सहवाग की तरह खेलने की कोिशश नहीं करता : गभीर वीरेंद
नइ िदली। गातम गभीर का मानना है वीरेंद् सहवाग के साथ पारी की शुआत करते वत वह दूसरे छोर पर गेंदबाजों का कलेआन देखने के बाद भी अपनी लय में खेलतेहै आर वह दायें हाथ के इस बलेबाज की तरह खेलने की कोिशश नहीं करते।
त्रीकाेणीय श्रखला के िलए बगलादेश रवाना होने से पहले गभीर ने कहा कि में अपनी बलेबाजी पर बात की। उहोंने कहा कि म सिफ म बनकर खेलने की कोशिश करता है ।
मुझे पता कि मेरे मजबूत पक्ष या ह आर म इसके मुताबिक ही खेलता है म यह नहीं सोचता कि सहवाग दूसरे छोर पर या कर रहा ह। उहोंने कहा कि मेरा अपना खेल आर शली ह। एक अछी चीज यह हइ कि म अपने करियर में काफी जदी अपने खेल को जान गया था। मुझे अपने मजबूत पक्ष पता ह आर म इसी के मुताबिक खेलता ह। म हमेशा यही करने का यास करता ।
दिली के इस बलेबाज ने कहा कि म ऐसी चीजें करने का यास नहीं करता जो म नहीं कर सकता। आपको ऐसे चुनातिया नहीं लेनी चाहिए, जिसका सामना आप नहीं कर पाओ। गभीर हाल के समय में एक ताबडतोड बलेबाज की छवि से निकलकर भारत के नये तारणहार बनकर उभरे ह आर एकदिवसीय में सलामी बलेबाज का थान सचिन तेंदुलकर के लिए छोडने के बावजूद गभीर ने कहा कि वह तीसरे नबर पर बलेबाजी की चुनाती का लुफ उठा रहे ह योंकि यह उहें अपनी विविधता साबित करने का माका देता।
बायें हाथ के इस बलेबाज बलेबाज ने कहा कि तीसरे नबर पर बलेबाजी करना सबसे मुकिल काम ह। कभीकभी टीम जद विकेट गवा देती ह आर ऐसे में आपको पारी सवारनी होती ह आर पावर ले के १० से १५ ओवर का फायदा भी उठाना होता ह। बाए हाथ के बलेबाज गभीर ने कहा कि आपको लय भी बरकरार रखनी होती ह। आपको दोनों तरह का खेल खेलना आना चाहिए, पारी को मजबूती देने का भी आर लय बनाये रखने का भी। यही कारण ह कि यह मुकिल ह। उहोंने कहा कि जब आप पारी की शुआत करने उतरते हो, तो आपको अपने शाट खेलने की पूरी छूट होती ह योंकि पारी सभालने के लिए बाकी खिलाडी होते ह, लेकिन तीसरे नबर पर बलेबाजी करते हए आपको साझेदारी निभानी होती ह आर आप समय आर गेंद भी बबाद नहीं कर सकते।
