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आत्मसम्मान की ल़डाई में अर्जेन्टीना से भ़िडेगा भारत

Swatantra Vaartha  Fri, 12 Mar 2010, IST

आत्मसम्मान की ल़डाई में अर्जेन्टीना से भ़िडेगा भारत

नई दिल्ली। सेमीफाइनल का सपना लिये विश्व कप में उतरी भारतीय हाकी टीम अब सातवें स्थान के लिये क्वासीफिकेशन मुकाबले में कल अर्जेन्टीना से भ़िडेगी, जो टूर्नामेंट में पिछले १६ साल में उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन होगा। भारतीय टीम १९९४ विश्व कप में पांचवें स्थान पर रही थी। इसके बाद १९९८ (नौवें), २००२ (१०वें) और २००६ (११वें) उसका प्रदर्शन लगातार गिरता गया। अपनी मेजबानी में २८ बरस बाद हो रहे विश्व कप में पहले ही मैच में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान पर ४१ से बेहतरीन जीत दर्ज करके राजपाल सिंह की टीम ने पदक जीतने की उम्मीदें जताई थी, लेकिन बाद में मैच दर मैच लचर प्रदर्शन से उस पर घ़डों पानी फिर गया।

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विश्व कप में चमत्कारिक प्रदर्शन की उम्मीद नहीं करने की बारंबार दुहाई देने वाले स्पेनिश कोच जोस ब्रासा ने स्वीकार किया कि यूरोपीय टीमों की तरह तेज रफ्तार हाकी का शऊर सीखने में भारत को समय लगेगा। ब्रासा ने कहा कि आस्ट्रेलिया, हालैंड, जर्मनी और इंग्लैंड जिस तरह खेलते हैं, हम रफ्तार में उनका मुकाबला नहीं कर सकते। वैसी रफ्तार और स्टेमिना हासिल करके ही हम फिर इस बिग लीग में शामिल हो सकते हैं। पहला मैच जीतने के बाद भारत को आस्ट्रेलिया (५२), स्पेन (५२) और इंग्लैंड (३२) ने हराया, जबकि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आखिरी पूल मैच ३३ से ड्रा रहा। इसमें हालांकि वीडियो रेफरल प्रणाली की भूमिका विवादास्पद रही थी। पूल ‘बी’ में चौथे स्थान पर रही भारतीय टीम का सामना पूल ‘ए’ की चौथे नंबर की टीम अर्जेन्टीना से है, जिसने आखिरी दो मैचों में शानदार प्रदर्शन करके न्यूजीलैंड और कनाडा को हराया। पिछले विश्व कप में दसवें स्थान पर रही अर्जेन्टीना के कोच जार्ज लोम्बी ने स्वीकार किया कि भारत के खिलाफ मुकाबला कठिन होगा, लेकिन उनकी टीम के हौसले बुलंद है। लोम्बी ने कहा कि भारत को अपनी धरती पर खेलने का फायदा मिलेगा। साथ ही दर्शकों का समर्थन भी मायने रखता है, लेकिन हमने पिछले दो मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया है। खासकर लुकास मार्टिन विला, पेड्रो इबारा और थामस अज]टो इनोसेंट से मुझे बहुत उम्मीदें हैं। पूर्व चैंपियन भारत के लिये आक्रमण का दारोमदार पिछले मैच में शानदार फार्म में रहे शिवेंद्र सिंह, श्रवणजीत सिंह और कप्तान राजपाल सिंह पर होगा। दीपक ठाकुर और प्रभजोत सिंह के पास अपनी उपयोगिता साबित करने का यह आखिरी मौका होगा। पहले मैच को छ़ोडकर हर मैच में भारत की कमजोर क़डी साबित हुए ड्रैग फ्लिकर संदीप सिंह भी बेहतर प्रदर्शन की फिराक में होंगे। वहीं डिफेंस में धनंजय महाडिक, भरत चिकारा और विक्रम पिल्लै को अर्जेन्टीनाई स्ट्राइकरों पर अंकुश लगाना होगा।

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