तयािरयों के बवाल में ‘दुहन’ बना िदये गये िखलाडी : वीण
नइ िदली, २४ दिसबर (भाषा)। राटमडल आर एशियाइ खेलों के पदक िवजेता पूव ओलपियन वीण कुमार ने अगले साल होने वाले राटमडल खेलों के आयोजकों को आडे हाथों लेते हए आज कहा कि ढाचागत तयारी के चकर में खिलाडियों को ‘दुहन’ बना दिया गया ह आर किसी को यह पता नहीं कि जो इन खेलों के असली नायक बनेंगे उनकी तयारिया कसी चल रही है ।
पाराणिक महाकाय महाभारत पर आधारित धारावाहिक में भीम की भूमिका निभाने वाले वीण ने एसकेशमा अतरायीय फुटबाल टूनामेंट के उदघाटन के बाद कहा कि राटमडल खेलों के नाम पर मुझे सिफ तयारियों की बातें हो रही ह, लेकिन खिलाडी कसी तयारी कर रहे ह यह किसी को पता नहीं ह। उहें दुहन की तरह छिपाकर रखा गयाहै । अब उनके अयास नहीं दशन करने का समय था आर उहें रिकाड तोडने शु कर देने चाहिए थे।
जमका में १९६६ में हए राटमडल खेल में हमर थो में रजत आर बकाक एशियाइ खेल १९७० में भाला फेंक में वण पदक जीतने वाले वीण ने आयोजन समिति से जुडे लोगों पर खिलाडियों की अनदेखी करने आर अपने यतिगत हित साधने का आरोप लगाया। उहोंने कहा कि खेलों में अधिकारी नहीं खिलाडियों को असली दशन करना ह, लेकिन उनकी किसी को सुध नहीं है । मुझे नहीं लगता कि इन खेलों से खिलाडियों को लाभ होगा। इतना जर होगा कि इस देश में करोडपतियों की सया में थोडी बढाेारी हो जाएगी।
मिसको ओलपिक १९६८ आर यूनिख ओलपिक १९७२ में हमर थो में भारत का ितनिधिव करने वाले अजुन पुरकार विजेता वीण ने राटमडल खेलों की तयारियों पर भी सवाल उठाये आर आरोप लगाये इसमें धन को बबाद किया जा रहा ह। वीण ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि राटमडल खेलों पर इतने अधिक पसा खच करने की जरत थी। इसके बजाय यदि देश के कुछ कूल या कालेज का चयन करके उनमें आधारभूत ढाचा तयार किया जाता, तो भविय में देश के पास कुछ अछे खिलाडी होते।
उहोंने खेलगाव के निमाण पर भी सवाल उठाये। अपने जमाने के इस दिगज एथलीट ने कहा कि भारत पहला देश ह,जो राटमडल खेलों के लिये खेल गाव का निमाण कर रहा ह। मने तीन राटमडल खेलों में भाग लिया आर हमें हर जगह विववािलय के हाटल में ठहराया गया। वीण ने इसके साथ ही खिलाडियों के लिये नाकरी सुनिचित करने आर राटमडल खेल आयोजन समिति में पूव खिलाडियों को शामिल करके उहें महवपूण पद सापने की भी अपील की। उहोंने कहा कि आयोजन समिति में कुछ पूव खिलाडी शामिल किये गये ह,लेकिन उहें ढग का काम नहीं सापा गया ह। समिति में अधिक खिलाडियों को शामिल करके उहें यावहारिक काम सापने की जरत ह। उहोंने भारतीय खेल सघों में राजनीति से जुडे लोगों की दखलदाजी की भी आलोचना की। वीण ने कहा कि कोइ भी आमसमान रखने वाला यति इन खेल सघों से नहीं जुड सकता।
राटमडल खेलों में भारतीय एथलीटों से उमीदों के सवाल पर इस पूव ओलपियन ने कहा कि हमारे पास एथलीट ह ही कहा। मुझे तो लगता ह कि हमारी एथलेटिस खम हो चुकी ह। आज जब खिलाडियों को हर तरह की सुविधा उपलध ह। सरकार उनके खाने पीने आर सुविधाआें पर जमकर पसा खच कर रही ह मगर चपियन एथलीट न के बराबर ह।वीण ने कहा कि हमारे समय में कोइ सुविधाए नहीं थी। माा दो आना, २०० ााम दूध, एकाध केले आर चार टोट मिला करते थे, लेकिन अब थिति पूरी तरह बदल चुकी ह। सुविधाए भरपूर ह मगर पदक विजेता एथलीट नहीं ह
