जर्मनी लगातार तीसरी बार विश्व कप के फाइनल में
नई दिल्ली। दो बार की चैंपियन जर्मनी ने बारहवें हाकी विश्व कप में अपना अपराजेय अभियान बरकरार रखते हुए आज यहां इंग्लैंड को ४१ से हराकर खिताबी हैट्रिक बनाने की तरफ मजबूती से कदम ब़ढाये। टूर्नामेंट की एकमात्र अपराजेय टीम जर्मनी ने अपेक्षा के अनुरूप आक्रामक खेल दिखाते हुए पहले ही मिनट से मैच पर शिंकजा कस लिया और आखिर तक पक़ड नहीं छ़ोडी। दूसरी ओर पहली बार सेमीफाइनल खेल रही इंग्लैंड की टीम पूल चरण वाली लय बरकरार नहीं रख सकी।
जर्मनी के लिये जान मार्को मोंटेग (छठे मिनट), ओलिवर कोर्न (११वें), मार्टिन हेनर (३१ वें) और लाइनस बट (६१वें) ने गोल दागे, जबकि पिछले विश्व कप में पांचवें स्थान पर रहे इंग्लैंड के लिये एकमात्र गोल रिचर्ड स्मिथ ने १९वें मिनट में पेनल्टी कार्नर पर किया।
जर्मनी ने मैच में काफी आक्रामक शुरूआत की और उसे पांचवें ही मिनट में पहला पेनल्टी कार्नर मिला जिस पर अगले मिनट में जान मार्को मोंटेग ने गोल दागा। इस टूर्नामेंट में जर्मनी का पेनल्टी कार्नर पर यह दसवां गोल था। इसके बाद इंग्लैंड ने जर्मन गोल पर पलटवार शुरू किये और तीन मिनट बाद एशले जैकसन बराबरी का गोल दागने से चूक गए। दसवें मिनट में एलेस्टेयर ब्रोगडोन ने बराबरी का गोल लगभग दाग दिया था, लेकिन गेंद जर्मन गोलकीपर टिम जेसुलेट के ऊपर से निकल गई और यह गोल मान्य नहीं किया गया।
जर्मनी के लिये दूसरा गोल ११वें मिनट में कोर्न ने दागा। सर्कल के भीतर मथियास विथाउस के पास पर उन्होंने करीब से गेंद गोल के भीतर डिफ्लैक्ट की। इंग्लैंड को १७वें मिनट में मिला पेनल्टी कार्नर बेकार गया।
इसके दो मिनट बाद हालांकि स्मिथ ने पेनल्टी कार्नर को तब्दील करके जर्मनी की ब़ढत कम की। जवाबी हमले में जर्मनी ने २२वें मिनट में पेनल्टी कार्नर अर्जित किया, लेकिन जेम्स फेयर ने बेहतर गोलकीपिंग का नजारा पेश करते हुए मोंटेग का ड्रैग फ्लिक बखूबी बचाया। रिबाउंड पर विथाउस का बेहतरीन शाट भी उन्होंने लगभग डाइव लगाते हुए बचा लिया।
