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जीत की लय बरकरार रखने उतरेगा भारत

Swatantra Vaartha  Tue, 2 Mar 2010, IST

जीत की लय बरकरार रखने उतरेगा भारत

नई दिल्ली। पहले ही मैच में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान पर धमाकेदार जीत दर्ज करने के बाद आत्मविश्वास से लबरेज भारतीय हॉकी टीम अब बारहवें विश्व कप के दूसरे मैच में कल पिछली उपविजेता आस्ट्रेलिया का मानमर्दन करने के इरादे से उतरेगी, जिसके लिए टूर्नामेंट में बने रहने के मकसद से यह लगभग करो या मरो का मुकाबला है।

मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम पर हॉकी के इस महासमर की सनसनीखेज शुरुआत में जहां दुनिया की छठे नंबर की टीम इंग्लैंड ने खिताब की प्रबल दावेदार आस्ट्रेलिया को पछ़ाडकर सारे कयासों को धता बता दिया, वहीं अनेक विवादों की पृष्ठभूमि से निकलकर टूर्नामेंट में उतरी भारतीय टीम ने विजेताआें वाले तेवर दिखाते हुए पाकिस्तान को ४१ से रौंदकर सेमीफाइनल में प्रवेश की दावेदारी पुख्ता कर ली।

आस्ट्रेलिया को टूर्नामेंट में बने रहने के लिये भारत को हर हालत में हराना होगा। कोच रिक चार्ल्सवर्थ के अनुसार पहले मैच में हार के बाद अब हमें हर हालत में भारत को हराना है। हम अपनी गलतियों से सबक लेकर उतरेंगे और जीत दर्ज करेंगे। वहीं भारत के मुख्य कोच जोस ब्रासा ने अपनी टीम को जीत के खुमार में डूबने से बचने और पैर जमीन पर रखने की सलाह दी है। ब्रासा ने कहा कि अभी तो हमने शुरुआत की है। यह टूर्नामेंट का पहला मैच था और मैं इसे फाइनल की तरह अहम नहीं मानता। हमें हर मैच जीतने की कोशिश करना है, जिसके लिए आत्ममुग्धता से बचते हुए खेलना होगा।

पिछले विश्व कप में ११वें स्थान पर रही भारतीय टीम ने पहले ही मैच में बेहद आक्रामक खेल दिखाकर सभी को हैरान कर दिया। पाकिस्तानी कप्तान जीशान अशरफ को भी यह कहने को मजबूर होना प़डा कि उन्होंने मेजबान से ऐसे प्रदर्शन की उम्मीद नहीं की थी।

विक्रम पिल्लै, भरत चिकारा और धनंजय महादिक ने जहां भारतीय डिफेंस को चट्‌टान की तरह मजबूत बनाये रखा, तो अनुभवी प्रभजोत सिंह, कप्तान राजपाल सिंह, दीपक ठाकुर व शिवेंद्र सिंह की अगुवाई में फारवर्ड पंक्ति ने विरोधी गोल पर लगातार हमले बोले। भारतीय टीम का ट्रंपकार्ड माने जा रहे ड्रैग फ्लिकर संदीप सिंह ने दो गोल करके साबित कर दिया कि उन्हें मैच विनर क्यों कहा जाता है।

राष्ट्रीय कोच हरेंद्र सिंह ने कहा कि ड्रैक फ्लिकर संदीप सिंह मैच विनर नहीं, बल्कि टूर्नामेंट विनर है। वह गोली लगने के कारण पिछला विश्व कप नहीं खेल सका था, लेकिन इस बार पूरे फार्म में है,जो टीम के लिये अच्छा संकेत है। भारतीयों ने पेनल्टी कार्नर को अपना मजबूत पक्ष साबित किया और कई पेनल्टी कार्नर अर्जित भी किये। इसके साथ ही आखिरी क्षणों में गोल गंवाने की कमजोरी से भी पार पा लिया।

दूसरी ओर अनुभवी जैमी ड्‌वायेर की कप्तानी वाली आस्ट्रेलियाई टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ मैच में कई पेनल्टी कार्नर बर्बाद किये। उसकी फारवर्ड पंक्ति में कोई धार नजर नहीं आई और डिफेंस भी चरमराता नजर आया,जिसका फायदा भारतीय टीम जरूर उठाना चाहेगी।

आस्ट्रेलिया के कप्तान जेमी ड्‌वेयर ने भी हार के लिए पेनल्टी कार्नर पर सफल नहीं होने को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि हमारी टीम को काफी मौके मिले,लेकिन इनका फायदा नहीं उठा पाना निराशाजनक है। हम अच्छा खेले, लेकिन इंग्लैंड ने तीन पेनल्टी कार्नर पर दो गोल दागे दिये, जबकि हम १४ पेनल्टी कार्नर पर एक ही गोल कर पाये जिसमें सुधार करना होगा। भारतीय हॉकी के पूर्व तकनीकी सलाहकार चार्ल्सवर्थ ने कहा कि आगामी मैचों में बेहतर प्रदर्शन के लिए उन्हें पहले मैच की गलतियों से उबरना होगा और फिनिशिंग को बेहतर करना होगा।

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