पेसभूपति ने युगल मुकाबला जीता
मास्को। लिएंडर पेस और महेश भूपति की अनुभवी ज़ोडी ने रूस के इगोर कुनित्सिन और तेमूराज गबाशविली को आज यहां युगल मैच में हराकर डेविस कप विश्व ग्रुप मुकाबले में भारत की जीत की उम्मीदों को बरकरार रखा। ‘इंडियन एक्सप्रेस’ के नाम से मशहूर पेस और भूपति ने बेहद शानदार जुगलबंदी का नमूना पेश करते हुए रूसी ज़ोडी को लगातार सेटों में ६३, ६३, ६२ से हराकर रूस की ब़ढत को २१ कर दिया।
शुक्रवार को अपने पहले दोनों एकल मैच गंवाने के बाद भारत को मुकाबले में बने रहने के लिए आज जीत दर्ज करना बेहद जरूरी था। अब जीत का सारा दारोमदार उलट एकल मुकाबले में सोमदेव देवबर्मन और रोहन बोपन्ना पर टिका हुआ है। रविवार को होने वाले उलट मुकाबलों में सोमदेव का सामना विश्व के १३वें नंबर के खिल़ाडी मिखाइल यूजनी से होगा, जबकि बोपन्ना कुनित्सिन से भ़िडेंगे।
दुनिया के शीर्ष दस युगल खिला़डयों में शुमार पेस और भूपति को डेविस कप टूर्नामेंट में लगातार अपनी २३वीं जीत दर्ज करने में कोई खास मशक्कत नहीं करनी प़डी। भूपति की झन्नाटेदार सर्विस और नेट पर पेस की चपलता देखने लायक थी। पूरे मैच के दौरान भारतीय ज़ोडी ने किस कदर अपना दबदबा बनाए रखा इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसने सिर्फ सात गेम गंवाए,जबकि केवल एक ब्रेकप्वाइंट का सामना किया। हालांकि शुरुआत में मेजबान ज़ोडी ने पेस की सर्विस पर आक्रामक होने की रणनीति अपनाई,लेकिन पेस और भूपति ने उनकी हर चाल को नाकाम कर दिया।
पहले सेट के चौथे गेम में पेस और भूपति ने एकएक वाली विनर लगाकर पहला ब््रकोप्वाइंट हासिल किया और इसके बाद पीछे म़ुडकर नहीं देखा। पेस की एक वाली पर गबाशविली के चूकते ही भारतीय ज़ोडी ने पहला सेट अपने नाम कर लिया। हालांकि गबाशविली ने अच्छा खेल दिखाया, लेकिन भारत की अनुभवी ज़ोडी के सामने उनकी एक न चली। पेस और भूपति ने दूसरे सेट में दो बार मेजबान ज़ोडी की सर्विस भंग करते हुए ४० की ब़ढत बनाई। हालांकि छठे गेम में रूसी ज़ोडी ने वापसी की कोशिश की,लेकिन पेस ने उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया। तीसरे सेट में भी यही कहानी दोहराई गई और भारतीय ज़ोडी ने पहले ही गेम में विपक्षी ज़ोडी की सर्विस त़ोडकर ब़ढत बना ली। पेस और भूपति ने यह सेट भी ६२ से जीतकर रूस की ब़ढत को कम कर दिया।
