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स्पेन ने इंग्लैंड को हार का स्वाद चखाया

Swatantra Vaartha  Tue, 9 Mar 2010, IST

स्पेन ने इंग्लैंड को हार का स्वाद चखाया

नई दिल्ली। गत सेमीफाइनलिस्ट और ओलंपिक रजत पदक विजेता स्पेन ने आज जुझारू खेल का प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड के विजयी कदमों को २० की जीत के साथ थाम लिया, लेकिन इस जीत के बावजूद वह हीरो होंडा एफआईएच हॉकी विश्व कप के सेमीफाइनल में नहीं पहुंच सका।

स्पेन के लीग मैचों में अपनी तीसरी जीत के साथ नौ अंक हो गए और इसके साथ ही वह आस्ट्रेलिया के नौ अंकों की बराबरी पर पहुंच गया, मगर गोल अंतर में पिछडने के कारण वह सेमीफाइनल का सफर नहीं तय कर सका। स्पेन अपने ग्रुपबी में तीसरे स्थान पर रहने के कारण अब स्थान निर्धारण मैचों में पांचवें से छठे स्थान के लिए खेलेगा। दूसरी तरफ इंग्लैंड को लगातार चार जीत दर्ज करने के बाद अपनी यह पहली पराजय झेलनी प़डी।

सेमीफाइनल के लिए अपना स्थान पहले ही सुनिश्चित कर चुके इंग्लैंड ने इस मैच में अपनी ऊर्जा को बचाने की रणनीति अपनाई। हालांकि इसका खामियाजा उसे हार के रूप में भुगतना पडा। इसके बावजूद इंग्लैंड २४ वषा] के लंबे अंतराल के बाद हॉकी विश्वकप के सेमीफाइनल में पहुंच गया। वह अंतिम बार १९८६ के विश्वकप के सेमीफाइनल में पहुंचा था और खिताबी मुकाबले में हारकर उपविजेता रहा था।

यूरोपीय चैंपियन इंग्लैंड और ओलंपिक रजत विजेता स्पेन के बीच मुकाबला खेल की ऊंचाइयों को नहीं छू सका। दोनों टीमों ने ही नीरस खेल का प्रदर्शन किया। स्पेन ने दोनों हाफ में एकएक गोल करते हुए जीत हासिल की। इंग्लैंड और स्पेन दोनों को ही मैच में दोदो पेनल्टी कार्नर मिले। इंग्लैंड को अपने चोटिल पेनल्टी कार्नर विशेषज्ञ रिचर्ड मेंटेल की कमी खली और टीम दोनों ही पेनल्टी कार्नर को गोल में नहीं बदल सकी। स्पेन के लिए उसके ड्रैग फ्लिक एक्सपर्ट पाऊ क्यूमादा ने ३४वें मिनट में मिले पहले पेनल्टी कार्नर पर सटीक शॉट लगाते हुए गोलकीपर जेम्स पेयर को परास्त कर दिया। इंग्लैंड के खेल को देखकर आज ऐसा नहीं लग रहा था कि टीम जीत के लिए खेल रही है। उसके खिला़डयों ने जिस तरह पिछले चार मैचों में ताब़डत़ोड हमलों का जो नमूना पेश किया था वह आज सिरे से नदारद था। स्पेन को भी मालूम था कि उसका सेमीफाइनल में पहुंचना बहुत मुश्किल है जिसके लिए उसे काफी ब़डे अंतर की जीत हासिल करनी थी जो कम से कम इंग्लैंड जैसी टीम के सामने संभव नहीं थी।

दूसरे हाफ के ६३वें मिनट में एडवर्ड तुबाऊ ने डी में मिले लंबे पास को संभाला और फिर इंग्लिश गोलची को छकाते हुए टीम का दूसरा गोल कर डाला। स्पेन फिर अपने जीत के अंतर को आगे नहीं ब़ढा पाया और पिछले विश्वकप में तीसरे नंबर पर रहा स्पेन अब पांचवें से छठे स्थान के लिए खेलेगा। दूसरी तरफ पिछले विश्वकप और ओलंपिक में पांचवें स्थान पर रहे इंग्लैंड को अब इंतजार रहेगा कि सेमीफाइनल में उसके सामने कौन सी प्रतिद्वंद्वी टीम रहेगी।स्पेन ने इंग्लैंड को हार का स्वाद चखाया

