न्यूजीलैंड ने कनाडा को ३२ से हराया
नई दिल्ली। अनुभवी स्ट्राइकर रियान आर्चिबाल्ड के आखिरी मिनटों में किये गए गोल की बदौलत न्यूजीलैंड ने बारहवें हाकी विश्व कप में पूल ‘ए’ के अपने पहले मैच में कनाडा को ३२ से हराकर पूरे तीन अंक अर्जित कर लिये।
बारह साल बाद विश्व कप खेल रहे कनाडा के लिये मार्क पीयरसन (पहला मिनट) और फिलीप राइट (२०वां) ने गोल दागे, जबकि न्यूजीलैंड के लिये प्रियेश भाना (११वां मिनट), निकोलस हेग (४६वां मिनट) और रियान आर्चिबाल्ड (६७वां) ने गोल किये। पाकिस्तान को हराकर पिछले साल दिसंबर में अज]टीना के साल्टा में चैंपियंस चैलेंज टूर्नामेंट जीतने वाली न्यूजीलैंड टीम शुरुआत में उस लय में नहीं दिखी। मैच में गेंद पर नियंत्रण के मामले में कनाडाई खिल़ाडी आगे रहे,लेकिन दूसरे हाफ में कीवियों ने शानदार वापसी की।
इस मैच में भी भारतीय रंग देखने को मिला क्योंकि कनाडा की टीम में तीन भारतीय खिल़ाडी कीगन परेरा, रंजीव देयोल और सुखविंदर गब्बर सिंह खेल रहे थे। वहीं न्यूजीलैंड के लिये भाना और अरूण पंचिया मैदान पर उतरे। पहले हाफ में कनाडा का पल़डा भारी रहा, जिसने २१ से बढत बना ली थी। पहले ही मिनट में मार्क पीयरसन ने गोल दागकर कीवी खेमे को चौका दिया। उनके शाट पर कीवी गोलकीपर पोंटिफेक्स काइल संभल भी नहीं पाये।
न्यूजीलैंड के लिये बराबरी का गोल ११वें मिनट में भाना ने किया। भारतीय मूल के भाना ने पिछले साल जनवरी में चंडीग़ढ में चार देशों का पंजाब गोल्ड कप हाकी टूर्नामेंट खेला था। विश्व कप के लिये ऐन मौके पर कीवी टीम में शामिल किये गए भाना ने अपनी उपयोगिता बखूबी साबित करते हुए प्रभावी प्रदर्शन किया।
पहले हाफ में दोनों टीमें काफी संभलकर खेल रही थी लिहाजा किसी ने एक भी पेनल्टी कार्नर अर्जित नहीं किया। स्कोर बराबर होने के बाद कनाडाई खिला़डयों ने हमले तेज कर दिये। उसकी फारवर्ड पंक्ति ने कई अच्छे मूव बनाये, लेकिन कीवी गोलकीपर काइल काफी मुस्तैद दिखे। बीसवें मिनट में फिलीप राइट ने गोल करके कनाडा को २१ की ब़ढत दिला दी। कनाडाई डिफेंडरों को छकाते हुए राइट ने गोल पर शाट लगाया, लेकिन गोलकीपर ने कुशलता से उसे बचा लिया। रिबाउंड पर राइट ने फिर शाट लगाकर गेंद गोल के भीतर डाल दी।
मैच का पहला पेनल्टी कार्नर न्यूजीलैंड को दूसरे हाफ में मिला, जिसे हेग ने गोल में तब्दील करके स्कोर २२ से बराबर कर दिया। न्यूजीलैंड को दूसरा पेनल्टी कार्नर ५७वें मिनट में मिला लेकिन उसने ब़ढत बनाने का यह मौका गंवा दिया। कनाडा को मैच का पहला पेनल्टी कार्नर ६२वें मिनट में मिला लेकिन उसके खिल़ाडी भी इसे गोल में नहीं बदल सके। मैच खत्म होने में तीन मिनट शेष रहते आर्चिबाल्ड ने कनाडाई डिफेंस में सेंध लगाकर शानदार गोल करते हुए टीम को ३२ से ब़ढत दिला दी जो अंत तक कायम रही।
