ भाग्य होता है, लेकिन टेस्ट क्रिकेट गेंदबाजों और बल्लेबाजों की परीक्षा होता है।
भारत के खिलाफ मेलबर्न में १९९९ में बाक्सिंगडे में ४७ रन देकर पांच विकेट चटकाते हुए टेस्ट कैरियर का आगाज करने वाले ली ने इस मैच में सात विकेट चटकाये। वर्ष २००८ में आस्ट्रेलिया के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर के लिए एलन बोर्डर पदक जीतने वाले ली ने पदार्पण के बाद ७६ टेस्ट में ३०८१ की औसत से ३१० विकेट चटकाये। ली ने १८६ एकदिवसीय मैचों में ३२४ विकेट भी अपने नाम किये।
