फुटबाल प्रशासकों ने मुझे धोखा दिया : माराडोना
ब्यूनस आयर्। अर्जेन्टीना की राष्ट्रीय फुटबाल टीम के कोच पद से हटाए गए डिएगो माराडोना ने आरोप लगाया है कि देश के फुटबाल प्रशासकों ने उन्हें धोखा दिया है। दक्षिण अफ्रीका में हाल में संपन्न विश्व कप में जर्मनी के हाथों क्वार्टर फाइनल में ४० की जोरदार शिकस्त के बाद ही बतौर कोच माराडोना के भविष्य पर संदेह के बादल मंडराने लगे थे। अर्जेन्टीना फुटबाल संघ (एएफए) की मंगलवार को हुई बैठक में उनके अनुबंध का नवीनीकरण नहीं करने का फैसला किया गया। विश्व कप में हार के बाद पहली बार मीडिया से मुखातिब हुए माराडोना ने एएफए के अध्यक्ष जूलियो ग्रोन्डोना और राष्ट्रीय टीम के तकनीकी निदेशक कार्लोस बिलार्डो को आ़डे हाथों लेते हुए कहा कि ग्रोन्डोना ने मुझसे झूठ बोला और बिलार्डो ने मुझे धोखा दिया।
उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका में जर्मनी के हाथों क्वार्टर फाइनल में हार के बाद ग्रोन्डोना ने चेंजिंग रूम में मुझसे कहा था वह मेरे काम से बेहद खुश हैं और आगे भी मुझे कोच बनाए रखना चाहते हैं। ऐसे समय में जबकि हम निराशा के दौर से गुजर रहे थे तो बिलार्डो ने मुझे बाहर का रास्ता दिखाने का काम किया।
वर्ष १९८६ में अर्जेन्टीना की विश्व विजेता टीम के कप्तान रहे माराडोना को २००८ में राष्ट्रीय टीम का कोच बनाया गया था। इस दौरान एक प्रेस कांफ्रेंस में असभ्य भाषा का इस्तेमाल करने पर उन्हें दो महीने के लिए प्रतिबंधित भी किया गया था। विश्व कप के क्वालीफाइंग मैचों में टीम का प्रदर्शन काफी अच्छा नहीं रहा था, लेकिन फिर भी वह जैसेतैसे दअफ्रीका का टिकट पाने में सफल रही। विश्व कप के शुरुआती मैचों में टीम के धमाकेदार प्रदर्शन को देखते हुए अर्जेन्टीना को खिताब का प्रबल दावेदार माना जाने लगा था, लेकिन क्वार्टर फाइनल में जर्मनी के हाथों हार के साथ ही माराडोना का बतौर कोच विजेता ट्राफी उठाने का सपना जमींदोज हो गया।
माराडोना ने कहा कि वह अब भी विश्व कप में हार के सदमे से नहीं उबर पाए हैं। उन्होंने कहा कि हार की कुछ जिम्मेदारी एएफए की भी बनती है। माराडोना ने कहा कि मैंने संकट के समय टीम की कमान संभाली थी और अब मुझे उसका यह सिला मिला है। अभी मेरा काम अधूरा है और मुझे बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
माराडोना ने कहा कि वह कोच पद पर बने रहना चाहते थे,लेकिन एक बैठक के दौरान ग्रोन्डोना ने उनसे कहा कि वह अपने कोंचिंग स्टाफ के सात सदस्यों को बदल दें। उन्होंने कहा कि वह जानते हैं कि मेरे लिए अपने कोचिंग स्टाफ के बिना काम करना असंभव है। मैंने टीम के मलाशिए से लेकर सहायक तक हर किसी का बचाव किया है क्योंकि मेरे कुछ उसूल हैं और मैं उन्हें नहीं बदल सकता।
माराडोना ने कहा कि मैंने अर्जेन्टीना टीम की शर्ट पहनने के लिए अपना सर्वस्व त्याग दिया था। मैं फिर ऐसा करने को तैयार हूं। मुझे लगता है कि खिला़डयों को भी इस बात का अहसास है कि फुटबाल ही मेरी जिंदगी है। विश्व कप में हार के बावजूद माराडोना को कोच बनाए जाने की समर्थक राष्ट्रपति क्रिस्टिना फर्नांडीज ने भी इस प्रकरण पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि माराडोना ने ऐसे वक्त टीम की कमान संभाली थी जब टीम संकट के दौर से गुजर रही थी। कई लोगों को लगता था कि हम दक्षिण अफ्रीका के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाएंगे, लेकिन माराडोना ने इसे संभव कर दिखाया।
