टेस्ट से होती है खिलाडी की परीक्षा : द्रविड
नइ दिली। भारतीय टीम की ‘दीवार’ के नाम से मशहर राहल शरद विड टेट मचों को किकेट के सभी पों में सवश्रेठ आकते है योंकि इससे खिलाडी की शारीरिक, मानसिक आर तकनीकी क्षमता की परीक्षा होती है। इदार में ११ जनवरी १९७३ को जमे विड अपना ३७वा जमदिन मनायेंगे।
उहोंने हाल में टेट के भविय के बारे में पूछे जाने पर कहा था कि म टेट किकेट के भविय के बारे में काफी सकारामक । म काफी युवा खिलाडियों को जानता ह जो टेट किकेट खेलना चाहते ह। टेट किकेट पिछले १३० सालों से चला आ रहा ह आर वनडे, दिन रा आर अब टवेंटी२० की चुनातियों के बावजूद बरकरार है। उहोंने कहा था कि यह अब भी उतना ही रोमाचक ह, जितना पहले हआ करता था। यह किकेट का ऐसा ाप ह जिसमें खिलाडी की शारीरिक, मानसिक आर तकनीकी क्षमता की परीक्षा होती ह। बीसीसीआइ ने कलेंडर वष में आर अधिक टेट मच शामिल करने के लिये कदम उठाये ह। विड ने १३७ टेट मचों में ५३६० के आसत से ११२५६ आर ३३९ वनडे में ३९४३ के आसत से १०७६५ रन बनाये ह। वह टेट किकेट में ११,००० रन का आकडा पार करने वाले सचिन तेंदुलकर के बाद दूसरे भारतीय व विव के पाचवें खिलाडी ह। विड एकमा ऐसे अतराटीय बलेबाज ह, जिहोंने सभी १० टेट खेलने वाले देशों के खिलाफ शतक जडा है।
विड ने इलड के खिलाफ दूसरे टेट में सजय माजरेकर की जगह सारव गागुली के साथ टेट आगाज किया योंकि माजरेकर दारे के पहले मच में चोटिल हो गये थे। इसमें उहोंने ९५ रन बनाये थे। लेकिन विड के करियर का वणिम दार गागुली की कतानी में २००१ में कोलकाता में शु हआ था।
टेट मचों में लगातार १६ जीत के आटेलिया के रिकाड को इडन गाडन में समात करने के दारान वीवीएस लमण की २८१ रन की पारी सभी को अछी तरह याद ह, लेकिन विड ने भी इस मच में महवपूण योगदान दिया था आर १८० रन बनाकर लमण के साथ पाचवें विकेट के लिये ३७६ रन जोडे थे। इसके बाद उनके करियर का वणिम दार शु हआ।
विड भारत की ओर से तीसरे नबर पर खेलने वाले सवश्रेठ बलेबाज ह आर इस थान पर उनका आसत ६० के करीब ह, जो डान बडमन को छोडकर खेल के इतिहास में बलेबाजी कम में नियमित नबर तीन बलेबाजी करने वाले खिलाडियों से कहीं अधिक ह। विड ने २००६ में लाहार में पाकितान के खिलाफ वीरें सहवाग के साथ ४१० रन की साझेदारी की थी, जो भारत के लिये किसी भी विकेट के लिये सवश्रेठ भागीदारी थी। लेकिन इसमें विड कतान आर सहवाग उप कतान के प में खेल रहे थे, जिससे यह कतान आर उप कतान के बीच सवाधिक रन की भागीदारी भी है।
विड ने १९९६ के बाद सिंगापुर में श्रीलकाइ टीम के खिलाफ सिंगर कप में विनोद काबली की जगह अपने वनडे करियर की शुआत की थी, लेकिन उहें टीम से हटा दिया गया। फिर उहें इलड दारे के लिये चुना गया आर अब यह बलेबाज भारतीय टेट खिलाडियों में अपना विशेष थान रखता ह। विकेटकीपिंग में भी अपनी धाक जमा चुके इस लबी पारी खेलने वाले खिलाडी के नाम १८८ कच ह, जो टेट किकेट में विव रिकाड ह। इसके अलावा वह १९ विभि जोडीदारों के साथ ८० से यादा शतकीय साझेदारिया निभा चुके ह आर यह भी एक विव रिकाड ह। पूव विड ने इस रणजी टाफी स में कनाटक की तरफ से चार मचों में ४७६ रन बनाकर अपनी टीम को फाइनल में पहचाया।
