सचिन ने कहा था किस्मत में होगा तो दोहरा भी बना लूंगा : सहवाग
नई दिल्ली। अपने बल्ले के दम पर लगभग दुनिया का अधिकतर बल्लेबाजी रिकार्ड अपने नाम करने वाले मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर भी भाग्य पर भरोसा करते हैं। इस बात का खुलासा किया है उनके ही क्लोन माने जाने वाले वीरेंद्र सहवाग ने।
ग्वालियर में सचिन द्वारा वनडे क्रिकेट में पहला दोहरा शतक बनाने के बाद सहवाग ने कहा कि गत वर्ष न्यूजीलैंड दौरे पर जब सचिन १६३ रन बनाने के बाद रिटायर्ट हर्ट हुए, तो मैंने उनसे कहा कि आपके हाथ से दोहरा शतक बनाने का अहम मौका हाथ से निकल गया, तो इस मास्टर बल्लेबाज ने जवाब दिया कि किस्मत में होगा तो यह रिकार्ड भी बन जाएगा।
सहवाग ने कहा कि सचिन ने ठीक ऐसी ही बात आस्ट्रेलिया के खिलाफ हैदराबाद वनडे में १७५ रन की पारी खेलने के बाद भी कही थी। जब सहवाग से यह पूछा गया कि क्या उन्हें पूरा विश्वास था कि सचिन अपना दोहरा शतक पूरा करेंगे, तो उन्होंने कहा कि जब सचिन १८० पर पहुंचे, तो मुझे लगने लगा कि आज एक नया इतिहास रचा जाएगा, लेकिन जब मेरे आदर्श सचिन १९० पर पहुंचे तो मुझे पूरा विश्वास हो गया कि आज वनडे क्रिकेट में नया रिकार्ड जरूर बनेगा।
उन्होंने कहा कि सचिन के १९० रन पर पहुंचने के बाद वह अपनी सीट से उठ ख़डे हुए और दोहरा शतक पूरा होने तक ख़डे रहे।
सहवाग ने कहा कि सचिन ने पूरे मैच के दौरान जो संयम दिखाया वह काबिलेतारीफ थी। उन्होंने कहा कि यदि मैं १९० पर होता तो तीनचार गेदों के अंदर दोहरा बनाने की कोशिश करता,लेकिन सचिन ने ऐसा नहीं किया और पूरा संयम दिखाते हुए नया इतिहास रचा।
उन्होंने कहा कि मैं सचिन को दस वर्ष से खेलते हुए देख रहा हूं और वह जिस तरह से खेलते हैं वह कोई और नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि सचिन का बैकफुट पर जाकर कवर ड्राइव और स्कवायर कट लगाना काफी दर्शनीय होता है। उन्होंने कहा कि लोग कहते हैं कि सचिन १९९८ में अपने कैरियर के सर्वश्रेष्ठ फार्म में थे पर उनका मानना है कि इस समय वह अपने सर्वश्रेष्ठ फार्म में हैं।
सहवाग ने कहा कि तिहरा शतक बनाने के बाद क्रिकेट पंडितों ने यह अनुमान लगाया कि वनडे का पहला दोहरा शतक उनके नाम होगा,लेकिन वह कभी १२०१३० से ज्यादा का स्कोर नहीं कर पाये। उन्होंने कहा कि मुझमें और सचिन में यही सबसे ब़डी भिन्नता है। सचिन शतक बनाने के बाद भी गेंदबाजों को कोई मौका नहीं देते,जबकि मेरे आउट होने की संभावना किसी भी समय बनी रहती है।
