आइपीएल के िलये राट्ीय अनुबध ठुकराने को तयार है आट्ेिलयाइ
मेलबन/नइ िदली , २२ दिसबर (भाषा)। दुिनया में सबसे अिधक भुगतान पाने वाले िककेटर होने के बावजूद ६७ ताित आट्ेिलयाइ िखलाडी आइपीएल जसे धनी टूनामेंट में खेलने के िलए राटीय अनुबध ठुकराने के लिये तयार ह। एक सर्वे में यह जानकारी दी गयी है ।
‘सिडनी मानिग हेराड’ ने आटेलियन किकेटस एसोिसएान (एसीए) सर्वे का हवाला देकर लिखा ह कि लगभग दो तिहाइ खिलाडियों (६७ ताित) ने कहा कि वह मानते है आट्ेिलयाइ िखलाडी आइपीएल जसे लीग में खेलने के िलये किकेट आटेलिया (सीए) का अनुबध ठुकरा सकते ह। रिपोट के अनुसार िक जब उनसे पूछा गया िक या वे फीलास खिलाडी बनने के लिये सीए का अनुबध ठुकरा सकते ह, २२ ताित राटीय िखलािडयों आर १८ िखलाडियों ने हा में जवाब िदया।
वहीं आइपीएल के अयक्ष ललित मोदी ने मीडिया की उन िरपोटा] का खडन किया,जिसमें कहा गया आट्ेिलयाइ का अनुबध खम किया जा सकता ह आर यदि वहा के खिलाडियों ने अगले साल आइपीएल की बजाय घरेलू किकेट को तरजीह दी, तो फिर उसकी टीमों को चपियस लीग से बाहर किया जा सकता ह। मोदी ने कहा कि हमें पता ह कि आइपीएल का २०१० में होने वाले तीसरे सा के दारान घरेलू टूनामेंट भी खेले जाएगे आर हम इस थिति पर विचार करेंगे।
उहोंने कहा कि आइपीएल खिलाडियों को अनुबध की ाता] को पूरी करने के लिये कह सकता ह, लेकिन हम इस मसले को जद से जद सुलझाने के लिये सभी किकेट बोड की सहमित से सकारामक समाधान निकालना चाहते ।
