चोटों से दूर रहना आर सवश्रेठ दशन करना ही ह इस वष की चुनाती : सायना
नइ दिली। ओलपियन सायना नेहवाल ने कहा कि २०१० में उनका लय चोटों से दूर रहने के अलावा मुय अतराटीय बडमिंटन टूनामेंट जसे विव कप, राटमडल खेलों,इडियन ओपन व एशियाइ चपियनशिप में सवश्रेठ दशन करना ह।
सायना ने कहा कि मने इस वष कोइ विशेष लय नहीं बनाया ह, लेकिन म खुद को चोटों से दूर रखने के अलावा कुछ महवपूण टूनामेंटो में सवश्रेठ दशन करना चाहती ह।
वह चोटिल होने के कारण साल की शुआत राटीय सीनियर बडमिंटन चपियनशिप आर सुपर सीरीज टूनामेंट कोरियाइ ओपन में नहीं खेल सकी, लेकिन अब स की शुआत २५ जनवरी से होने वाले मलेशियाइ ओपन से करेंगी। इस आठवीं रकिंग पर काबिज खिलाडी ने कहा कि म राटीय चपियनशिप व कोरियाइ ओपन में नहीं खेल पाऊगी। लेकिन अभी मेरा लय जनवरी के अत में होने वाला मलेशियाइ ओपन ह, जिसमें म अपना बेहतरीन दशन दिखाने की कोशिश कगी। यह पूछे जाने पर रकिंग उनके लिये कितनी महवपूण ह आर २०१० में बरकरार रखने के लिये या योजनाए ह,तो सायना ने कहा कि रकिंग निचित प से मायने रखती ह, लेकिन अगर आप कोइ टूनामेंट जीत जाते तो इसमें खुद ब खुद सुधार हो जाता ह।
इस वष किसी टूनामेंट में खिताब की उमीदों के बारे में सायना ने कहा कि निचित प से कोइ भी खिलाडी जीतने के बारे में ही सोचता ह, लेकिन ऐसा नहीं ह कि म हर टूनामेंट को जीतने की कोशिश करती ह, लेकिन म अछा दशन व येक राउड को जीतने के बारे में सोचती ह। भारत की इस शीष खिलाडी ने कहा कि इस वष निचित प से विव कप, राटमडल खेल, आल इलड, इडिया ओपन व एशियाइ चपियनशिप काफी महवपूण टूनामेंट ह, लेकिन म सुपर सीरीज पर भी यान लगाना चाहती ह योंकि इनमें भाग नहीं लेने से मेरी रकिंग पर असर पडेगा।
सायना को २००९ में कइ अखबारों आर चनलों ने ‘सवश्रेठ खिलाडी’ चुना था। यह पूछे जाने पर कि या इससे कुछ दबाव बढता ह,तो इस हदराबादी ने कहा कि वष का सवश्रेठ खिलाडी चुना जाना ेरणादायी होता ह। म इससे काफी खुश ह। इससे मुझ पर कोइ दबाव नहीं होता, बकि कडी मेहनत करके आर अधिक बेहतर परिणाम देने की ेरणा मिलती ह।
