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श्रीलंका त्रिकोणीय श्रखला के फाइनल में

swatantravaartha  Sat, 9 Jan 2010, IST

श्रीलंका त्रिकोणीय श्रखला के फाइनल में

मीरपुर। सलामी बलेबाज उपुल थरगा आर राटीय टीम में वापसी करने वाले पूव कतान महेला जयवթने के शतक आर दोनों के बीच २१५ रन की साझेदारी की मदद से श्रीलका ने आइडिया कप त्रिकोणीय एकदिवसीय श्रखला में आज यहा बगलादेश को ना विकेट से हराकर फाइनल में अपनी जगह सुनिचित की।

भारत के दारे पर लचर दशन के बाद टीम से बाहर जयवթने ने वापसी का जन ११७ गेंद में १३ चाकों की मदद से १०८ रन की पारी खेलकर मनाया आर थरगा के साथ पहले विकेट के लिए २१५ रन जोडकर टीम को ७१ ओवर शेष रहते एक विकेट पर २५२ रन तक पहचाकर जीत दिला दी। थरगा ने १२६ गेंद में १८ चाकों की मदद से नाबाद ११८ रन की पारी खेलते हए अपना आठवा शतक पूरा किया। करियर का १२वा शतक जडने वाले जयवթने को चामरा सिवा आर एमपुपकुमार के चोटिल होने के कारण वदेश लाटने के बाद टीम के साथ जोडा गया था।

इससे पहले बगलादेश की टीम बलेबाजों के गरजिमेदाराना दशन के कारण ना विकेट पर २४९ रन ही बना सकी। मेजबान टीम की ओर से कतान सकीबुल हसन ने सवाधिक ४७ रन बनाये। इस हार के बाद बगलादेश की टीम तियोगिता से लगभग बाहर हो गइ ह। उसके तीन मचों में एक भी अक नहीं ह आर वह अक तालिका में अतिम थान पर ह। श्रीलका तीन मच में तीन जीत के साथ चोटी पर चल रहा ह, जबकि भारत ने दो मचों में एक जीत दज की ।

बगलादेश को अगर फाइनल में पहचना ह,तो भारतीय टीम को बडे अतर से हराना होगा आर साथ ही उमीद करनी होगी कि श्रीलका भी महें सिंह धोनी की टीम को बडे अतर से हरा दे, योंकि मेजबान टीम का रन रेट भी माइनस ०६२६ ह आर उसके बराबर अक के साथ उससे खराब रन रेट पर ही भारत टूनामेंट से बाहर हो सकता ।

तिलकरने दिलशान के चोटिल होने के कारण सलामी बलेबाज की भूमिका निभाने वाले जयवթने ने बेल हसन के दूसरे ओवर में ही तीन चाके जडकर अपने इरादे जाहिर कर दिये थे। उहोंने हसन पर कुल सात चाके मारे। थरगा ने भी बगलादेश के कतान सकीबुल हसन पर लगातार चाके जडे। जयवթने ने सयद रसेल की गेंद पर तीन रन लेकर अपना अթशतक आर टीम के १०० रन पूरे किये। थरगा ने भी अगले ओवर में पूव कतान मोहमद अशरफुल पर चाका जडकर ५० रन का आकडा छुआ। थरगा ने सयद रसेल को निशाना बनाते हए इस तेज गेंद पर छह चाके जडे, जिसमें से तीन चाके उहोंने २३वें ओवर में मारे।

जयवթने आर थरगा ने इसके बाद आसानी से अपने शतक पूरे किये। जयवթने ३८वें ओवर में नइम इलाम की गेंद पर विकेट के पीछे लपके गये,लेकिन थरगा ने इसके बाद कतान कुमार सगकारा (नाबाद १७) के साथ मिलकर टीम को जीत दिला दी। इससे पहले बगलादेश का कोइ भी बलेबाज बडी पारी नहीं खेल पाया। कतान सकीबुल हसन आर रकीबुल हसन (४३) ने चाथे विकेट के लिए ११४ गेंद में ७८ रन जोडकर पारी को थोडी थिरता दी। इसके अलावा सलामी बलेबाज तमीम इकबाल (२१) आर इमल कायेस (४२) ही पहले विकेट के लिए ४४ रन जुटा सके।

तीन विकेट ८८ रन पर गवाने के बाद बलेबाजी को उतरे सकीबुल ने ७५ गेंद की इस पारी के दारान केवल एक चाका जडा। वह आफ साइड से बाहर जाती गेंद से छेडछाड के यास में आउट हए। सकीबुल के आउट होने के बाद बगलादेश की पारी लडखडा गइ आर उसने चार ओवर में ३२ रन के भीतर मुशफिकुर रहीम (३२), नइम इलाम (०५), अदुर रजाक (०१) आर बेल हसन (००) के विकेट गवा दिये।

तमीम आर कायेस की सलामी जोडी बगलादेश को तेज शुआत देने में विफल रही। तमीम ने तिलन तुषारा के चाथे ओवर में चाका आर छका जडा, लेकिन वह सूरज रणदीव की सीधी गेंद को चूककर पगबाधा आउट हो गये। पूव कतान मोहमद अशरफुल (१३) भी इसके बाद १४वें ओवर में दूसरा रन लेने के यास में तिलन तुषारा के सटीक थो पर पवेलियन लाटे। चार ओवर बाद कायेस भी तिषारा परेरा की गेंद पर पगबाधा आउट हए जिससे टीम का कोर तीन विकेट पर ८८ रन हो गया। उप कतान मुशफिकुर ने लाग ओवर में दो छके जडकर दशकों को जन मनाने का माका दिया,लेकिन वह अत तक विकेट पर टिकने में विफल रहे आर २२ गेंद में ३२ रन की पारी खेलकर आउट हो गये।

श्रीलका की ओर से नुआन कुलशेखरा, तिषारा परेरा आर सूरज रणदीव ने दोदो विकेट चटकाए।

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