कोरियाजर्मनी मैच बराबरी पर छूटा
नई दिल्ली। जबर्दस्त दमखम और तेज रफ्तार हॉकी की बदौलत दक्षिण कोरिया ने विश्व कप और ओलंपिक चैंपियन जर्मनी को बारहवें विश्व कप में पूल ‘ए’ में आज २२ से ड्रा पर रोक दिया। पिछले दो विश्व कप में चौथे स्थान पर रही कोरियाई टीम पहले हाफ में बीजिंग ओलंपिक चैंपियन जर्मनी पर खेल के हर विभाग में भारी प़डी। चाहे पेनल्टी कार्नर हो या विरोधी गोल पर हमले, कोरियाई टीम का ही दबदबा रहा।
लगातार दो विश्व कप जीत चुकी जर्मनी ने आखिरी ३५ मिनट में खेल में वापसी की। कोरिया के लिये पहले हाफ में ह्यून हे संग (तीसरा मिनट) और ली नैम यंग (१५वां मिनट) ने गोल दागे। वहीं जर्मनी के लिये उसके सबसे युवा खिल़ाडी फ्लोरियन फुक्स ने ५१वें मिनट में और वेस बेंजामिन ने ५७वें मिनट में गोल किया। जर्मनी को पहले ही मिनट में पेनल्टी कार्नर मिला जिसे गोल में तब्दील नहीं कर सके। कोरिया ने इसके दो मिनट बाद ही पेनल्टी कार्नर को गोल में बदलकर खाता खोल दिया। युवा संग के तूफानी शाट को जर्मन गोलकीपर मैक्स वेनहोल्ड बचा नहीं सके।
वहीं कोरियाई गोलकीपर ली म्यूंग हो ने जबर्दस्त चुस्ती दिखाते हुए जर्मन फारवर्ड पंक्ति के कई वार बचाये। जर्मनी को २३वें मिनट में पेनल्टी कार्नर मिला जिस पर दो रिबाउंड शाट हो ने नाकाम साबित कर दिये। जर्मनी को ३१वें मिनट में एक और पेनल्टी कार्नर मिला लेकिन उस पर शाट बाहर से निकल गया।
दूसरे हाफ में जर्मनी ने उम्दा वापसी की और बेहद आक्रामक खेल दिखाया। जर्मनी के लिये पहला गोल उसके सबसे युवा खिल़ाडी १८ बरस के फुक्स ने दागा। अपना आठवां अंतर्राष्ट्रीय मैच खेल रहे फुक्स के इस गोल का कोरियाई खिला़डयों ने यह कहकर विरोध किया कि गेंद उनकी स्टिक से नहीं, बल्कि हाथ से लगकर गई है। वीडियो अंपायर ने हालांकि इस गोल को वैध ठहराया।
जर्मनी को ५७वें मिनट में एक और पेनल्टी कार्नर मिला, लेकिन कोरियाई गोलकीपर ने इसे फिर कुशलता से बचा लिया। जर्मन खिला़डयों ने कोरियाई गोल के सामने ही गेंद पर नियंत्रण बनाये रखा और बेंजामिन ने जर्मन डिफेंडरों को चकमा देकर दाहिने ओर से सटीक शॉट लगाकर गेंद को गोल के भीतर डाल दिया। अब स्कोर २२ से बराबर हो गया।
कोरिया को फिर ब़ढत बनाने का सुनहरा मौका दो मिनट बाद ही मिला जब यांग सू क्यूक जर्मन गोल के सामने अकेले ही गेंद लेकर द़ौडते चले गए, लेकिन गेंद उनकी स्टिक पर बराबर नहीं आई और संतुलन बिग़डने से वह गिर गए।
