जीत की राह पर लौटने उतरेंगे डेयरडेविल्स
नयी दिल्ली। दिल्ली डेयरडेविल्स आईपीएलथ्री में मुंबई इंडियंस के हाथों मिली करारी हार के झटके से उबरते हुए चेन्नई सुपरकिंग्स के खिलाफ शुक्रवार को यहां फिरोजशाह कोटला मैदान में होने वाले मुकाबले में फिर से जीत की लय हासिल करने के इरादे से उतरेंगे।
डेयरडेविल्स को टूर्नामेंट में किंग्स इलेवन पंजाब और राजस्थान रायल्स के खिलाफ लगातार दो जीत के बाद बुधवार को अपने घरेलू मैदान में मुंबई इंडियंस के हाथों ९८ रन की जबर्दस्त हार का सामना करना प़डा था। दूसरी तरफ चेन्नई सुपरकिंग्स अपने पहले मैच में गत चैंपियन डेक्कन चार्जर्स से हारने के बाद कोलकाता नाइटराइडर्स को हराकर फिर से बुलंदी पर लौट चुके हैं और डेयरडेविल्स के खिलाफ मुकाबले के लिए उनका हौसला सातवें आसमान पर है,लेकिन दोनों ही टीमों के साथ कप्तानों की चोटों को लेकर गंभीर समस्या है। सुपरकिंग्स के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी हाथ की चोट के कारण दस दिन के लिए आईपीएल से बाहर हो चुके हैं, जबकि दिल्ली के कप्तान गौतम गंभीर को हैमस्ट्रिंग की चोट है और उनका इस मैच में खेलना संदिग्ध है।
गंभीर इस चोट के कारण मुंबई की पारी के शुरू में ही मैदान से बाहर चले गए थे और उसके बाद वह फिर मैदान में नहीं लौटे। गंभीर ने दिल्ली की पारी में बल्लेबाजी भी नहीं की, जिसका खामियाजा दिल्ली की टीम को हार के रूप में चुकाना प़डा। गंभीर की गैरमौजूदगी में वीरेन्द्र सहवाग को अपने ज़ोडीदार की कमी खली और वह सिर्फ २६ रन बनाकर आउट हो गए। दिल्ली मुंबई के खिलाफ १६३ ओवर में १२० रन ही बना सकी। दिल्ली के लिए गंभीर की कमी को पूरा कर पाना वास्तव में बहुत मुश्किल होगा। जो समस्या धोनी के नहीं खेलने से चेन्नई के सामने है, ठीक उसी समस्या से दिल्ली को भी दोचार होना प़ड सकता है। ये दोनों की बल्लेबाज जबर्दस्त फार्म में चल रहे थे और इनके न खेल पाने से दर्शकों को भी निराश होना प़ड रहा है।
गंभीर की अनुपस्थिति में विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक ने टीम की कप्तानी संभाली थी, लेकिन वह अपनी टीम को गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों ही क्षेत्रों में प्रेरित नहीं कर पाए। कार्तिक ने भी मैच के बाद स्वीकार किया था कि कप्तानी उनके लिए नया अनुभव थी और वह अभी सीखने की प्रक्रिया में हैं।
पहले दो संस्करणों की सेमीफाइनलिस्ट दिल्ली को यदि वापस जीत की राह पर लौटना है,तो उसके गेंदबाजों और बल्लेबाजों को दोनों को संयमित प्रदर्शन करना होगा। दिल्ली यह गवारा नहीं कर सकती कि उसके गेंदबाज मुक्तभाव से रन लुटाकर प्रतिद्वंद्वी को मुंबई की तरह एक ब़डा स्कोर ख़डा करने का फिर से मौका दे दें।
मुंबई ने दिल्ली के गेंदबाजों के लचर प्रदर्शन का फायदा उठाते हुए सात विकेट पर २१८ रन का विशाल स्कोर ख़डा किया था। दिल्ली के चारों शीर्ष गेंदबाज डर्क नानेस, फरवेज महरूफ, प्रदीप सांगवान व अमित मिश्रा को अपने प्रदर्शन में सुधार लाना होगा। नानेस ने पिछले मैच में ३५, महरूफ ने ५१,सांगवान ने ४१ और अमित मिश्रा ने ४३ रन लुटाए थे। २०२० में इस तरह की गेंदबाजी कर मैच नहीं जीते जा सकते।
गंभीर अगर इस मैच में नहीं खेलते हैं,तो उनकी जगह आस्ट्रेलिया के धुरंधर ओपनर डेविड वार्नर को मौका मिल सकता है, जो किसी भी गेंदबाजी क्रम की बखिया उध़ेडने में सक्षम हैं। गंभीर की गैरमौजूदगी में वीरेन्द्र सहवाग को बल्लेबाजी में संयम दिखाना होगा। मध्यक्रम में एबी डीविलियर्स, तिलकरत्ने दिलशान, मिथुन मन्हास और कार्तिक को सुपरकिंग्स के खिलाफ रनों का अंबार लगाना होगा। जहां तक सुपरकिंग्स का सवाल है, तो जबर्दस्त फार्म में चल रहे कप्तान धोनी की गैरमौजूदगी टीम के लिए भारी प़ड सकती है। धोनी ने कोलकाता नाइटराइडर्स के खिलाफ विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए अपनी टीम की जीत का मार्ग प्रशस्त किया था। उनकी गैरमौजूदगी में टीम की कप्तानी संभाल रहे सुरेश रैना की भी इस मैच में अग्निपरीक्षा होगी। बाएं हाथ के बल्लेबाज को टीम के नेतृत्व के साथसाथ अपनी बल्लेबाजी में भी सुधार करना होगा,ताकि टीम को अच्छे स्कोर तक पहुंचा सकें।
टूर्नामेंट के पहले संस्करण के फाइनल और दक्षिण अफ्रीका में हुए दूसरे संस्करण में सेमीफाइनल तक का सफर करने वाली सुपरकिंग्स के पास कई धुरंधर खिल़ाडी हैं और कागजों पर इसे टूर्नामेंट की सबसे मजबूत टीम माना जा रहा है। हालांकि ओपनिंग में आस्ट्रेलिया के दिग्गज खिल़ाडी मैैथ्यू हेडन अब तक अपनी प्रतिष्ठा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। टीम के पास मुरली विजय,एसबद्रीनाथ, रैना और पार्थिव पटेल जैसे बल्लेबाज हैं। दिल्ली के खिलाफ इन बल्लेबाजों को अपना पराक्रम दिखाना होगा। गेंदबाजी में टीम के श्रीलंका के दिग्गज ऑफ स्पिनर मुथैया मुरलीधरन, जस्टिन केंप, लक्ष्मीपति बालाजी और मनप्रीत गोनी जैसे धुरंधर गेंदबाज हैं, जिन्होंने पिछले मैच में नाइटराइडर्स की बल्लेबाजी को सस्ते में समेट दिया था। दिल्ली के खिलाफ भी टीम को अपने गेंदबाजों से ऐसे ही प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
