तेंदुलकर ने घबराहट दूर करने में मदद की : रैना
कोलंबो। अपने पदार्पण टेस्ट मैच में ही शतक ज़डने वाले सुरेश रैना ने आज कहा कि जब वह क्रीज पर उतरे तो थ़ोडा नर्वस थे, लेकिन सचिन तेंदुलकर के साथ बातचीत में शुरूआती घबराहट से पार पाने में मदद मिली। रैना ने श्रीलंका के खिलाफ १२० रन बनाये और इस तरह से क्रिकेट के तीनों प्रारूप में शतक जमाने वाले पहले भारतीय भी बने। रैना ने चौथे दिन का खेल समाप्त होने के बाद कहा कि हां जब मैं क्रीज पर उतरा तो थ़ोडा नर्वस था लेकिन सचिन ने कहा कि अपने खेल का लुत्फ उठाओ। यह क्षण फिर कभी नहीं आएगा। तुम अपना पहला टेस्ट मैच खेल रहे हो इसका मजा लो। तेंदुलकर और रैना ने पांचवें विकेट के लिये २५६ रन की साझेदारी की। उन्होंने कहा कि उनका तेंदुलकर के साथ टेस्ट मैचों में बल्लेबाजी करने का वषा] पुराना सपना भी पूरा हो गया।
उन्होंने कहा कि ईश्वर की कृपा से मुझे यह मौका मिला और सचिन के साथ बल्लेबाजी करने का मेरा सपना था और आज यह पूरा हो गया। उन्होंने मुझसे कहा कि तुमने वनडे में टीम को कई मैचों में जीत दिलायी है। टेस्ट मैचों में भी अच्छा प्रदर्शन करो और इसका मजा लो। रैना को युवराज सिंह के अस्वस्थ होने के कारण टीम में लिया गया था और उन्होंने इस मौके का पूरा फायदा उठाया।
वहीं श्रीलंका के कोच ट्रेवर बेलिस का मानना है कि एसएससी की सपाट पिच पर मुथैया मुरलीधरन को भी संघर्ष करना प़डता जहां दूसरे टैस्ट मैच में चार दिन के अंदर केवल १३ विकेट गिरे हैं।
श्रीलंकाई कोच ने कहा कि इस मैच में विकेट की स्थिति को देखते हुए प्रदर्शन को आंकना थ़ोडा मुश्किल है। यहां तक कि मुरली को भी यहां पर विकेट लेने के लिये संघर्ष करना प़डता। बेलिस ने स्पिनर अजंता मेंडिस और सूरज रणदीव के प्रदर्शन पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि हमारे पास दो युवा गेंदबाज हैं जिन्होंने इस सपाट विकेट पर बहुत अच्छी गेंदबाजी की।
श्रीलंकाई स्पिनरों का मैच में अच्छा प्रदर्शन रहा। बेलिस ने कहा कि यदि प्रसन्ना जयवर्द्धने ने सचिन तेंदुलकर को उनकी पारी के शुरू में ही जीवनदान नहीं दिया होता तो फिर मैच की स्थिति कुछ अलग होती। उन्होंने कहा कि हमने जब जल्दीजल्दी तीन विकेट निकाले थे तो हमारे पास मौका था। यदि तब हम एक या दो विकेट और ले लेते तो स्थिति भिन्न होती। हमने तेंदुलकर का तब आसान कैच छ़ोड दिया था जब वह २९ रन पर थे।
