कैलिस व डिविलियर्स ने भारत को क्लीन स्वीप से रोका
अहमदाबाद। कप्तान जैक्स कैलिस और फार्म में चल रहे एबी डिविलियर्स के नाबाद शतकों तथा डेल स्टेन की घातक गेंदबाजी से दक्षिण अफ्रीका ने अपने तीखे तेवरों का खुलकर इजहार करते हुए तीसरे और अंतिम एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैच में आज यहां भारत को ९० रन से शिकस्त देकर जीत के साथ भारतीय दौरे का अंत किया।
भारत पहले दोनों मैच जीतकर श्रृंखला अपने नाम पर कर चुका था लेकिन दक्षिण अफ्रीका ने उसकी क्लीन स्वीप की इच्छा पूरी नहीं होने दी। उसने पहले भारत के कमजोर आक्रमण की धज्जियां उ़डायी और फिर सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग के अनुपस्थिति वाले बल्लेबाजी क्रम को अच्छी तरह से झकझोरा।
कैलिस ने ९४ गेंद नाबाद १०४ रनजबकि डिविलियर्स ने ५९ गेंद पर नाबाद १०२ रन की आकर्षक पारियां खेली तथा तीसरे विकेट के लिये १०३ गेंद पर रिकार्ड १७३ रन की अटूट साझेदारी की। इनसे पहले लूट्स बोसमैन (६८) और हाशिम अमला (८७) ने पहले विकेट के लिये ११३ रन ज़ोडे जिससे दक्षिण अफ्रीका ने दो विकेट पर ३६५ रन बनाये, जो भारत के खिलाफ उसका सर्वाधिक स्कोर है।
भारतीय पारी शुरू में ही लख़डा गयी तथा विराट कोहली (५७), रोहित शर्मा (४८) और सुरेश रैना (४९ रन) के प्रयासों के बावजूद टीम ४४३ ओवर में २७५ रन पर सिमट गयी। भारत ने इस तरह से श्रृंखला २१ से अपने नाम की। दक्षिण अफ्रीका की तरफ से स्टेन और लोनवांडो सोतसोबे ने तीनतीन जबकि स्पिनर जोहान बोथा और रीलोफ वान डर मर्व ने दोदो विकेट लिये। बोथा ने हालांकि इसके लिये ८० रन खर्च किये।
तेंदुलकर और सहवाग को विश्राम देने के कारण दिनेश कार्तिक और अपना पहला मैच खेल रहे मुरली विजय पारी का आगाज करने के लिये उतरे। कार्तिक (११) ओपनर के तौर पर नहीं चल पाये और स्टेन की गेंद पर मिड आफ क्षेत्र में ख़डे अमला को सीधा कैच देकर पवेलियन लौटे। विजय (१६ गेंद पर २५) भी जब पूरे प्रवाह में दिख रहे थे, तब सोतसोबे की गेंद उनके दस्तानों को चूमती हुई विकेटकीपर मार्क बुचर के दस्तानों में समा गयी जिन्होंने चार कैच और एक स्टंप किया।
कोहली और रोहित ने तीसरे विकेट के लिये १९४ ओवर में ९५ रन की साझेदारी करके विकेट गिरने का क्रम रोका, लेकिन वे टीम को ब़डा लक्ष्य देखते हुए अपेक्षित तेजी देने में नाकाम रहे। रोहित जब अर्द्धशतक से दो रन दूर थे तब उन्होंने बोथा की फुलटास गेंद डीप स्क्वायर लेग में सोतसोबे में पास पहुंचा दी। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (०९) ने जोहान बोथा पर छक्का ज़डा लेकिन बुचर ने स्टेन के अगले ओवर में एक हाथ से उनका कैच लेकर भारत को करारा झटका दिया। स्टेन ने इसी ओवर में कोहली की पारी का अंत किया जिन्होंने छठा वन डे अर्धशतक पूरा करने के बाद गेंद थर्ड मैन की तरफ भेजने के प्रयास में बुचर को आसान कैच थमाया। उन्होंने ७१ गेंद खेली तथा चार चौके और एक छक्का लगाया। यूसुफ पठान (५) भी लंबा शाट खेलने के प्रयास में सीमा रेखा पर कैच देकर पवेलियन लौटे। रैना ने स्टेन की पगबाधा की विश्वसनीय अपील और फिर कैच छूटने का फायदा उठाकर ३० गेंद पर ४९ रन की तूफानी पारी खेली, लेकिन बोथा ने उन्हें अर्द्धशतक पूरा नहीं करने दिया जिनकी गेंद पर उन्होंने हवा में उछालकर सबस्टियूट वायने पार्नेल को कैच दिया। उनकी पारी में पांच चौके और एक छक्का शामिल है।
रविंदर जडेजा (३६) और अपना पहला मैच खेल रहे अभिमन्यु मिथुन (२४) ने कुछ आकर्षक शाट खेले लेकिन इससे वह जीत का अंतर ही कम कर पाये।
इससे पहले भारतीय गेंदबाजों को शुरू से संघर्ष करना प़डा। टेस्ट श्रृंखला के नायक अमला ने अपना पहला मैच खेल रहे तेज गेंदबाज अभिमन्यु मिथुन का लगातार दो चौके जमाकर स्वागत किया। एस श्रीसंत की नोबाल पर पठान को कैच देने वाले बोसमैन ने इस जीवनदान का फायदा उठाते हुए केरल के इस गेंदबाज पर पारी का पहला छक्का जमाया। इसके बाद उन्होंने पठान की गेंद पर लांग आफ पर छक्का जमाकर ३६ गेंद पर अपना अर्द्धशतक पूरा किया। हालांकि आखिर में वह इसी गेंदबाज का शिकार बने।
अमला और कैलिस ने दूसरे विकेट के लिये १७१ ओवर में ७९ रन की साझेदारी करके पारी को मजबूती दी। जडेजा ने अमला को अपना पहला मैच खेल रहे विजय के हाथों कैच कराकर यह साझेदारी त़ोडी। ग्वालियर में पिछले मैच में शतक जमाने वाले डिविलियर्स ने इसके बाद कैलिस के साथ शानदार भागीदारी की। इन दोनों ने अंतिम दस ओवर में इन दोनों ने १२२ रन ज़ोडे। कैलिस ने ४९वें ओवर में श्रीसंत पर लगातार दो छक्के जमाकर अपना १७वां वनडे शतक पूरा किया,जबकि डिविलियर्स ने अगले ओवर में रोहित शर्मा पर छक्का और चौका ज़डकर लगातार दूसरे मैच में सैक़डा ज़डा। कैलिस ने अपनी पारी में पांच चौके और तीन छक्के, जबकि डिविलियर्स ने ११ चौके और तीन छक्के लगाये। भारत के तीन तेज गेंदबाजों ने मिलकर २०५ रन दिये जिसमें सबसे अनुभवी श्रीसंत खर्चीले साबित हुए। उन्होंने नौ ओवर में ८३ रन दिये। जडेजा सबसे सफल गेंदबाज रहे उन्होंने ५३ रन देकर एक, जबकि युसूफ पठान ने ६६ रन देकर एक विकेट लिया
