भारत ने दक्षिण अफ्रीका को बराबरी पर रोका
नई दिल्ली। भारत ने पिछ़डने के बाद जोरदार वापसी करते हुए दक्षिण अफ्रीका को हीरो होंडा एफआईएच हाकी विश्व कप टूर्नामेंट में पूल ‘बी’ के अंतिम लीग मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका को आज रात यहां ३३ की बराबरी पर रोककर अपनी कुछ प्रतिष्ठा बचा ली। भारत अब इस ड्रा के बाद टूर्नामेंट में सातवें से आठवें स्थान के लिए खेलेगा।
भारत पूल ‘बी’ में चार अंकों के साथ आस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और स्पेन के बाद चौथे स्थान पर रहा। दक्षिण अफ्रीका के भी भारत के बराबर चार अंक हैं, लेकिन गोल अंतर में भारत से मात खाने के कारण वह पांचवें स्थान पर रह गया। चार बार के पूर्व चैंपियन पाकिस्तान तीन अंकों के साथ इस ग्रुप में आखिरी स्थान मिला। आस्ट्रेलिया और इंग्लैंड इस ग्रुप से सेमीफाइनल में पहुंच गए हैं।
स्पेन पांचवें से छठे स्थान के लिए खेलेगा, भारत सातवें से आठवें स्थान के लिए खेलेगा, दक्षिण अफ्रीका नौवें से दसवें स्थान के लिए खेलेगा,जबकि पाकिस्तान ११वें से १२वें स्थान के लिए खेलेगा।
भारत पिछले विश्व कप में ११वें और दक्षिण अफ्रीका १२वें स्थान पर रहा था, लेकिन दोनों ही टीमों ने इस विश्व कप में अपनी पोजीशन में सुधार कर लिया। भारतीय टीम को सातवें से आठवें स्थान की ह़ोड में आने के लिए इस मैच में जीत या ड्रा की जरूरत थी। हालांकि एक समय भारत दूसरे हाफ में २३ से पिछ़ड गया था, लेकिन मैच में चार मिनट शेष रहते स्ट्राइकर शिवेन्द्र सिंह ने रिवर्स शॉट लगाते हुए न केवल भारत को ३३ की बराबरी दिलाई,बल्कि उसे सातवें से आठवें स्थान की ह़ोड में भी पहुंचा दिया। भारत ने लगातार तीन मैचों में पराजय झेलने के बाद इस मैच में कुछ हद तक बेहतर प्रदर्शन किया। हालांकि भारत यह मैच जीत भी सकता था, जबकि ४६वें मिनट में सरवनजीत सिंह ने गोल कर भारत को ३२ से आगे कर दिया था, लेकिन दक्षिण अफ्रीका ने इस गोल से पहले भारतीय क्षेत्र में अपने मूव को लेकर एक रेफरल मांग लिया, जिस पर उसे वीडियो अंपायर ने पेनल्टी कार्नर भी दिया और इसके साथ भारत का तीसरा गोल अमान्य करार हो गया।
दक्षिण अफ्रीका को तीसरा पेनल्टी कार्नर मिला, लेकिन वह बेकार गया। मगर इसके तुरंत बाद चौथे पेनल्टी कार्नर पर कप्तान आस्टिन स्मिथ ने गोल कर दक्षिण अफ्रीका को ३२ से आगे कर दिया। भारत ने इसके बाद भरपूर कोशिश की और उसे ६६वें मिनट में जाकर सफलता हाथ लगी जब शिवेन्द्र सिंह ने एक अच्छे मूव पर रिवर्स शॉट लगाते हुए भारत को बराबरी दिला दी।
मैच काफी तेज गति से खेला गया और दोनों टीमों ने जीत हासिल करने के लिए अपना सब कुछ मैदान में झोंक दिया। इस दौरान खिला़डयों में कुछ धक्कामुक्की भी रही। स्वाभाविक है कि दोनों ही टीमें आखिरी स्थानों के मैचों से खेलने से बचना चाहती थीं। पिछले मैच में पाकिस्तान पर अपनी ४३ की जीत से उत्साहित दक्षिण अफ्रीका ने आठवें मिनट में ही ब़ढत बना ली। लायड लारिस जोंस ने २५ गज से गेंद लेकर भारतीय खिला़डयों को छकाते हुए पहला गोल कर डाला। मैच के १७वें मिनट में प्रभजोत सिंह के पास पर सरवनजीत ने गेंद को पुश करते हुए बराबरी का गोल दाग दिया। खेल के २३वें मिनट में भारत को दूसरा पेनल्टी कार्नर मिला, लेकिन पेनल्टी कार्नर पर पुश को भारत खिल़ाडी नहीं रोक पाया मगर शिवेन्द्र ने गेंद को संभालते हुए डी में दिवाकर को पास दिया और दिवाकर ने गेंद को डिफ्लेक्ट कर गोल में पहुंचा दिया। भारत ने पहले हॉफ तक २१ की ब़ढत हासिल कर ली थी।
दूसरा हॉफ शुरू होने के तीन मिनट बाद ही ३८वें मिनट में जस्टिन रेड रास ने दूसरे पेनल्टी कार्नर पर गोल करते हुए दक्षिण अफ्रीका को २२ की बराबरी पर ला ख़डा किया। इसके बाद दोनों की टीमों में ब़ढत हासिल करने के लिए जबर्दस्त संघर्ष हुआ। सरवनजीत ने ४६वें मिनट में भारत को आगे किया मगर दअफ्रीका ने इसके पहले के अपने मूव पर रेफरल मांग लिया। यह अजीबोगरीब बात थी कि भारत गोल कर चुका था और ब़ढत बना चुका था, लेकिन उससे दो मिनट पहले के मूव पर द अफ्रीका कार्नर के लिए रेफरल मांगा और वीडियो अंपायर ने दक्षिण अफ्रीका को तीसरा पेनल्टी कार्नर भी दे दिया। इसके साथ ही भारत के हाथ से ब़ढत फिसल गई और फिर दअफ्रीका ने अपने चौथे पेनल्टी कार्नर पर ब़ढत हासिल कर ली। भारत ने अंतिम दस मिनट में ताब़डत़ोड हमले किए और अंतत: शिवेन्द्र ने भारत को बराबरी दिला दी।
