चैलेंजर्स की रायल्स पर शाही जीत
बेंगलूर। प्रवीण कुमार की हैट्रिक, अनिल कुंबले के कहर व जैक्स कैलिस के आलराउंड प्रदर्शन की मदद से रायल चैलेंजर्स बेंगलूर ने कल यहां शाही अंदाज में राजस्थान रायल्स पर ५६ गेंद शेष रहते हुए दस विकेट से जीत दर्ज करके इंडियन प्रीमियर लीग में अपने विजय अभियान को गति दी।
यह रायल और रायल्स के बीच की जंग थी, लेकिन बेंगलूर की टीम ने इसके इतना एकतरफा बना दिया कि मैच में किसी भी समय ऐसा नहीं लगा कि २००८ की चैंपियन और २००९ की उप विजेता टीम आमनेसामने हैं। यह दुनिया के दो दिग्गज लेग स्पिनरों के बीच की टक्कर भी थी, लेकिन यहां वार्न को मुंह की खानी प़डी और लगातार तीसरी हार से उनकी टीम के समीकरण ग़डब़डाने लगे हैं।
वार्न की टीम के लिए शुरू से ही कुछ भी अच्छा नहीं रहा। पहले वह टॉस हार गये व फिर उनके बल्लेबाजों में पैवेलियन लौटने की ह़ोड मच गयी। प्रवीण ने १७वें ओवर में डेमियन मार्टिन, सुमित नारवाल व पारस डोगरा को आउट करके तीसरे सत्र की पहली और आईपीएल की कुल सातवीं हैट्रिक पूरी की,जबकि कुंबले ने केवल नौ रन देकर तीन विकेट लिये, जिससे रायल्स की टीम १९५ ओवर में ९२ रन पर ढेर हो गयी। राजस्थान की पारी में चार ओवर में २० रन देकर दो विकेट लेने वाले जैक्स कैलिस ने बल्लेबाजी में अपनी शानदार फार्म जारी रखी व ३४ गेंद पर नाबाद ४४ रन की आकर्षक पारी खेली। युवा मनीष पांडे (३० गेंद पर नाबाद ४२) ने उनका पूरा साथ दिया व रायल चैलेंजर्स ने केवल १०४ ओवर में ९३ रन बनाकर इस टूर्नामेंट की सबसे ब़डी और आसान जीत दर्ज की। आईपीएल में यह तीसरा अवसर है, जबकि कोई टीम दस विकेट से मैच जीती।
रॉयल चैलेंजर्स की यह लगातार दूसरी जीत है व इसमें फिर से उसके नायक कैलिस रहे। उन्होंने पहले गेंदबाजी में राजस्थान रायल्स पर दबाव बनाने में अहम भूमिका निभायी और फिर बल्लेबाजी में भी रंग यह तय कर दिया कि ओरेंज कैप ( टूर्नामेंट में सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज को मिलने वाली कैप) के लिये अन्य बल्लेबाजों को आगे काफी मेहनत करनी होगी। दक्षिण अफ्रीका के इस बल्लेबाज ने अपनी पारी में सात चौके जमाये, जबकि पिछले आईपीएल में शतक ज़डने वाले मनीष पांडे ने सात चौकों के अलावा एक छक्का भी लगाया। इन दोनों ने शुरू से ही गेंदबाजों पर हावी होने की रणनीति अपनायी। लक्ष्य कम था और ऐसे में वार्न की गुगली तो क्या उनका कोई तुरुप का इक्का भी नहीं चल पाया। ग्रीम स्मिथ व दिमित्री मास्करेनास जैसे खिला़डयों के चोटिल होने से कमजोर हुई राजस्थान की टीम असल में फिसड्डी साबित हुई। उसकी तरफ से विस्फोटक बल्लेबाज यूसुफ पठान ने सर्वाधिक २६ रन बनाये, लेकिन इसके लिये उन्होंने २४ गेंद खेली तथा उन्हें दो बार जीवनदान भी मिले।
