िपच करण के दोिषयों को कडी सजा दी जाए : बेदी
नइ दीली।। िदली एड जिला िक्केट सघ (डीडीसीए) के खिलाफ असतोष का दार जारी ह आर पूव भारतीय कतान बिशन सिंह बेदी ने रविवार को िपच करण में दोषी पाये जाने वालों के खिलाफ सजा देने के अलावा आर डीडीसीए की िवशाल खेल सिमित में काट छाट करने की माग की।
बेदी ने यहा एक ेस काफेंस में कहा िक वह आर अय खिलाडी डीडीसीए के अयक्ष शनिवार को अण जेटली से मिलेंगे तथा उहें किकेट सुधार समिति (सीआइसी) का गठन करने के लिये मनायेंगे,जिससे डीडीसीए पारदशिता आर सुचा प से काम करे।
उहोंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि जेटली को इस पूरे करण के लिये जिमेदार ठहराना चाहिए। मने उनसे बात की ह आर वह डीडीसीए के लिए सीआइसी का गठन करने के इछुक थे,जिसमें पूव किकेटर शामिल हों। यह एक अछी चीज ह।
बेदी ने कहा कि हम उनसे दो जनवरी को मिलेंगे आर इस विषय पर चच करेंगे।
हम उनके सामने अपनी राय रखेंगे। अगर सीआइसी का गठन होगा, तो मुझे लगता ह कि पूव खिलाडी किकेट की अछाइ के लिए अपने अनुभवों का इतेमाल करेंगे। यह महान पिनर पिच करण से काफी गुसे में था,जिसके कारण २३३ ओवर के बाद भारत व श्रीलका के बीच पाचवें आर अतिम वनडे र हो गया था। बेदी ने कहा कि मेरा मानना ह कि जो भी इस करण के लिए जिमेदार हो, उसे सामने लाना चाहिए, वना भविय में फिर ऐसी चीजें हो सकती ह, लेकिन उहोंने साथ ही कहा कि जिस पिच के कारण यह मच रदद हआ वह जानबूझकर किया गया यास नहीं था।
मच रदद होने के कारण डीडीसीए को काफी आलोचना झेलनी पडी ह आर उसकी मदान एव पिच समिति ने घटना के तुरत बाद ही इतीफा दे दिया था। भारतीय किकेट कटोल बोड (बीसीसीआइ) ने भी इस घटना के बाद अपनी मदान एव पिच समिति को बखात कर दिया था। अतराटीय किकेट परिषद (आइसीसी) ने इस मामले में बीसीसीआइ को जवाब देने के लिए १४ दिन का समय दे रखा । इस मामले को लेकर कोटला पर एक से दो वष का तिबध भी लग सकता ह आर उसके २०११ के विव कप मच भी छिन सकते ।
कोटला मदान की पिच की पूव भारतीय कतान सुनील गावकर आर दिलीप वेंगसरकर, पूव किकेट सजय माजरेकर, भारतीय कतान महे सिंह धोनी, बलेबाज गातम गभीर आर वीरे सहवाग तथा गेंदबाज हरभजन सिंह भी कडी आलोचना कर चुके ह। इन सभी का कहना ह कि यह पिच वनडे के लिए बिकुल भी माकूल नहीं थी। बेदी ने हालाकि कहा कि कोटला पर तिबध लगाने से भारतीय किकेट का कोइ भला नहीं हो सकता। उहोंने डीडीसीए के अयक्ष अण जेटली का भी समथन करते हए कहा कि यह मदान राजधानी के गारव का तीक ह आर इस पर तिबध लगाने से किकेट को ही नुकसान होगा।
इस ६३ वर्षीय पूव पिनर ने डीडीसीए की खेल समिति पर आकोश य करते हए कहा कि खेल समिति १९९४ में बनी थी, जिसमें काफी सया में लोग माजूद ह। यह सिफ थानीय लीग के लिये बनी थी, लेकिन महवपूण मुाें पर फसले करने की बात नहीं थी। उहोंने कहा कि म किसी का भी नाम नहीं लेना चाहता। बोड में कुछ ऐसे तव ह, जो अपना फायदा उठाकर सिफ खेल को नुकसान पहचा रहे ह। यह चीज बदलनी चाहिए।
जेटली को लिखे एक अलग प में बेदी ने खेल समिति पर भटाचार आर भाइ भतीजावाद का आरोप लगाया। बेदी चाहते ह कि डीडीसीए में काम करने के तर में सुधार करने के लिये दिली के टार खिलाडियों को भी आगे आना चाहिए। उहोंने कहा कि पूव खिलाडियों के अलावा, माजूदा खिलाडी जसे वीरें सहवाग, गातम गभीर, विराट कोहली, आशीष नेहरा आर इशात शमा को भी आगे आना चाहिए तथा कुछ करना चाहिए,योंकि वे भविय के टारों के लिए ेरणााेत ।
