कोटला की िपच काफी खतरनाक थी : सगकारा
कोलबो। िफरोजशाह कोटला पिच करण पर अपनी चुपी तोडते हए श्रीलका के कतान कुमार सगकारा ने आज कहा कि पहले पाच ओवर के बाद ही िवकेट सामाय नहीं लग रहा था आर इस पर खेल जारी रखना काफी खतरनाक था। उहोंने कहा िक यहा तक िक 6 से 10ओवर के बाद भी हमें लगा िक िपच सामाय नहीं है ।
लेकिन मच रफरी एलन हट ने कहा कि म कुछ नहीं कर सकता। यह फसला मदानी अपायरों को करना ह। टीम के भारत से एकदिवसीय आर टेट श्रखला गवाकर लाटने के बाद सगकारा ने कहा कि हमने चाथे अपायर से भी बात की, लेकिन हम बाहर से अपायर को आगह नहीं कर सकते थे। यह आगह मदान पर खेल रहे बलेबाजों को करना था।
सगकारा ने यहा सवाददाताआें से कहा कि अपायर भी यह देखने का इतजार कर थे कि या पिच में सुधार होता ह। २३वें ओवर तक उहें पता चल गया कि इसमें सुधार नहीं होगा। इसके बाद एमपुपकुमार को गेंद लगी आर तिलन कदाबी भी बालबाल बचा। श्रीलकाइ कतान ने कहा कि कदाबी ने अपायरों से बात की जिहोंने कहा कि वे भी पिच में सुधार होने का इतजार कर रहे ह, लेकिन ऐसा नहीं हआ। इसलिए यह बलेबाजी करने के लिए खतरनाक पिच थी। इस करण के बाद कोटला पर अतराटीय किकेट से तिबध का खतरा मडरा रहा ह, जबकि दिली आर जिला किकेट सघ के अधिकारियों ने श्रीलका पर हार के डर से मच से ‘पीछे हटने’ का आरोप लगाया ।
भारत के निराशाजनक दारे पर सगकारा ने कहा कि युवा के दशन से इस दारे के कुछ सकारामक पक्ष भी रहे। उहोंने कहा कि हमने कुछ युवा खिलाडियों सुरगा लखमल, एजेलो मयूज, तिषारा परेरा आर सूरज रणदीव को अछा दशन करते हए देखा। युवा खिलाडियों को समझ में आने लगा ह कि किसी को भी माका मिल सकता ह आर हम देखेंगे कि वह टीम में जगह के लिए यास करेंगे, सिफ विव कप के लिए ही नहीं बकि अय दारों के लिए भी। यह श्रीलकाइ किकेट के लिए काफी अछा ह। श्रीलका के चयनकताआें असता डि मेल का भी मानना ह कि बुरे नतीजों के बावजूद कि टीम का दशन इतना खराब नहीं रहा।
