सर्वकालिक महानतम क्रिकेटरों की सूची में ब्रैडमैन के बाद सचिन: वॉ
अबु धाबी। आस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान स्टीव वा के मुताबिक सर्वकालिक महानतम क्रिकेटरों की सूची में सचिन तेंदुलकर महान डॉन ब्रेडमैन के बाद दूसरे स्थान पर आते हैं।
वॉ ने कहा कि डान ब्रेडमैन महानतम हैं और इसके बहस की कोई बात नहीं है। डॉन नंबर एक हैं और इसके बाद दूसरों का नंबर आता है। बाकी अन्य में संभवत: सचिन किसी भी अन्य खिल़ाडी के जितने अच्छे हैं। तार्किक तौर पर वह दूसरे सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर हैं। लारेस खेल अकादमी के सदस्य के तौर पर यहां आये वॉ ने कहा, लेकिन फिर लोग गैरी सोबर्स और डब्ल्यूजी ग्रेस के बारे में भी ऐसा कह सकते हैं। इसलिए यह कहना मुश्किल है। वॉ ने कहा कि यह खतरनाक है कि टेस्ट क्रिकेट के पास अच्छे तेज गेंदबाज नहीं बचे हैं क्योंकि वे पांच दिन के खेल पर २० ओवर के प्रारूप को तरजीह दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह टेस्ट क्रिकेट के लिए खतरनाक है कि हम तेज गेंदबाजों को गंवा रहे हैं। यह २०२० का प्रभाव है। तेज गेंदबाजों को निश्चित तौर पर क़डी मेहनत की जरूरत होती है।
आस्ट्रेलिया के इस पूर्व कप्तान ने कहा कि मुझे लगता है कि उन्होंने महसूस किया कि उनके अंदर कुछ साल का क्रिकेट बचा है। २०२० में उन्हें दसवें हिस्से जितने ओवर करने पर तीन गुना अधिक पैसा मिलता है। इसलिए फ्लिंटाफ, ब्रेट ली व शेन बांड ने टेस्ट क्रिकेट में नहीं खेलने का फैसला किया जो शर्मनाक है।
दो बार की विश्व विजेता टीम के कप्तान रहे वॉ ने कहा कि भारत और आस्ट्रेलिया अगले साल उप महाद्वीप में होने वाले एकदिवसीय विश्व कप में प्रबल दावेदार के रूप में शुरुआत करेंगे। उन्होंने कहा कि आस्ट्रेलिया का रिकार्ड काफी अच्छा रहा है। भारत को भी भारत में हराना काफी मुश्किल है। इसलिए वे प्रबल दावेदार हैं। उन्होंने कहा, इसके अलावा न्यूजीलैंड भी है। मुझे लगता है कि संभवत: पांच टीमों में विश्व कप जीतने की क्षमता है,लेकिन भारत और आस्ट्रेलिया प्रबल दावेदार हैं। यह पूछने पर कि क्या महेंद्र सिंह धोनी की टीम लंबे समय तक नंबर एक टेस्ट रैंकिंग बचाने की क्षमता रखती है, वा ने कहा कि मुझे नहीं लगता कोई भी नंबर एक रैंकिंग पर ‘लंबे समय तक’ बरकरार रह सकता है क्योंकि हमारे पास तीन प्रारूप हैं
उन्होंने कहा कि लगातार चोटों और इतने सारे दौरों के बीच लगातार अच्छा प्रदर्शन करना काफी मुश्किल है। शायद वे टेस्ट रैंकिंग बरकरार रख सकें लेकिन सभी तीन प्रारूपों में दबदबा बनाना काफी मुश्किल है।
