ADVERTISEMENT

आपका वोट

क्या तेलंगाना मामला केन्द्र सरकार के गले की हड्‍डी बन गया है?

  • हाँ
  • नहीं
  • पता नहीं
और भी

फोटो दीर्घा

Share

चलन जारी रहा तो पलट जाएगा केकेआर व मुंबई इंडियंस का भाग्य

Swatantra Vaartha  Fri, 12 Mar 2010, IST

चलन जारी रहा तो पलट जाएगा केकेआर व मुंबई इंडियंस का भाग्य

नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग में यदि पिछली बार की फिसड्डी टीमों का अगले टूर्नामेंट में चोटी पर पहुंचने का चलन जारी रहता है, तो कल से शुरू होने वाले इस २०२० टूर्नामेंट के तीसरे सत्र में कोलकाता नाइटराइडर्स और मुंबई इंडियंस का भाग्य पलटना तय है। वैसे यदि सभी आठ टीमों की बात करें तो दिल्ली डेयरडेविल्स की टीम अब भी सबसे अधिक संतुलित और कागजों पर काफी मजबूत लगती है, लेकिन गौतम गंभीर की अगुवाई वाली इस टीम को ‘चोकर’ बनने से बचना होगा।

पिछले साल के विजेता डेक्कन चार्जर्स और उपविजेता रायल चैलेंजर्स बेंगलूर का गेंदबाजी विभाग कमजोर लगता है,तो किंग्स इलेवन पंजाब चोटिल खिला़डयों की समस्या से जूझ रहा है। चेन्नई सुपर किंग्स के कुछ प्रमुख खिल़ाडी नहीं खेल रहे हैं, जबकि नाइटराइडर्स और मुंबई इंडियंस की कमजोर क़डी भारत के युवा खिल़ाडी हो सकते हैं। राजस्थान रायल्स के अनजान खिला़डयों की तरह यदि दूसरी टीमों के खिल़ाडी भी हैरतअंगेज प्रदर्शन करते हैं, तो फिर आईपीएल को लेकर अधिकतर भविष्यवाणियों के गलत साबित होने की पूरी संभावना है। अभी सट्टा बाजार गर्म नहीं हुआ है, लेकिन पिछले दो आईपीएल के समीकरणों को लेकर भावी विजेता की तस्वीर बनायी जा रही है। डेक्कन चार्जर्स २००८ में सबसे निचली, जबकि बेंगलूर सातवें स्थान पर रहा था, लेकिन २००९ में ये दोनों क्रमश: विजेता और उप विजेता रहे। तो क्या अब नाइटराइडर्स और मुंबई इंडियंस की बारी है,जो अब तक आईपीएल में कभी सेमीफाइनल में भी नहीं पहुंच पायी।

सौरव गांगुली की नाइटराइडर्स के पास क्रिस गायले, ब्रैड हाज व ओवेस शाह अच्छे क्रिकेटर हैं, लेकिन टीम में शामिल भारतीय खिला़डयों के प्रदर्शन पर काफी कुछ निर्भर करेगा, जिनमें से कई अच्छी फार्म में नहीं हैं। शेन बांड, चार्ल लांगवेल्ट, इशांत शर्मा और अजंता मेंडिस की मौजूदगी में उसका गेंदबाजी विभाग मजबूत दिखता है। श्रीलंका के एंजेलो मैथ्यूज ट्रंप कार्ड हो सकते हैं।

मुंबई इंडियंस के कप्तान सचिन तेंदुलकर बेहतरीन फार्म में चल रहे हैं,जबकि जयसूर्या धमाकेदार प्रदर्शन करने के लिये तैयार हैं। कीरेन पोलार्ड से भी टीम को बहुत सी आशाएं हैं, लेकिन उसे भारतीय खिला़डयों का अच्छा इस्तेमाल करना चाहिए, जो टीम के लिये अहम साबित हो सकते हैं।

वीरेंद्र सहवाग, गंभीर, डेविड वार्नर, दिलशान,डिविलियर्स जैसे बल्लेबाजों तथा डर्क नानेस, आशीष नेहरा, वायने पर्नेल, डेनियल विट्टोरी व अमित मिश्रा सरीखे गेंदबाजों के अलावा प्रतिभाशाली स्थानीय खिला़डयों की मौजूदगी में डेयरडेविल्स की टीम बहुत मजबूत दिखती है, लेकिन सबसे ब़डा सवाल यह है कि क्या पिछले दो बार की सेमीफाइनलिस्ट इस बार इससे आगे ब़ढ पाएगी।

किंग्स इलेवन पंजाब में युवराज सिंह, ब्रेट ली, शान मार्श जैसे खिल़ाडी चोटिल हैं। इस टीम में कप्तान संगकारा, आद्रियानथ, रवि बोपारा, जेम्स होप्स, महेला जयवर्द्धने, यूसुफ अब्दुल्ला, ली व मार्श जैसे अच्छे विदेशी खिल़ाडी हैं, लेकिन आईपीएल के नियम के अनुसार अंतिम एकादश में चार ही विदेशी शामिल हो सकते हैं ऐसे में संगकारा को भारतीय खिला़डयों से भी अच्छा प्रदर्शन करवाना होगा।

पिछले चैंपियन चार्जर्स में सबकी निगाह एंड्रयू साइमंड्‌स पर होगी,जो आस्ट्रेलियाई टीम से बाहर हैं। एडम गिलक्रिस्ट, रोहित शर्मा, वीवीएसलक्ष्मण, हर्शल गिब्स, मिशेल मार्श व टीसुमन की मौजूदगी में उसकी बल्लेबाजी मजबूत दिखती है, लेकिन उसकी गेंदबाजी कमजोर दिखती है। आरपीसिंह भारतीय पिचों पर खास सफल नहीं रहे हैं।

बेंगलूर के पास विराट कोहली,रोबिन उथप्पा, मनीष पांडे, अभिमन्यु मिथुन, आर विनय कुमार जैसे अच्छे भारतीय खिल़ाडी हैं। टीम का नया चेहरा इयोन मोर्गन मध्यक्रम में मजबूती प्रदान करेंगे, लेकिन उसकी गेंदबाजी कमजोर है, क्योंकि डेल स्टेन २०२० में टेस्ट जैसा कमाल नहीं दिखा पाते,जबकि कप्तान अनिल कुंबले ने लंबे समय से गेंदबाजी नहीं की है।

महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई वाली चेन्नई सुपर किंग्स को चोटिल फ्लिंटाफ व जैकब ओरम की कमी खलेगी, जबकि माइकल हुसै भी मार्च के मैचों में नहीं खेलेंगे। जस्टिन कैंप मध्यक्रम को मजबूती दे सकते हैं। टीम को ऐसे में मैथ्यू हेडन, धोनी व सुरेश रैना से अच्छे प्रदर्शन की आस करनी होगी।

शेन वार्न की राजस्थान रायल्स की ताकत उसके युवा और गुमनाम खिल़ाडी हैं। इस बार देखना यह होगा कि वार्न का तुरुप का इक्का कौन बनता है। पहले आईपीएल में असनोदकर,तो दूसरे में कामरान खान। अब कौन यह अगला ड़ेढ महीना ही बताएगा।

आपकी राय