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िक्केट मचों की बढती संख्या िचंता की बात : लोगट

swatantrvartha  Fri, 1 Jan 2010, IST

िक्केट मचों की बढती संख्या िचंता की बात : लोगट

नइ िदली। आइसीसी किकेट मचों की बढती सया से िचंतित है लेकिन इसके सीइओ हान लोगट ने कहा कि अगर बोड अपनी िपक्षीय श्रखलाआें अधिक से अधिक मच शािमल करने का फसला करते ह, तो विवक सथा इस मामले में कुछ नहीं कर सकती।

लोगट ने कहा िककेट मचों की सया के बधन की जिमेदारी सामूहिक तार पर आइसीसी, सदय बोड आर खिलाडियों पर ह तथा सही सतुलन ढूढना चुनाती ।

लोगट ने सवाददाताआें को दिये साक्षाकार में कहा कि यह सही िक िखलाडी आजकल अधिक किकेट खेल रहे ह आर यह सही ह कि हमें किकेट मचों की सया पर चिंता करने की जरत ह आर इसकी जिमेदारी हम सभी आइसीसी, सदय बोडा] आर खिलाडियों पर भी ।

उहोंने कहा कि शासकों को कायकम की जानकारी होनी चाहिए। मेरे नजर में यह सामूहिक जिमेदारी ह योंकि मचों की सया के बधन में सभी का हाथ ह। देश पिक्षीय तार पर श्रखला तय करते ह आर वह १०, पाच या तीन एकदिवसीय के अलावा पाच टेट मचों का आयोजन कर सकते ह। वे इसे कम भी कर सकते ह। इस बारे में आइसीसी कुछ नहीं कर सकता।

लोगट ने कहा कि खेल के तीनों ापों के बीच सतुलन थापित करना जरी ह। उहोंने कहा कि हमारा मानना ह कि तीनों ाप जरी ह, लेकिन कायकम तय करते वत हमें यान में रखना चाहिए कि हम सभी ापों के बीच सही सतुलन बनाकर चलें। यह पूछने पर कि या आइसीसी लुभावनी इडियन ीमियर लीग के लिए खिलाडियों के राटीय तिबता से पीछे हटने के ताजा चलन से भी चिंतित ह, लोगट ने कहा कि ऐसी धारणा पूरी तरह से सच नहीं ह। उहोंने कहा कि कइ ऐसे खिलाडी ह जो यह सुनिचित करना चाहतें ह कि वह अपनी सवश्रेठ फिटनेस में रहें आर वह आइपीएल में नहीं खेलना चाहते जिससे कि अहम टेट श्रखला की तयारी कर सकें।

एडयू लिटाफ के २०२० लीग में खेलने के लिए फीलासर बनने से भले ही कइ लोगों को झटका लगा हो, लेकिन लोगट ने कहा कि चोटों से जूझ रहे इस आलराउडर को अपवाद के तार देखा जा सकता ह। उहोंने कहा कि यह अछा उदाहरण नहीं ह। मुझे दिखाइये कि या सचिन (तेंदुलकर) फीलासर बना ह, दिखाइये कि रिकी पोंटिंग या गीम मिथ फीलासर बना हो। ये अपने करियर के चरम पर ह।

लोगट ने यह भी साफ किया ह कि आइसीसी भविय दारा कायकम (एएफटीपी) में इडियन ीमियर लीग (आइपीएल) को थायी विंडो देने की योजना भी नहीं बना रहा ह। उहोंने कहा कि एफटीपी अतराटीय कायकम से जुडा ह। इसमें घरेलू तियोगिताआें की विंडो के लिए कोइ जगह नहीं ह। या आप एफटीपी की कपना कर सकते हो जब इसमें सभी घरेलू तियोगिताए शामिल हों।

हम इस बारे में नहीं सोच रहे। अगर बोड आइपीएल में खेलने वाले अपने खिलाडियों के अलावा अय के लिए आराम का समय चाहता ह तो यह उनका फसला ह। उपमहाीप में होने वाले २०११ विव कप की तयारियों के बारे में पूछने पर उहोंने कहा कि शुआती परेशानियों के बाद सब कुछ पटरी पर ह।

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