ADVERTISEMENT

आपका वोट

क्या राहुल गांधी भ्रष्टाचार खत्म करेंगे?

  • सही
  • गलत
  • पता नहीं
और भी

फोटो दीर्घा

Share

सोबर्स ने गावस्कर को महानतम बल्लेबाज करार दिया

Swatantra Vaartha  Thu, 4 Mar 2010, IST

सोबर्स ने गावस्कर को महानतम बल्लेबाज करार दिया

मुंबई। क्रिकेट जगत भले ही सचिन तेंदुलकर के गुण गा रहा हो, लेकिन वेस्टइंडीज के महान क्रिकेटर गैरी सोबर्स ने आज यहां सुनील गावस्कर को महानतम बल्लेबाज करार दिया जिनका कैरेबियातेज गेंदबाजों के खिलाफ शानदार रिकार्ड रहा है।

सोबर्स ने यहां कहा कि मेरे विचार में मैंने जितने भी बल्लेबाज देखे उनमें सन्नी गावस्कर महानतम बल्लेबाज हैं।उन्होंने माइकल होल्डिंग, एंडी राबट्‌र्स, कोलिन क्राफ्ट और जोएल गार्नर जैसे वास्तविक तेज गेंदबाजों के खिलाफ पारी की शुरुआत की। उन्होंने भारत से बाहर वेस्टइंडीज, आस्ट्रेलिया और इंग्लैंड में अधिक रन बनाये। गावस्कर ने १९७१ में वेस्टइंडीज दौरे में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था और अपने इस पहले दौर में ही १५४८० की औसत से कि इससे विवियन रिचड्‌र्स, ब्रायन लारा या सचिन तेंदुलकर जैसे खिला़डयों का कद छोटा नहीं हो जाता। जब आप सचिन की बात करते हो तो उन्होंने वह सब कुछ किया, जो उनसे अपेक्षा की जाती है। वेस्टइंडीज व इंग्लैंड में १९७१ में श्रृंखला जीतने वाली अजित वाडेकर की टीम के सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर भाग लेने के लिये यहां आए सोबर्स का मानना है कि अलगअलग युगों के खिला़डयों की तुलना करना बेमानी होगी, क्योंकि वे काफी भिन्न परिस्थितियों में खेले हैं।

अपने ९३ टेस्ट मैच में २६ शतक की मदद से ८०३२ रन और २३५ विकेट लेने वाले सोबर्स ने कहा कि लोग पूर्व और वर्तमान समय के खिला़डयों के बीच तुलना करने की कोशिश करते हैं, लेकिन जिन परिस्थितियों में डोनाल्ड ब्रैडमैन और डेनिस काम्पटन खेला करते थे वे काफी भिन्न थी। बायें हाथ के इस महान बल्लेबाज ने कहा कि तब एक ओवर में कितने भी बाउंसर फेंके जा सकते थे, बीमर नियमों के खिलाफ नहीं था, तब गेंदबाज के पिछले पांव की नोबाल का नियम था और ऐसे में गेंदबाज जानबूझकर दो गज आगे आकर गेंदबाजी करता था।

उन्होंने कहा कि तब क्षेत्ररक्षण नियमों के हिसाब से नहीं,बल्कि खिल़ाडी सजाते थे। तब एक दिन में ७२ ओवर ही किये जाते थे और बल्लेबाजों को आज की तरह अधिक रन बनाने का मौका नहीं मिलता था। तब न तो हेलमेट था और ना ही आर्म गाड्‌र्स थे और विकेट भी नहीं ढका जाता था। भारत ने १९७१ में वेस्टइंडीज को हराकर इतिहास रचा था, तब सोबर्स की विरोधी टीम के कप्तान थे।

इस दिग्गज बल्लेबाज ने भारत के विस्फोटक सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग की भी तारीफ की। सोबर्स ने कहा कि आपका सलामी बल्लेबाज (सहवाग) मैं उसे खेलते हुए देखने के लिये जाना चाहूंगा। उसने दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खींचा है।

आपकी राय