आस्ट्रेलिया व नीदरलैंड में होगा विस्फोटक मुकाबला
नयी दिल्ली, १० मार्च (एजेंसियां)। तूफानी प्रदर्शन कर रहे गत दो बार के उपविजेता आस्ट्रेलिया और अपने तीखे तेवरों से दावेदार माने जा रहे नीदरलैंड के बीच एफआईएच हॉकी विश्व कप के बीच दूसरे सेमीफाइनल में विस्फोटक मुकाबले की उम्मीद रहेगी। आस्ट्रेलिया और नीदरलैंड दोनों ही विश्व कप में अपने खतरनाक तेवरों से खिताब के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। आस्ट्रेलिया ग्रुप ‘बी’ में चोटी पर रहा है जबकि नीदरलैंड को पूल ‘ए’ में दूसरा स्थान मिला है।
आस्ट्रेलिया ने जहां टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा २३ गोल दागे हैं, वहीं नीदरलैंड ने सबसे कम पांच गोल खाए हैं। यानी इस मैच में आस्ट्रेलिया की आक्रामक फारवर्ड पंक्ति और नीदरलैंड के मजबूत डिफेंस के बीच जोरदार मुकाबला होगा, लेकिन इन सबके बीच आस्ट्रेलिया को नीदरलैंड के पेनल्टी कार्नर विशेषज्ञ ताइके ताइकामा से और नीदरलैंड को आस्ट्रेलिया के पेनल्टी कार्नर विशेषज्ञ ल्यूक डोएरनर से सावधान रहना होगा। ये दोनों ही खिल़ाडी छह छह गोल कर टूर्नामेंट के अबतक के शीर्ष स्कोरर हैं।
आस्ट्रेलियाई स्ट्राइकर जैमी डवेयर और ग्लेन टर्नर भी पांच पांच गोल दाग चुके हैं। डेसमंड एबोट के खाते में चार गोल हैं। यानी ये खिल़ाडी नीदरलैंड के लिए भी सिरदर्द बन सकते हैं। वहीं नीदरलैंड के रोनाल्ड ब्रावर (तीन गोल) और रोजियर हाफमैन (दो गोल) आस्ट्रेलियाई किले में सेंध लगा सकते हैं।
दोनों ही टीमें बेहद तेज तर्रार गति से हाकी खेलती हैं और उनकी आक्रामक शैली को देखते हुए भारतीय कोच होजे ब््रसााा ने दोनों ही टीमों को खिताब का प्रबल दावेदार बताया है,लेकिन इस मुकाबले से एक ही टीम फाइनल में पहुंच सकती है। आस्ट्रेलिया पिछले विश्व कप में उपविजेता रहा था, जबकि नीदरलैंड को सातवां स्थान हासिल हुआ था। पिछले विश्व कप के मुकाबले नीदरलैंड की टीम इस बार सबसे ज्यादा बदली नजर आ रही है। आस्ट्रेलिया का खेल तो वैसे भी हर समय शवाब पर रहता है, लेकिन नीदरलैंड ने अपने खेल का स्तर जिस तरह ऊंचा किया है वह आस्ट्रेलिया जैसी दिग्गज टीम को परेशानी में डाल सकती है। नीदरलैंड की टीम अपने आखिरी लीग मैच में कोरिया से १२ से हार गई थी, लेकिन उसके कप्तान त्यून डि नूजेर इसको लेकर ज्यादा चिंतित नहीं हैं। उनका कहना है कि सेमीफाइनल में मुकाबला अलग किस्म का होगा और उनकी टीम एक बार फिर फाइनल में पहुंचने की कोशिश करेगा। नीदरलैंड विश्व कप का तीन बार विजेता रह चुका है, जबकि आस्ट्रेलिया ने मात्र एक बार १९८६ में विश्वकप जीता था। आस्ट्रेलिया और हालैंड के बीच विश्व कप में अब तक आठ बार मुकाबला हो चुका है और दोनों टीमों के बीच हार जीत का रिकार्ड ५० ५० है।
