न्यूजीलैंड ने कोरिया को २१ से हराया
नई दिल्ली। न्यूजीलैंड ने बेज़ोड डिफेंस और खिला़डयों के बीच गजब के तालमेल की बदौलत १२वें हॉकी विश्व कप के पूल ‘ए’ मैच में आज यहां दक्षिण कोरिया को २१ से हराकर खुद को सेमीफाइनल की द़ौड में शामिल कर लिया।
न्यूजीलैंड की तीन मैचों में यह दूसरी जीत है, जबकि पहले दो मैच में जीत और ड्रा खेलने वाली कोरिया का अंतिम चार का सफर मुश्किल हो गया है। अपनी तेजी से लिये मशहूर एशियाई दिग्गज कोरिया में आज वो दमखम नहीं दिखा जिसके लिए टीम जानी जाती है। उसके खिल़ाडी गेंद पर नियंत्रण रखने में जूझते नजर आये जबकि पासिंग भी दिशाहीन रही। टीम की मैन टू मैन मार्किंग भी नाकाम साबित हुई। दूसरी तरफ न्यूजीलैंड का डिफेंस कोरिया के स्ट्राइकरों के लिए चट्टान साबित हुआ जबकि विजेता टीम के खिला़डयों ने गेंद पर गजब का नियंत्रण दिखाया।
कोरियाई टीम इसके अलावा सात पेनल्टी कार्नर में से एक को भी गोल में तब्दील नहीं कर सकी जबकि न्यूजीलैंड ने अपने एकमात्र पेनल्टी कार्नर पर गोल किया। कोरिया और न्यूजीलैंड दोनों टीमों ने शुरुआत से ही तेज हॉकी खेली, जिसका फायदा न्यूजीलैंड को तीसरे ही मिनट में पेनल्टी कार्नर के रूप में मिला, जिसे एंड्रयू हेवार्ड ने अपनी दमदार ड्रैग फ्लिक से गोल में डालकर टीम को १० से आगे कर दिया। कोरिया को भी आठवें मिनट में पेनल्टी कार्नर मिला, लेकिन टीम इसका फायदा नहीं उठा सकी। दोनों टीमों ने एक दूसरे के गोल पर हमले जारी रखे और कुछ अच्छे मूव बनाये लेकिन गोल करने में कामयाबी नहीं मिली।
न्यूजीलैंड को मैच के २२वें मिनट में उस समय अंपायर ने पेनल्टी स्ट्रोक दिया जब प्रियेश भाना का शाट डी के अंदर डिफेंडर के पैर से टकरा गया। नियमित कप्तान फिलिप बुरोस की गैरमौजूदगी में टीम की कमान संभाल रहे डीन कुजिन्स ने इसे गोलकीपर ली म्युंग हो के दायीं ओर से गोल में डालकर न्यूजीलैंड की ब़ढत को दोगुना कर दिया। न्यूजीलैंड के शिया मैकालीस ने ३१वें मिनट में कोरिया के डिफेंस की चूक का फायदा उठाकर गेंद को गोल में डाला, लेकिन अंपायर ने फाउल कर दिया। टीम ने टीवी रैफर मांगा और टीवी अंपायर ने भी मैदानी अंपायर को सही माना।
मध्यांतर तक न्यूजीलैंड २० से आगे था। दूसरे हाफ की शुरुआत में ही कोरिया को तीन पेनल्टी कार्नर मिले जिसका फायदा उठाने में टीम नाकाम रही। कोरिया को ५२वें मिनट में गोल करने का बेहतरीन मौका मिला, लेकिन नाम योंग ली का शाट बाहर चला गया।
कोरिया को इस बीच ५५वें और ५९वें मिनट में दो और पेनल्टी कार्नर मिले, लेकिन दोनों बर्बाद गये। कोरिया ने मैच के अंतिम लम्हों में वापसी की भरसक कोशिश की, लेकिन उसे कामयाबी नहीं मिली। टीम को मैच के अंतिम मिनट में सातवां पेनल्टी कार्नर मिला, जो बेकार गया लेकिन विरोधी डिफेंडर के फाउल पर टीम को पेनल्टी स्ट्रोक मिला। पेनल्टी कार्नर विशेषज्ञ नाम योंग ने इसे गोल में बदलकर स्कोर १२ कर दिया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
