ADVERTISEMENT

आपका वोट

क्या राहुल गांधी भ्रष्टाचार खत्म करेंगे?

  • सही
  • गलत
  • पता नहीं
और भी

फोटो दीर्घा

Share

चोंग वेई व रासमुसैन ने जीता ऑल इंग्लैंड खिताब

Swatantra Vaartha  Tue, 16 Mar 2010, IST

चोंग वेई व रासमुसैन ने जीता ऑल इंग्लैंड खिताब

बर्मिघम। विश्व के नंबर एक खिल़ाडी मलेशिया के ली चोंग वेई ने रविवार को अपना पहला आल इंग्लैंड बैडमिंटन खिताब जीतकर अपना सपना पूरा कर लिया। चोंग वेई ने खिताबी मुकाबले में गैर वरीयता प्राप्त जापान के कैनिची तागो को २११९, २११९ से ंहराया। चोंग वेई ने अपनी खिताबी जीत के बाद संवाददाताआें से कहा कि मुझे काफी राहत मिली है और साथ ही मेरा सपना भी पूरा हो गया है। मेरे लिए यह मौका भी खास था क्योंंकि यह सौंवी आल इंग्लैंड चैंपियनशिप थी। मलेशियाई खिल़ाडी गत वर्ष फाइनल में विश्व और ओलंपिक चैंपियन लिन डान से हार गए थे, लेकिन लिन डान की इस बार र्क्वाटर फाइनल में हार से चोंग वेई के खिताब जीतने का रास्ता साफ हो गया था।

तागो शीर्ष चीनी खिलाडियों चेन जिन और बाओ चुनलई को हराते हुए १९६६ के बाद से यहां एकल फाइनल में पहुंचने वाले पहले जापानी खिल़ाडी बने थे। तागो ने पहले गेम मेें ४० और फिर १५११ की ब़ढत बनाई, लेकिन चोंग वेई फिर १८१५ से आगे हो गए। तागो ने हालांकि तीन गेम अंक बचाये मगर चोंग वेई ने पहला गेम २११९ से जीत लिया। दूसरे गेम में मलेशियाई खिल़ाडी ने ६१ और ११७ की ब़ढत बनाई। लेकिन जापानी खिल़ाडेी ने १४१४ की बराबरी कर ली। तागो नरे दो मैच अंक बचाए लेकिन चोंग वेई के बेसलाइन शाट नरे अंतत: उन्हें खिताबी जीत दिला दी। डेनमार्क की टिने रासमुसैन ने गत चैम्पियन और टाप सीड चीन की वांग यिहान को क़डे संघर्ष में २११४, १८२१, २११९ से हराकर महिला खिताब फिर जीत लिया। सेमीफाइनल में सायना नेहवाल को हराने वाली रासमुसैन ने २००८ में पहली बार यह खिताब जीता था। लेकिन पिछले वर्ष वह इसे चीनी खिल़ाडी को गंवा बैठी थीं। चीन ने पिछले वर्ष की चैंपियनशिप में ५० की क्लीन स्वीप की थी। लेकिन इस बार वह मिश्रित और महिला युगल खिताब ही जीत सका।

आपकी राय