नई दिल्ली, ८ मार्च (वार्ता)। गत सेमीफाइनलिस्ट और ओलंपिक रजत पदक विजेता स्पेन ने आज जुझारू खेल का प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड के विजयी कदमों को २० की जीत के साथ थाम लिया, लेकिन इस जीत के बावजूद वह हीरो होंडा एफआईएच हॉकी विश्व कप के सेमीफाइनल में नहीं पहुंच सका।

स्पेन के लीग मैचों में अपनी तीसरी जीत के साथ नौ अंक हो गए और इसके साथ ही वह आस्ट्रेलिया के नौ अंकों की बराबरी पर पहुंच गया, मगर गोल अंतर में पिछडने के कारण वह सेमीफाइनल का सफर नहीं तय कर सका। स्पेन अपने ग्रुपबी में तीसरे स्थान पर रहने के कारण अब स्थान निर्धारण मैचों में पांचवें से छठे स्थान के लिए खेलेगा। दूसरी तरफ इंग्लैंड को लगातार चार जीत दर्ज करने के बाद अपनी यह पहली पराजय झेलनी प़डी।

सेमीफाइनल के लिए अपना स्थान पहले ही सुनिश्चित कर चुके इंग्लैंड ने इस मैच में अपनी ऊर्जा को बचाने की रणनीति अपनाई। हालांकि इसका खामियाजा उसे हार के रूप में भुगतना पडा। इसके बावजूद इंग्लैंड २४ वषा] के लंबे अंतराल के बाद हॉकी विश्वकप के सेमीफाइनल में पहुंच गया। वह अंतिम बार १९८६ के विश्वकप के सेमीफाइनल में पहुंचा था और खिताबी मुकाबले में हारकर उपविजेता रहा था।

यूरोपीय चैंपियन इंग्लैंड और ओलंपिक रजत विजेता स्पेन के बीच मुकाबला खेल की ऊंचाइयों को नहीं छू सका। दोनों टीमों ने ही नीरस खेल का प्रदर्शन किया। स्पेन ने दोनों हाफ में एकएक गोल करते हुए जीत हासिल की। इंग्लैंड और स्पेन दोनों को ही मैच में दोदो पेनल्टी कार्नर मिले। इंग्लैंड को अपने चोटिल पेनल्टी कार्नर विशेषज्ञ रिचर्ड मेंटेल की कमी खली और टीम दोनों ही पेनल्टी कार्नर को गोल में नहीं बदल सकी। स्पेन के लिए उसके ड्रैग फ्लिक एक्सपर्ट पाऊ क्यूमादा ने ३४वें मिनट में मिले पहले पेनल्टी कार्नर पर सटीक शॉट लगाते हुए गोलकीपर जेम्स पेयर को परास्त कर दिया। इंग्लैंड के खेल को देखकर आज ऐसा नहीं लग रहा था कि टीम जीत के लिए खेल रही है। उसके खिला़डयों ने जिस तरह पिछले चार मैचों में ताब़डत़ोड हमलों का जो नमूना पेश किया था वह आज सिरे से नदारद था। स्पेन को भी मालूम था कि उसका सेमीफाइनल में पहुंचना बहुत मुश्किल है जिसके लिए उसे काफी ब़डे अंतर की जीत हासिल करनी थी जो कम से कम इंग्लैंड जैसी टीम के सामने संभव नहीं थी।

दूसरे हाफ के ६३वें मिनट में एडवर्ड तुबाऊ ने डी में मिले लंबे पास को संभाला और फिर इंग्लिश गोलची को छकाते हुए टीम का दूसरा गोल कर डाला। स्पेन फिर अपने जीत के अंतर को आगे नहीं ब़ढा पाया और पिछले विश्वकप में तीसरे नंबर पर रहा स्पेन अब पांचवें से छठे स्थान के लिए खेलेगा। दूसरी तरफ पिछले विश्वकप और ओलंपिक में पांचवें स्थान पर रहे इंग्लैंड को अब इंतजार रहेगा कि सेमीफाइनल में उसके सामने कौन सी प्रतिद्वंद्वी टीम रहेगी।

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