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मुंबई इंडियंस ने डेयरडेविल्स का विजय अभियान रोका

Swatantra Vaartha  Thu, 18 Mar 2010, IST

मुंबई इंडियंस ने डेयरडेविल्स का विजय अभियान रोका

नई दिल्ली। सचिन तेंदुलकर ने पहले ओवर से ही जो समां बांधा उसे मुंबई इंडियंस ने आखिर तक कायम रखकर इंडियन प्रीमियर लीग में ९८ रन की धमाकेदार जीत के साथ दिल्ली डेयरडेविल्स का विजय अभियान रोक दिया। सचिन ने यहां वही आक्रामकता दिखायी जो, जिसके दम पर वह पिछले महीने वनडे में दोहरा शतक ज़डने वाले पहले बल्लेबाज बने थे। उन्होंने ३२ गेंद पर ११ चौकों की मदद से ६३ रन ठोके, जिसके बाद मुंबई की पिछली जीत में अहम भूमिका निभाने वाले सौरव तिवारी (३७ गेंद पर ६१ रन) व अंबाती तिरुपति रायुडु (२१ गेंद पर ३४) ने जिम्मा संभाला और टीम को सात विकेट पर २१८ के विशाल स्कोर तक पहुंचाया, जो आईपीएल थ्री का सबसे ब़डा स्कोर भी है।

डेयरडेविल्स के कप्तान गौतम गंभीर की मांसपेशियों में क्षेत्ररक्षण के दौरान शुरू में ही खिंचाव आ गया और वह बल्लेबाजी के लिए नहीं आये। टीम को फार्म में चल रहे बायें हाथ के इस बल्लेबाज की ब़डी कमी खली जो। इसे वीरू बनाम सचिन मुकाबला कहा जा रहा था, लेकिन वीरेंद्र सहवाग (२६) का धमाल अधिक देर नहीं चला व डेयरडेविल्स की पूरी टीम १६३ ओवर में १२० रन पर सिमट गयी। उसकी तरफ से फरवेज महरूफ ने सर्वाधिक २८ रन बनाये। मुंबई की यह दो मैच में दूसरी जीत है और जबकि अपने पहले दोनों मैच जीतने वाली डेयरडेविल्स ने आईपीएल में पहली हार का स्वाद चखा। वह भी उसे अपने घरेलू मैदान फिरोजशाह कोटला पर मिली जो पिछले कुछ समय से खराब पिच के कारण बदनाम रहा।

सचिन की अगुवाई में मुंबई के बल्लेबाजों ने तो दिखा दिया कि कोटला की पिच में कोई ऐब नहीं है, लेकिन दिल्ली के बल्लेबाज यहां अभ्यास मैचों में मिले अनुभव का फायदा उठाने में नाकाम रहे।

गंभीर की अनुपस्थिति में दिलशान (१७) पारी का आगाज करने के लिये उतरे। उन्होंने शून्य का ग्रहण तो मिटाया, लेकिन उन्हीं के हमवतन लसिथ मालिंगा ने उनका विकेट उख़ाडकर बल्लेबाजों को पैवेलियन भेजने का जो क्रम शुरू किया वह ब़डे लक्ष्य के दबाव में किसी भी समय नहीं थमा। ड्‌वेन ब्रावो ने एक ओवर में सहवाग व एबी डिविलियर्स को आउट करके अपनी टीम की जीत की सुनिश्चित कर दी थी। मुंबई की तरफ से इस कैरेबियाई गेंदबाज के अलावा हरभजन सिंह व सनत जयसूर्या ने भी दोदो विकेट लिये। डेयरडेविल्स के लिये केवल हरभजन का एक ओवर अच्छा रहा, जिसमें महरूफ ने दो छक्के और एक चौका लगाकर १८ रन बनाये। इसके अलावा बाकी अवसरों पर उसके बल्लेबाज जूझते ही रहे।

इससे पहले मुंबई के बल्लेबाजों की ताब़डत़ोड बल्लेबाजी आकर्षण का केंद्र रही। सचिन ने नानेस पर चौका ज़डकर अपना खाता खोला और फिर महरूफ पर लगातार दो चौके लगाकर डेयरडेविल्स के गेंदबाजों को अच्छी तरह से आगाह कर दिया। सचिन जब ३६ रन पर थे, तो अमित मिश्रा ने उनका कैच छ़ोडा।

इस स्टार बल्लेबाज ने तीन उपयोगी साझेदारियां निभायी। उन्होंने सलामी ज़ोडीदार सनत जयसूर्या (०७) के साथ ३८ और आदित्य तारे (१७) के साथ १७ गेंद पर ३६ रन व े तिवारी के साथ २६ गेंद पर ४८ रन ज़ोडकर ब़डे स्कोर की नींव रखीं। सचिन जब ११वें ओवर में अमित मिश्रा की गेंद छह रन के लिये पहुंचाने के प्रयास में स्थानापन्न क्षेत्ररक्षक योगेश नागर को कैच देकर पैवेलियन लौटे तब उनकी टीम का स्कोर तीन विकेट पर १२२ रन था। गंभीर की जगह क्षेत्ररक्षण के लिये उतरे नागर ने इससे पहले महरूफ की गेंद पर जयसूर्या का एक हाथ से दर्शनीय कैच लपका था। इसके बाद तारे को प्रदीप सांगवान ने बोल्ड किया। तिवारी व रायुडु ने हालांकि दिल्ली के गेंदबाजों को राहत नहीं लेने दी और जमकर रन बटोरे। अपने राज्य के मशहूर क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी की तरह आक्रामक तेवर रखने वाले तिवारी ने अपनी पारी में चार चौके और तीन छक्के, जबकि हैदराबाद के कलात्मक बल्लेबाजों की श्रेणी के अगले उत्तराधिकारी माने जा रहे रायुडु ने एक चौका और तीन छक्के लगाये।

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