जर्मनी ने कनाडा को ६० से रौंदा
नई दिल्ली। दक्षिण कोरिया से पहला मैच ड्रा खेलने के बाद पिछली विजेता और ओलंपिक चैंपियन जर्मनी ने युवा फ्लोरियन फुक्स के दो गोल की बदौलत आज पूल ‘ए’ की कमजोर टीम कनाडा को ६० से रौंदकर बारहवें हॉकी विश्व कप में अब तक सबसे ब़डी जीत दर्ज की।
जर्मनी के लिये बेंजामिन वेस ने तीसरे मिनट में पहला गोल किया। इसके बाद जान मार्को मोंटेक (२०वां मिनट), कप्तान मैक्स म्यूलर (२२वां), मार्टिन हेनर (२८वां) ने पेनल्टी कार्नर को तब्दील किया। युवा फ्लोरियन फुक्स (५८वां और ६४वां मिनट) ने दो गोल किये।
पिछले मैच में स्पीड किंग कोरिया से २२ से ड्रा खेलने के बाद जर्मन खिल़ाडी आज पूरी लय में दिखे। उन्होंने कनाडाई गोल पर दनादन हमले बोले और पेनल्टी कार्नर जुटाये। पेनल्टी कार्नर पर कामयाबी का औसत भी काबिले तारीफ था। दूसरी ओर जर्मन हमलों का कनाडाई डिफेंडरों के पास कोई त़ोड नहीं था। न्यूजीलैंड के खिलाफ पिछले मैच में दो गोल करने वाली कनाडा की टीम एक भी बार मैच में लौटती नहीं दिखी। कनाडा को पूरे मैच में एकमाते पेनल्टी कार्नर ६५वें मिनट में मिला, लेकिन गोल का अंतर कम करने के उसके मंसूबों पर पानी फिर गया।
इससे पहले वेस ने तीसरे ही मिनट में कनाडा के डिफेंस में सेंध लगाकर जर्मनी को ब़ढत दिला दी। युवा खिला़डयो के साथ उतरी जर्मन टीम को १वें, १५वें और २०वें मिनट में पेनल्टी कार्नर मिले। तीसरे को मोंटेक ने गोल में बदला। इसके दो मिनट बाद कप्तान मैक्स म्यूलर ने भी पेनल्टी को गोल में बदलकर ब़ढत ३० की कर दी। जर्मन खिला़डयों से आक्रमण के बीच कनाडा ई गोलकीपर मैथ्यू पैक को मैच में संभलने का मौका ही नहीं मिला।
मार्टिन ने २८वें मिनट में पांचवें पेनल्टी कार्नर को गोल में बदलकर स्कोर ४० कर दिया जो पहले हाफ तक बरकरार रहा। दूसरे हाफ में भी कनाडा के खिल़ाडी दबाव में दिखे। जर्मनी को ४७वें मिनट में सातवां पेनल्टी कार्नर मिला, लेकिन यह बेकार गया। जर्मनी के लिये पांचवां गोल उसके सबसे युवा खिल़ाडी और पिछले साल चैंपियंस ट्राफी में पांच गोल दागने वाले फुक्स ने ५८वें मिनट में किया। उसने ६४वें मिनट में एक बार फिर दाहिने फ्लैंक से लंबा शाट लगाकर गेंद कनाडा ई गोल के भीतर डाल दी। कोरिया के खिलाफ तीन गोल करने वाले फुक्स का यह टूर्नामेंट में तीसरा गोल था।
