विजयी शुरुआत करना चाहेगा विश्व विजेता जर्मनी
नई दिल्ली। गत चैंपियन जर्मनी हॉकी विश्व कप के पहले मुकाबले में सोमवार को जब कोरिया के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करने उतरेगा तो लगातार दो बार के इस विश्व विजेता के जेहन में विजयी शुरुआत करने की इच्छा हिलोरे मार रही होगी।
जर्मनी पिछले दो विश्व कप का विजेता है और उसके कप्तान मैक्सीमिलन म्यूलर विश्व कप की हैट्रिक बनाने को बेताब होंगे। पूल ‘ए’ के इस मैच में जर्मन टीम को एक बार फिर से इस खिताब का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। ऐसे में कोरिया को अपने इस मजबूत प्रतिद्वंद्वी से सावधान रहने की जरूरत है।
जर्मनी का कोरिया के खिलाफ विश्वकप में प्रदर्शन भी शानदार रहा है। दोनों टीमों ने विश्व कप में चार मैच खेले हैं, जिसमें जर्मनी को दो में जीत मिली है और दो मैच ड्रा रहे हैं। इस तरह जर्मनी का कोरिया के खिलाफ रिकार्ड काफी शानदार हैं।
दोनों टीमों के बीच १९९४ विश्वकप के पहले राउंड में खेला गया मैच ११ की बराबरी पर छूटा था, जबकि १९९८ के पहले राउंड के मैच में जर्मनी ने २१ से जीत दर्ज की थी। इसी तरह २००२ विश्वकप के सेमीफाइनल मुकाबले में जर्मनी ने एक बार फिर ३२ से बाजी मारी थी,लेकिन २००६ के पहले राउंड के मुकाबले में दोनों के बीच मुकाबला गोलरहित बराबरी पर छूटा था।
जाहिर तौर पर कोरिया का मुख्य लक्ष्य एक बार फिर २००६ के इतिहास को दोहराना होगा। यानी कम से कम ड्रा पर जर्मनी को रोकना, लेकिन उसके लिए यह इतना आसान भी नहीं होगा। जर्मन कप्तान म्यूलर ने टूर्नामेंट शुरू होने से पहले कहा था कि उनकी टीम पर खिताब जीतने का कोई दबाव नहीं है और वे अपना नैसर्गिक खेल खेलकर शानदार प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे। म्यूलर ने कहा था कि हम दो बार के विश्व चैंपियन हैं और हम पर खिताबी हैट्रिक बनाने का कोई दबाव नहीं है। लेकिन हां इतना जरूर है कि हर टीम जीतने के लिए ही टूर्नामेंट में उतरती है तो ऐसे में हमारा लक्ष्य भी जीत ही है। जर्मन कप्तान ने साथ ही माना कि लगातार दो बार विश्व कप विजेता होने के कारण टीम पर कुछ दबाव तो जरूर होगा। उन्होंने कहा कि हम टूर्नामेंट में बेहतर प्रदर्शन करने को बेताब हैं।
