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दक्षिण अफ्रीका का सूप़डा साफ करने उतरेगी टीम इंडिया

Swatantra Vaartha  Sat, 27 Feb 2010, IST

south africa /vs india matchदक्षिण अफ्रीका का सूप़डा साफ करने उतरेगी टीम इंडिया

अहमदाबाद। श्रृंखला और आईसीसी वनडे रैंकिंग में दूसरा नंबर पहले ही अपने नाम कर चुकी भारतीय टीम कल औपचारिकता के तीसरे एक दिवसीय मैच में दक्षिण अफ्रीका का सूपडा साफ करने के इरादे से उतरेगी।

मेजबान टीम में चैंपियन बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग समेत कई स्टार खिल़ाडी नहीं हैं। ग्वालियर में दूसरे वनडे में २०० रन बनाकर इतिहास रचने वाले तेंदुलकर को इस मैच में आराम दिया गया है। वनडे क्रिकेट के इतिहास में पहला दोहरा शतक ज़डने वाले तेंदुलकर ने इंडियन प्रीमियर लीग से पहले तरोताजा रहने की कवायद में ब्रेक लिया है। वहीं वीरेंद्र सहवाग कमर की चोट के कारण बाहर है, तो गौतम गंभीर को कलाई में चोट लगी है। ऐसे में तमिलनाडु के मुरली विजय और उनके ही राज्य के दिनेश कार्तिक पारी की शुरुआत करेंगे। अब तक चार टेस्ट खेल चुके विजय के लिये वनडे क्रिकेट में अपनी उपयोगिता साबित करने का यह पहला मौका होगा।

दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज विशेषकर डेल स्टेन भारतीय बल्लेबाजी क्रम के शीर्ष क्रम को झटका देने के मौके को भुनाना चाहेंगे क्योंकि दूसरे वनडे में उन्हें तेंदुलकर के बल्ले से धूल चाटनी प़डी थी। स्टेन ने इससे पहले हुई टेस्ट श्रृंखला में विजय को परेशानी में डाला था। कार्तिक ने टेस्ट में पारी का आगाज किया था और शुरुआती दो वनडे में शानदार प्रदर्शन के बाद उनका उत्साह भी ब़ढा हुआ है। ग्वालियर में उन्होंने ७९ रन बनाये थे और तेंदुलकर के साथ दूसरे विकेट के लिये करीब दोहरे शतक की साझेदारी निभायी थी। सचिन तेंदुलकर, वीरेन्द्र सहवाग, गौतम गंभीर और युवराज सिंह की अनुपस्थिति में भी भारतीय मध्यक्रम जोश और उत्साह से भरा है, लेकिन नियमित क्रम की तुलना में काफी अनुभवहीन है। विपक्षी टीम को जीतने का इससे अच्छा मौका नहीं मिल सकता।

विराट कोहली, सुरेश रैना, रोहित शर्मा और रविंदर जडेजा जैसे युवाआें को मध्यक्रम में जिम्मेदारी सौंपी गयी है, जिसमें फार्म में चल रहे कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और यूसुफ पठान शामिल हैं। भारतीय गेंदबाज भी जहीर खान और हरभजन सिंह की अनुपस्थिति में कमजोर है, जिसमें मांसपेशियों के खिंचाव के कारण प्रवीण कुमार भी बाहर हैं।

टीम को सहवाग की भी कमी खलेगी, जो ज़डेजा और पठान के साथ धीमी गेंदबाजी का अच्छे विकल्प के तौर पर मदद करते थे। इससे लेग स्पिनर अमित मिश्रा या आर अश्विन के पास अंतिम एकादश में शामिल होने का मौका होगा।

आशीष नेहरा और एसश्रीसंत पर शुरू और अंत में अच्छी गेंदबाजी करने का काफी दबाव होगा। उन्हें सुदीप त्यागी या कर्नाटक के युवा अभिमन्यु मिथुन का सहयोग मिल सकता है।

भारतीय टीम की इन कमियों को देखते हुए दक्षिण अफ्रीका के पास ग्वालियर में मिली शिकस्त के बाद वापसी करने का अच्छा मौका होगा।

दक्षिण अफ्रीका की बल्लेबाजी दोनों मैचों में नहीं चली। जयपुर में कप्तान जाक कैलिस और ग्वालियर में एबी डिविलियर्स शीर्ष स्कोरर रहे, जिन्हें टीम के किसी साथी बल्लेबाज का साथ नहीं मिला।

शीर्ष क्रम में हर्शल गिब्स से काफी उम्मीदें थीं क्योंकि वह भारतीय पिचों और परिस्थितियों से बखूबी वाकिफ हैं, लेकिन उनका बल्ला दोनों वनडे में नहीं चमका। अब दक्षिण अफ्रीका को इस अनुभवी बल्लेबाज से एक मजबूत पारी की उम्मीद होगी।

जेपी डुमिनी पूरे टूर के सबसे ब़डे फ्लाप साबित हुए हैं। इस प्रतिभाशाली खिल़ाडी से काफी उम्मीदें होंगी, जिससे मेहमान टीम एक सात्वना जीत दर्ज कर सके। डुमिनी की आफ स्पिन भी निराशाजनक रही है, जिससे दक्षिण अफ्रीका की टीम की गेंदबाजी चिंतायें भी ब़ढ गयी हैं। तेंदुलकर और सहवाग जैसे धुरंधरों की कमी से तेज गेंदबाज स्टेन और वायने पार्नेल काफी राहत महसूस कर रहे होंगे, विशेषकर पार्नेल जो ग्वालियर में इस मास्टर बल्लेबाज को रोकने के लिये हर संभव प्रयास के बावजूद विफल रहे। अब ये दोनों भारत की नयी सलामी ज़ोडी को जल्दी पवेलियन भेजने की कोशिश करेंगे।

भारतीय टीम का इस मैदान पर मिश्रित प्रदर्शन रहा है, टीम ने यहां पांच मैच जीते हैं, जबकि पिछले तीन समेत छह मैच गंवाये हैं। मेजबान टीम ने पिछली जीत यहां सात वर्ष पहले नवंबर २००२ में वेस्टइंडीज के खिलाफ दर्ज की थी। क्यूरेटर धीरज प्रसन्ना ने भविष्यवाणी की है कि विकेट जयपुर और ग्वालियर की तरह बल्लेबाजों के मुफीद नहीं होगा, जिससे २६० रन से ज्यादा का स्कोर ब़ढया रहेगा।

टीम: भारत: एमएसधोनी (कप्तान), एमविजय, दिनेश कार्तिक, विराट कोहली, सुरेश रैना, रोहित शर्मा, यूसुफ पठान, रविंदर जडेजा, सुदीप त्यागी, एसश्रीसंत, आरअश्विन,अमित मिश्रा, अभिमन्यु मिथुन और आशीष नेहरा।

दक्षिण अफ्रीका: जैक्स कैलिस ( कप्तान), लूट्‌स बासमैन, जोहान बोथा, हाशिम अमला, मार्क बुचर, एबी डिविलियर्स, हर्शल गिब्स (विकेटकीपर), चार्ल लेंग्वेल्ट, एलबी मोर्कल, मोर्ने मोर्कल, वायने पार्नेल, एलविरो पीटरसन, डेल स्टेन, लोनवाबो सोतसोबे और रोल्फ वान डर मर्व।

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